UP Crime: दुष्कर्म के बाद काटी मासूम की जीभ और तोड़ दिए थे हाथ, कोर्ट से मिला इंसाफ; गांव में खामोशी
बांदा के कालिंजर में छह साल की एक बच्ची से दुष्कर्म के बाद उसकी जीभ काटने और हाथ तोड़ने के एक मामले में दोषी अमित वर्मा को कोर्ट ने मौत की सजा सुनाई ...और पढ़ें

दुष्कर्म के बाद मासूम की जीभ काटने के दोषी को फांसी की सजा होने का मामला। प्रतीकात्मक तस्वीर
HighLights
दोषी अमित वर्मा को मासूम से दुष्कर्म मामले में मृत्युदंड
फैसले के बाद गांव में तनावपूर्ण खामोशी छाई
कुछ घरों में न्याय मिलने की खुशी में दीए जले
जागरण संवाददाता, बांदा । उत्तर प्रदेश के बांदा में एक मासूम के साथ दुष्कर्म करने के बाद उसकी जीभ काटकर नाली में फेंक देने व हाथ तोड़ने के मामले में दोषी को सजा सुनाए जाने के बाद गांव में तनावपूर्ण खामोशी छाई है। गांवदारी के चलते गांव में कोई ग्रामीण खुलकर कुछ बोलने को तैयार नहीं है। हालांकि घटना के बाद आए फैसले से गांव में सन्नाटा पसर गया है। बुधवार को पूरे दिन क्षेत्र में इस फैसले की चर्चा होती रही ह।
कालिंजर थाने के एक गांव में 25 जुलाई 2025 को घर के बाहर खेल रही एक छह वर्षीय बच्ची को मुहल्ले के युवक अमित वर्मा ने दुकान से पान मसाला मंगाने के बहाने बुलाया था। बाद में युवक ने मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म किया था। इस दौरान उसने बच्ची के साथ बर्बरता करते हुए उसका बायां हाथ तोड़ दिया था। बच्ची के स्वजन जब उसे खोजते हुए अमित के घर पहुंचे तो वह दीवार फांदकर मौके से भाग गया था। पीड़ित के पिता ने 26 जुलाई को कालिंजर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
मामले में विवेचक दीपेंद्र सिंह ने 12 नवंबर को अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था। इसके बाद मुकदमे की सुनवाई तेजी से आगे बढ़ी। घटना के बाद पुलिस ने दोषी को मुठभेड़ में गोली मारकर घायल करने के बाद जेल भेज दिया था। मंगलवार को न्यायालय ने दोषी को मृत्युदंड की सजा सुनाते हुए आरोपी को तब तक फांसी पर लटकाने का फैसला सुनाया था जब तक उसकी जान न निकल जाए।
फैसले के बाद गांव में बुधवार को सन्नाटा पसरा रहा, लेकिन गांव व क्षेत्र में हर जगह घटना व उसके बाद आए फैसले की चर्चा होती रही। दबी आवाज में सभी के मुंह से यही निकल रहा है कि दोषियों को ऐसी ही सजा मिलनी चाहिए, जिससे ऐसी घटना करने के पहले अन्य अपराधियों की रूह कांप जाए। ऐसे अपराधी अंजाम के बारे में सोचकर ही सिहर उठे।
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खुशी में घरों में जलाए गए दीए
एक तरफ जहां गांव के कुछ लोग खुलकर इस मामले पर कुछ बोल नहीं रहे हैं। वहीं दूसरी ओर कुछ घरों में फैसले के बाद रात में ही घरों के अंदर लोगों ने दीए जलाए। उन्होंने न्यायालय के फैसले को सम्मानजनक बताते हुए फांसी के निर्णय को सही बताया है।