गजब हो गया; इटावा में गर्मी से बचने को एक शख्स ने हिलाया लाल गमछा, ड्राइवर ने खतरा समझ 80 की रफ्तार से दौड़ती ट्रेन के मारे ब्रेक
दिल्ली-हावड़ा रेलमार्ग पर इटावा के पास एक व्यक्ति के लाल गमछा लहराने पर इंटरसिटी एक्सप्रेस को इमरजेंसी ब्रेक लगाकर रोका गया। बाद में आरपीएफ ने व्यक्ति ...और पढ़ें

(Photo Source - AI Generated)
HighLights
ट्रैक किनारे लाल गमछा लहराते व्यक्ति को देख चालक ने दिखाई सूझबूझ
12 मिनट तक खड़ी रही इंटरसिटी, बाद में पता चला मानसिक रूप से अस्वस्थ है व्यक्ति
जागरण संवाददाता, इटावा। उत्तर प्रदेश के इटावा में एक बेहद ही अनोखा मामला सामने आया है। तेज गर्मी में एक शख्स को दिल्ली हावड़ा ट्रैक के किनारे गमछा हिलाना ट्रेन यात्रियों के लिए मुसीबत बन गया। करीब 12 मिनट तक ट्रेन को रोकना पड़ गया।
दिल्ली-हावड़ा रेलमार्ग पर आगरा-लखनऊ इंटरसिटी एक्सप्रेस के चालक ने रेलवे ट्रैक किनारे लाल (केसरिया) गमछा लहराते एक व्यक्ति को देखकर खतरे का संकेत समझ लिया और 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ रही ट्रेन में इमरजेंसी ब्रेक लगा दिए। अचानक ट्रेन रुकते ही यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। बाद में आरपीएफ ने संबंधित व्यक्ति को पकड़ लिया, जो पूछताछ में मानसिक रूप से अस्वस्थ पाया गया।
इटावा की ओर जा रही थी ट्रेन
मंगलवार सुबह करीब 8:26 बजे ट्रेन संख्या 12180 दिल्ली-आगरा-लखनऊ इंटरसिटी एक्सप्रेस आगरा से इटावा की ओर जा रही थी। इसी बीच इटावा-सरायभूपत रेलखंड के कटेखेड़ा गांव के पास किलोमीटर संख्या 1163/32 पर चालक ने ट्रैक के उत्तरी किनारे एक व्यक्ति को लाल गमछा लहराते देखा। रेलवे नियमों के अनुसार लाल कपड़ा या झंडी खतरे का संकेत माना जाता है, इसलिए चालक ने तत्काल सूझबूझ दिखाते हुए इमरजेंसी ब्रेक लगा दिए।
यात्रियों को लगा झटका
अचानक ब्रेक लगने से ट्रेन में बैठे यात्रियों को तेज झटका लगा और कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। बिना किसी पूर्व सूचना के बीच ट्रैक पर ट्रेन रुकने से यात्रियों में भी बेचैनी फैल गई। सूचना मिलते ही आरपीएफ एस्कार्ट स्टाफ मौके पर पहुंचा और गमछा लहरा रहे व्यक्ति को हिरासत में लेकर आरपीएफ पोस्ट पर ले आया। पूछताछ में उसकी पहचान 52 वर्षीय शंभू सिंह निवासी रमी का वर थाना बढ़पुरा हाल पता कृष्णा पुरम कालोनी सिविल लाइंस के रूप में हुई।
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घर से लापता था शख्स
मामले की सूचना स्वजन को दी गई। मौके पर पहुंचे पुत्र दीपक ने बताया कि उनके पिता वर्ष 2020 से मानसिक बीमारी का उपचार करा रहे हैं। वह पूर्व में भी घर से लापता हो चुके हैं और सोमवार दोपहर फिर बिना बताए निकल गए थे, जिनकी तलाश की जा रही थी।
तेज गर्मी की वजह से लहराया गमछा
पुत्र का कहना है कि उनके पिता ने जानबूझकर ट्रेन रोकने का प्रयास नहीं किया, बल्कि तेज गर्मी के कारण हाथ में रखा गमछा हिला रहे थे। स्वजन ने आरपीएफ को पकड़े गए व्यक्ति के मानसिक रोग से पीड़ित होने की बात बता चिकित्सकीय दस्तावेज भी उपलब्ध कराए गए है। जिसकी आरपीएफ द्वारा जांच कराई जा रही है।
मेडिकल के बाद होगी कार्रवाई
आरपीएफ के कार्यवाहक थानाध्यक्ष एसआई हीराचंद्र मीना ने बताया कि चालक के केसरिया गमछा देख ट्रेन रोके जाने के कारण इंटरसिटी एक्सप्रेस करीब 12 मिनट तक डाउन ट्रैक पर खड़ी रही और सुबह 8:38 बजे पुनः रवाना की गई। गमछा दिखाने वाले व्यक्ति को मौके से पकड़कर उसे चिकित्सीय परीक्षण के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है, जहां से उसे विशेषज्ञ जांच के लिए आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई रेफर किया गया। मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।