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    बिजनौर में कांवड़ियों ने जनाजे के लिए रोकी यात्रा, गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल

    Updated: Wed, 12 Aug 2026 01:08 AM (IST)

    बिजनौर के स्योहारा में कांवड़ियों ने पूर्व सभासद नसीम जफर के जनाजे के सम्मान में अपनी यात्रा और डीजे रोक दिया। इस भावुक पल का वीडियो वायरल होने पर लोग ...और पढ़ें

    एआई जेनेरेटेड इमेज।

    एआई जेनेरेटेड इमेज।

    HighLights

    1. कांवड़ियों ने जनाजे के सम्मान में यात्रा रोकी।

    2. डीजे बंद कर आपसी सौहार्द का संदेश दिया।

    3. वीडियो वायरल होने पर भाईचारे की सराहना हुई।

    संवाद सूत्र, स्योहारा (बिजनौर)। पूर्व सभासद मास्टर नसीम जफर के जनाजे के दौरान स्योहारा की गंगा-जमुनी तहजीब की ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने हर किसी का दिल जीत लिया। रविवार को जनाजा मुख्य मार्ग से होकर गुजर रहा था।

    इसी दौरान हरिद्वार से कांवड़ लेकर लौट रहे कांवड़ियों ने अपनी यात्रा रोक दी। जनाजे के सम्मान में डीजे भी बंद कर दिया गया। जनाजा आगे निकलने के बाद कांवड़ियों ने कुछ दूरी पर पहुंचकर फिर से अपनी यात्रा शुरू की और डीजे बजाया।

    इस भावुक पल का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो गया। वीडियो देखकर लोगों ने स्योहारा की तहजीब और आपसी भाईचारे की सराहना की।

    इंटरनेट मीडिया पर लोगों ने ‘हिंदू-मुस्लिम एकता जिंदाबाद’ के नारे के साथ टिप्पणी की कि ‘यही असली हिंदुस्तान है।’ लोगों का कहना था कि नसीम जफर हमेशा आपसी सौहार्द के हिमायती रहे और जाते-जाते भी वह समाज को भाईचारे की एक मिसाल दे गए।

    ‘एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान जरूरी’

    शहर इमाम मौलाना कामिल अंसारी ने कहा कि कांवड़ियों ने अपनी सभ्यता का परिचय देते हुए जनाजे के सम्मान में यात्रा रोककर और डीजे बंद कर अच्छा संदेश दिया है। स्योहारा सदैव अमन-चैन और भाईचारे को पसंद करने वाला शहर रहा है।

    डॉ. मनोज वर्मा ने कहा कि स्योहारा की पहचान ही गंगा-जमुनी तहजीब से है। नसीम जफर के जनाजे के दौरान कांवड़ियों द्वारा यात्रा रोककर संवेदना व्यक्त करना इसी परंपरा को नई पहचान देता है। समाज में एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान होना चाहिए।

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