इटावा में राज्यमंत्री जेपीएस राठौर ने कहा, 2017 से पहले UP में दंगे होते थे, भाजपा की सरकार बनने के बाद विकास कार्य हो रहे
राज्य मंत्री जेपीएस राठौर ने इटावा में सहकारिता क्षेत्र में सुधार और भ्रष्टाचार पर सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति पर जोर दिया। उन्होंने इटावा सहकारी बैंक ...और पढ़ें

कृषि इंजीनियरिंग कालेज में पौधारोपण करते सहकारिता राज्यमंत्री जेपीएस राठौर (बाएं से दूसरे)। जागरण
HighLights
भ्रष्टाचार पर सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति एकदम स्पष्ट।
इटावा सहकारी बैंक घोटाले के आरोपित जेल में, कार्रवाई जारी।
हैंवरा प्रशिक्षण केंद्र का एक महीने में होगा सुधार।
जागरण संवाददाता, इटावा। प्रदेश के सहकारिता राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार जेपीएस राठौर ने कहा है कि प्रदेश सरकार सहकारिता को तेजी से आगे बढ़ा रही है। जनपद में सहकारिता प्रशिक्षण केंद्र हैंवरा के बंद होने के संबंध में उन्होंने बताया कि एक महीने के भीतर इस प्रशिक्षण केंद्र की व्यवस्था में सुधार किया जाएगा। 15 अगस्त तक जर्जर भवन के स्थान पर नई इमारत का निर्माण कार्यशुरू हो जाएगा। इसके साथ ही इस केंद्र में प्रशिक्षण का कार्य भी प्रारंभ किया जाएगा। प्रशिक्षण केंद्र में सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
उन्होंने कहा कि जहां सरकार आम जनता को सहकारिता से सीधे लाभान्वित कर रही है, वहीं भ्रष्टाचार करने वालों पर भी कड़ी कार्रवाई की जा रही है। इटावा सहकारी बैंक में 102 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है, जिसमें कई आरोपित जेल में हैं। आगे की कार्रवाई भी चल रही है। उन्होंने कहा कि जीरो टालरेंस की नीति के आधार पर कार्य किया जा रहा है।
पौधारोपण कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में राठौर ने बताया कि पहले 16 सहकारी बैंक बंद थे, जिन्हें फिर से संचालित किया गया है। भ्रष्टाचार पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि सभी समितियों को सक्रिय किया जाएगा। कई समितियां सक्रिय हो चुकी हैं और इन समितियों पर खाद समय पर पहुंच रही है, जिससे किसानों को खाद के लिए परेशान नहीं होना पड़ता।
उन्होंने यह भी कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में अराजकता, गुंडाराज और दंगे होते थे, लेकिन भाजपा की सरकार बनने के बाद विकास कार्य हो रहे हैं। प्रदेश में खाद्य विक्रेताओं की दुकानों पर नेम प्लेट लगाए जाने के मामले में राठौर ने कहा कि इसमें गलत क्या है। यदि कोई व्यक्ति खाद्य सामग्री खरीदता है और उसे कोई परेशानी होती है, तो शिकायत किससे करेगा। इसलिए नेम प्लेट होना आवश्यक है, जिससे उपभोक्ता को पता चल सके कि उसने सामग्री कहां से खरीदी। यह उपभोक्ता का अधिकार है। विधायक सरिता भदौरिया, भाजपा जिला अध्यक्ष अरुण कुमार गुप्ता, पूर्व जिला अध्यक्ष गोपाल मोहन शर्मा, अजय धाकरे, प्रांतीय परिषद के सदस्य नवल शुक्ला, रोहित शाक्य समेत अन्य नेता उपस्थित रहे।