दिल्ली में Zen G आंदोलन में ही फतेहपुर छात्र ने बना लिया था Alpha आंदोलन का प्लान, साथ मिला तो दिखा दी ताकत
फतेहपुर के सर्वोदय इंटर कॉलेज में छात्रों ने बिजली, पानी और फर्नीचर जैसी समस्याओं को लेकर आंदोलन किया, जिसकी प्रेरणा दिल्ली के जंतर-मंतर से मिली थी। छ ...और पढ़ें

कालेज के गेट पर हंगामा काटते छात्र-छात्राएं। जागरण
HighLights
सर्वोदय इंटर कालेज किशुनपुर में छात्र आंदोलन का मामला, दिल्ली में आंदोलन में शामिल होकर वहां से आया था आइडिया
4 घंटे में समाधान का आश्वासन मिला था, छात्रों की मांगों पर काम प्रारंभ, मूलभूत जरूरतें पूरी न करने पर प्रबंधन को नोटिस
6 दिन में आंदोलन खड़ा किया, जंतर-मंतर कनेक्शन पर भी जांच शुरू, 300 रुपये में बनवाए गए थे बैनर-पोस्टर
जागरण टीम, फतेहपुर। बिजली, पेयजल व फर्नीचर जैसी समस्याओं पर सर्वोदय इंटर कालेज किशुनपुर में छात्रों का गुस्सा मंगलवार को एक साथ यूं ही नहीं फूट पड़ा था।, इसके लिए नेतृत्वकर्ताओं को रणनीति तैयार करने में छह दिन लग गये। प्रधानाचार्य से समस्याओं के लिए पहले ही आवाज लगा चुका अंकुर दिल्ली के जंतर-मंतर में हो रहे छात्रों के आंदोलन में पहुंचा तो वहीं पर मन में कालेज के आंदोलन का खाका तैयार कर लिया।
10 साथियों की टीम ने छह दिन में आंदोलन ऐसा खड़ा कर दिया कि चार घंटे में समाधान मिल गया। खास बात यह है आंदोलन के सभी नेतृत्वकर्ता साधारण परिवारों से जुड़े हैं। कुछ लोग इस आंदोलन के तार विद्यालय के प्रबंधकीय विवाद से जोड़ रहे हैं।
स्कूल में संसाधन बेहद कम
74 साल पुराने वित्तपोषित विद्यालय में किशुनपुर कस्बे के अलावा यमुना के उसपार बांदा जिले के कई गांव से छात्र पढ़ने आते है। 17 कमरों में 1800 की छात्रसंख्या को देखते हुए विद्यालय में संसाधनों की बेहद कमी है। यह कमियां सालों-साल से बनी है लेकिन छात्र इस तरह अक्रामक कभी नहीं हुए।
सर्वोदय इंटर कालेज गेट के बाहर प्रदर्शन करते छात्र। जागरण
दिल्ली में आंदोलन के दौरान स्कूल की याद आई समस्या
सवाल यह खड़ा हो रहा है कि मंगलवार का घटनाक्रम रणनीति का एक हिस्सा था या फिर छात्रों का गुस्सा। कस्बे के ही रहने वाले अंकुर की मानें तो इंटरनेट मीडिया में दिल्ली के जंतर-मंतर में चल रहे छात्र आंदोलन में गया तो दिमाग में अपने स्कूल की समस्या नाचने लगी। वहीं पर इस आंदोलन को करने की ठान ली थी।
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वाट्सएप ग्रुप पर साथियों को जोड़ा
स्कूल जाकर वाट्सएप ग्रुप से साथियों को जोड़ा। अव्यवस्थाओं से नाराज छात्र-छात्राओं तक आंदोलन के बारे में बताया गया तो सभी लोग सहज तैयार हो गये। कहा कि आपस में चंदा कर तीन सौ रुपये में बैनर-पोस्टर खागा से तैयार कराए।
अंकुर कुमार।
पिता ने जताई आंदोलन की अनभिज्ञता
ठेलिया व फेरी लगाकर परिवार चलाने वाले अंकुर के पिता अशोक कुमार आंदोलन में बेटे ने नेतृत्व पर अनभिज्ञता जताई, कहा कि उसमें तो सभी बच्चें शामिल थे। अंकुर के साथी स्मिथ कुमार के पिता नागेंद्र सोनकर, प्रदीप के पिता लल्लन मजदूरी करते है। इस आंदोलन से आठ छात्र व पांच छात्राओं ने नेतृत्व किया।
विरोध प्रदर्शन करते छात्रों को समझाते पुलिस कर्मी। जागरण
अभिभावक, रिश्तेदार या फिर बाहर से आए थे रीलबाज
छात्र आंदोलन की फोटो, वीडियो के साथ एक रील इंटरनेट मीडिया में प्रचलित हो रही है। प्रचलित वीडियो में एक युवक दिखाई दे रहा है जो छात्रों के एक समूह को कुछ समझा रहा है। ऐसा माना जा रहा है कि उक्त युवक छात्रों को आंदोलन के बारे में कुछ समझा रहा है। हालांकि प्रचलित वीडियो में यह स्पष्ट नहीं हो रहा है। कई और वीडियो व रील इंटरनेट मीडिया में प्रचलित हो रहे हैं। जिनमें पुलिस इस तथ्य की जांच कर रही है कि छात्रों के साथ में उनके अभिभावक व रिश्तेदारों के अलावा किसी बाहरी व्यक्ति की सक्रियता तो नहीं रही। पुलिस, प्रचलित वीडियो संकलित करके बाहरी रीलबाजों के बारे में जानकारी एकत्र कर रही है।
इधर, दो घंटे जांच कर अफसरों ने जुटाए तथ्य, शासन भेजी जाएगी रिपोर्ट
जंतर-मंतर की तर्ज पर किशुनपुर कस्बे के सर्वोदय इंटर कालेज में धरना देने वाले अल्फा-जेनजी छात्रों की 90 प्रतिशत मांगे सिर्फ 24 घंटे के भीतर पूरी हो गई हैं। कालेज के धरने में जंतर-मंतर कनेक्शन का जुड़ाव पाए जाने पर खुफिया पुलिस व मजिस्ट्रेट ने जांच प्रारंभ कर दी है।
300 रुपये में बनवाया बैनर व तख्ती
शुरुआती जांच में पाया गया है कि धरने के लिए खागा तहसील मुख्यालय में तीन सौ रुपये देकर प्रदर्शन के लिए बैनर व तख्ती बनवाई गई थीं, इस धरने के पीछे मुख्य रूप से छह युवाओं का हाथ रहा, जिसमें चार उसी स्कूल के हैं। बीते दिनों यह जंतर-मंतर के धरने में शामिल होने गए थे। लौटने के बाद उन्होंने कुछ लोगों की सह पर धरना दिया।
किशुनपुर कस्बा स्थिति सर्वोदय इंटर कालेज में शिक्षकों से पूछताछ करते जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार व सीओ खागा रवि कुमार। जागरण
सभी स्कूलों के साथ डीआईओएस की बैठक
उधर डीआईओएस ने सभी 72 स्कूलों के प्रबंधक और प्रिसिंपल के साथ बैठक कर सभी स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने का निर्देश दिया है। व्यवस्था के अभाव में प्रदर्शन आदि होने पर प्रबंधक और प्रधानाचार्य के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
36 नए पंखे लगवाए गए
मांग के मुताबिक कालेज के हर कक्ष में चार पंखे लगाने थे, बुधवार को एसडीएम व डीआइओएस की देखरेख में 36 नए पंखे लगवाए गए। 20 पंखे गुरुवार तक और लगाए जाएंगे। वहीं स्कूल में एसडीएम अश्वनी पांडेय ने बच्चों, शिक्षकों और प्रधानाचार्य से बात की। छात्रों के विरोध-प्रदर्शन की चर्चा दूसरे दिन भी होती रही। लोग छात्रों के आंदोलन को अपने-अपने ढंग से परिभाषित कर रहे हैं।
मिड डे मील भोजन की गुणवत्ता भी जांची
मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता जांचने के लिए विजयीपुर बीआरसी कार्यालय से एक टीम भेजी गई। एआरपी विजयीपुर प्रदीप शुक्ला व सुशील कुमार मौर्य ने मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता की जांच की। कक्षा छह, सात व आठ में पढ़ने वाले छात्रों से बीआरसी की टीम ने भोजन की गुणवत्ता के बारे में पूछताछ की। जिसमें सबकुछ ठीक पाया गया। बुधवार को कालेज का गेट नियत समय से पहले ही खुल गया। पेयजल, बिजली, पंखा, साफ-सफाई आदि व्यवस्थाओं को दुरुस्त कराने के लिए प्रधानाचार्य लालबहादुर सिंह, शिक्षक व कर्मचारियों की टीम लगी रही।
खुफिया विभाग जुटा रही आंदोलनकारी छात्रों की जानकारी
उधर विरोध-प्रदर्शन का नेतृत्व करने वाले छात्र अंकुर कुमार व उसके दोस्तों के बारे में पुलिस व खुफिया विभाग की टीम जानकारी कर रही है। अभी तक की जांच में स्पष्ट हुआ है कि सभी बच्चों का संबंध साधारण परिवारों से है। अधिकांश बच्चे, किशुनपुर कस्बा के रहने वाले हैं। अंकुर, स्मिथ और प्रदीप के पिता मजदूरी करते हैं, जबकि नेमचंद्र के पिता का स्वर्गवास हो चुका है।
इन मुद्दों को लेकर किया विरोध प्रदर्शन
मंगलवार को हुए विरोध-प्रदर्शन के बारे में ज्यादातर छात्रों का कहना था हवा, पेयजल, रोशनी व गंदगी की समस्या का समाधान जब शिकायतों के बाद नहीं हो सका तो आंदोलन का सहारा लिया गया। डीएम निधि गुप्ता वत्स ने कहा कि कालेज में मूलभूत सुविधाओं का न होना गलत है, इसके लिए प्रबंधक को नोटिस देकर जवाब तलब किया गया। संपूर्ण प्रकरण की ब्रीफिंग शासन के उच्चाधिकारियों को कर दी गई है, जरूरत पर रिपोर्ट भी भेजी जाएगी।
समस्याओं के समाधान पर तेजी से काम हो रहा
उधर, कॉलेज के प्रबंधक निखिल अग्निहोत्री ने कहा कि बच्चों की मांगें जायज हैं और सभी पर काम शुरू है। शुद्ध पेयजल की उपलब्धता, प्रत्येक कक्ष में चार पंखे, साफ-सुथरे टायलेट तथा बेहतर खेल मैदान की व्यवस्था पर तेजी से काम हो रहा है। फर्नीचर व बिल्डिंग मरम्मत की दिशा में प्रबंधन पूरी तरह से गंभीर है। वह सिर्फ एक माह पहले ही प्रबंधक चुने गए हैं।
उत्पीड़न हुआ तो आंदोलन, निष्पक्ष जांच की मांग
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य शिवाकांत तिवारी व ओम प्रकाश गिहार ने बुधवार को डीआइओएस कार्यालय में पहुंच कर ज्ञापन सौंपा। सर्वोदय इंटर कालेज से जुड़े प्रकरण की निष्पक्ष, जांच करने की मांग उठाई और कहा कि अगर छात्रों का उत्पीड़न किया गया तो इसके लिए वह आंदोलन करेंगे। मांग उठाई कि दोषी है तो कार्रवाई हो, लेकिन किसी भी छात्र या छात्रा का मानसिक, शारीरिक अथवा प्रशासनिक उत्पीड़न किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं है। विद्यार्थियों ने अपनी समस्याओं को लोकतांत्रिक तरीके से उठाया है तो उनकी बात को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। इस मौके पर मोसिन खान समेत अन्य मौजूद रहे।
किशुनपुर सर्वोदय इंटर कालेज प्रांगण में प्रदर्शन कर रहे छात्रों को समझाते डीआइओएस राकेश कुमार। जागरण
छात्र आंदोलन के बाद घर नहीं पहुंची हाईस्कूल की छात्रा
कस्बा स्थित कालेज में मंगलवार को हुए छात्रों के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के बाद हाईस्कूल की छात्रा घर नहीं पहुंची। देर शाम तक बेटी के घर न पहुंचने पर मां ने खोजबीन शुरू की, लेकिन कुछ पता नहीं चला। बुधवार को लापता किशोरी की मां ने पहले कालेज में जानकारी की। इसके बाद थाने में बेटी के लापता होने की तहरीर दी है। इस पर गुमशुदगी दर्ज कर पुलिस छात्रा को खोजने में जुटी हुई है।
सहेली के घर ड्रेस बदलने की बात कही
मंगलवार को छात्रों का विरोध-प्रदर्शन समाप्त होने के बाद सभी छात्र-छात्राएं दोपहर में घर लौट गए। वहीं हाईस्कूल कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा घर नहीं पहुंची। चर्चा रही कि वह अपनी सहपाठी सहेली से मिलने के लिए उसके घर गई। सहेली के घर पर उसने ड्रेस बदलने की बात कही तो सहेली व उसके स्वजन ने मना कर दिया। जिस पर थोड़ी देर रुकने के बाद वह वहां से चली गई। लापता किशोरी की मां ने बताया कि प्रतिदिन की तरह ही बेटी साइकिल से कालेज गई थी। 24 घंटे से अधिक समय तक बेटी के लापता होने पर वह परेशान हैं। एसओ मनीष सिंह ने बताया कि छात्रा के लापता होने की सूचना मिलने पर गुमशुदगी दर्ज कर उसे खोजा जा रहा है।
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