Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    चार्जिंग पोर्ट से लीक हुई डिटेल? Banda PHC अधीक्षक बने साइबर ठगी का शिकार, 15 UPI ट्रांजेक्शन में लाखों गायब

    Updated: Mon, 13 Apr 2026 09:01 PM (IST)

    बांदा के एक पीएचसी अधीक्षक लखनऊ में मोबाइल चार्ज करते समय साइबर ठगी का शिकार हो गए। अपराधियों ने उनके वेतन खाते से 15 यूपीआई ट्रांजेक्शन के जरिए 6,94, ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    HighLights

    1. पीएचसी अधीक्षक के खाते से 6.94 लाख रुपये की ठगी।

    2. लखनऊ में मोबाइल चार्जिंग के दौरान डेटा लीक की आशंका।

    3. साइबर थाने में मुकदमा दर्ज, पुलिस जांच में जुटी।

    जागरण संवाददाता, बांदा। लखनऊ के एक अस्पताल में मोबाइल चार्ज करना पीएचसी अधीक्षक को भारी पड़ गया। साइबर अपराधियों ने चार्जिंग के दौरान बैंक डिटेल्स हासिल कर उनके वेतन खाते से 15 यूपीआई ट्रांजेक्शन के जरिए 6,94,505 निकाल लिए। शुरुआती आशंका है कि चार्जिंग पोर्ट के जरिए डाटा लीक हुआ।

    साइबर अपराधियों ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक के बैंक के वेतन खाते से यूपीआई के माध्यम से 6,94505 रुपये उड़ा दिए। अपराधियों ने पूरी धनराशि एक ही दिन में 15 बार में ट्रांजेक्शन कर निकाला है। पीड़ित अधीक्षक को शक है कि लखनऊ अस्पताल में मोबाइल चार्जिंग में लगाने के दौरान साइबर अपराधियों ने बैंक डिटेल पता कर घटना का अंजाम दिया है। एसपी के आदेश पर साइबर थाने में अज्ञात अपराधियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया। साइबर टीम मामले की छानबीन में जुटी है।

    पांच अप्रैल को बेटे का इलाज करने गए थे लखनऊ

    बिसंडा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी अधीक्षक डाक्टर नवीन कुमार चक पांच अप्रैल को अपने बेटे का इलाज कराने लखनऊ के चंदन हास्पिटल गए थे। उसी दिन शाम को करीब 7 बजे से रात 8.15 बजे तक अधीक्षक के बैंक आफ बड़ौदा के वेतन खाते से किसी अज्ञात ने साइबर फ्राड करके 6,94505 रुपये निकाल लिया। देर रात इलाज के लिए रुपये की आवश्यकता पड़ने पर जब पीएचसी अधीक्षक एटीएम में रुपये निकालने गए तो उसमें खाते का बैलेंस जीरो होने की जानकारी हुई।

    एफआईआर नहीं दर्ज हुई तो एसपी से की शिकायत

    परेशान होकर पीएचसी अधीक्षक ने मामले की जानकारी हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दी। लेकिन उनकी एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। इससे पीएचसी अधीक्षक ने एसपी पलाश बंसल को शिकायती पत्र देकर मामले की जानकारी दी। साथ ही एफआईआर दर्ज करवाने व पैसा वापस दिलवाने के लिए कार्रवाई कराने की मांग की। बाद में एसपी के आदेश पर साइबर थाने में रविवार रात पीएचसी अधीक्षक की तहरीर पर मुकदमा दर्ज हुआ। एसपी का कहना है कि साइबर टीम रुपये वापस कराने की प्रक्रिया में जुटी है। साथ ही साइबर अपराधियों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

    खबरें और भी

    एक बार पहले भी हजारो रुपये हुए थे पार, आज तक नहीं मिले

    पीएचसी अधीक्षक ने बताया कि उनके इसी बैंक खाते से एक बार 2014 में 28 हजार रुपये निकल लिए गए थे। जिसकी शिकायत उन्होंने पुलिस से लेकर बैंक अधिकारियों से की थी। लेकिन अभी तक रुपये वापस नहीं हुए हैं। उनकी मांग है कि इस बार बड़ी धनराशि उनके खाते से निकली है। मामले को गंभीरता से लेकर सक्रियता के साथ कार्रवाई की जाए। जिससे उन्हें राहत मिल सके।

    यह भी पढ़ें- Kanpur Kidney Racket: फर्जी डॉक्टर, असली सरगना! सिम गंगा में फेंका, फिर भी नहीं बचा

    यह भी पढ़ें- Kanpur के Delivery Boy के खाते से Rs 130 करोड़ का खेल! 19 कंपनियों से जुड़े तार, कानपुर पुलिस भी हैरान

    यह भी पढ़ें- Kanpur में Dubai वाले 'गेमिंग सिंडिकेट' का भंडाफोड़: 76 बैंक खातों से करोड़ों का खेल, 8 गिरफ्तार

    यह भी पढ़ें- Kanpur में बनेगा नया ट्रांसगंगा सिटी पुल, जमीन अधिग्रहण शुरू, 753 करोड़ से बनेगा 4 किमी लंबा पुल