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    टूट गई आखिरी उम्मीद: जिस बेटे की गुमशुदगी दर्ज कराने पहुंचे, दो घंटे पहले फिरोजाबाद में लावारिस में हुआ उसका अंतिम संस्कार

    Updated: Mon, 03 Aug 2026 02:53 PM (GMT+05:30)

    बेटे की गुमशुदगी दर्ज कराने थाने पहुंचे पिता को यह जानकर गहरा सदमा लगा कि उसके बेटे का शव दो घंटे पहले ही लावारिस मानकर अंतिम संस्कार कर दिया गया था। ...और पढ़ें

    सांकेतिक तस्वीर।

    सांकेतिक तस्वीर।

    HighLights

    1. पिता गुमशुदगी दर्ज कराने पहुंचे, बेटे का हो चुका था अंतिम संस्कार

    2. पुलिस ने लावारिस समझकर शव का कर दिया था अंतिम संस्कार

    3. पिता ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया, हत्या की आशंका जताई

    संवाद सहयोगी, शिकोहाबाद। बेटे की तलाश में भटक रहे पिता की उम्मीद उस समय टूट गई, जब वह गुमशुदगी दर्ज कराने के लिए थाने पहुंचे और पता चला कि महज दो घंटे पहले ही उसके बेटे का लावारिश समझकर अंतिम संस्कार कर दिया गया है। यह सुनते ही पिता थाने में ही फफक पड़ा। वह बार-बार यही कहता रहा कि थोड़ी पहले सूचना मिल जाती तो कम से कम बेटे का आखिरी बार स्वजन चेहरा तो देख लेते।

    विधिविधान से उसका अंतिम संस्कार कर लेते। पिता की हालत देखकर पुलिसकर्मियों की आंखें भी भर आईं, लेकिन सांत्वना देने के अलावा उनके पास और कुछ नहीं था। युवक की मृत्यु की खबर से घर में मातम छा गया।

    आखिरी बार बेटे का चेहरा न देख पाने के कारण फफक पड़े स्वजन

    स्वामी नगर निवासी 29 वर्षीय हरिशंकर मंगलवार शाम चार बजे घर से निकले, इसके बाद वापस नहीं लौटे। स्वजन ने गुरु पूर्णिमा पर मथुरा जाने की संभावना के चलते उस समय तलाश नहीं की। मंगलवार रात तीन बजे स्वामी नगर से कुछ दूरी पर रेलवे ट्रैक के पास हरिशंकर का शव पड़ा होने की सूचना रेलवे अधिकारियों से पुलिस को मिली थी। अज्ञात में मिले शव की पुलिस ने शिनाख्त कराने का प्रयास किया। सफलता नहीं मिलने पर शव को मोर्चरी भिजवाया।

    रेलवे ट्रैक पर शव मिला था, पुलिस ने 72 घंटे तक किया इंतजार

    72 घंटे की निर्धारित समय सीमा बीतने के बाद भी जब शव की शिनाख्त नहीं हुई तो शनिवार को शिकोहाबाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। शनिवार शाम 5:30 बजे फिरोजाबाद के क्लब चौराहे के पास स्थित श्मशान घाट पर शव का अंतिम संस्कार पुलिस ने करा दिया। शनिवार सुबह तक हरिशंकर के वापस नहीं लौटने पर स्वजन ने तलाश शुरू की। शनिवार शाम 7:30 बजे पिता रनवीर सिंह स्वामी नगर वार्ड के पार्षद प्रतिनिधि संजू यादव के साथ बेटे के लापता होने की गुमशुदगी दर्ज कराने के लिए शिकोहाबाद थाने पहुंचे। पुलिसकर्मियों ने उन्हें रेलवे ट्रैक पर मिले शव की फोटो दिखाई। बेटे के रूप में उन्होंने शव की पहचान की।

    दो घंंटे पहले हुआ था लावारिस में अंतिम संस्कार

    पुलिसकर्मियों ने जब पिता को बताया कि दो घंटे पहले ही शव का लावारिस हालत में अंतिम संस्कार किया जा चुका है, यह सुनते ही पिता थाने में ही फफक पड़ा। फोन करके घर पर बेटे की मृत्यु होने की सूचना दी। इससे घर में भी कोहराम मच गया। पिता थाने उसे बेटे के कपड़े आदि सामान लेकर घर लौट गया

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    पुलिस पर लापरवाही का आरोप, हत्या की आशंका

    बेटे का आखिरी बार चेहरा न देख पाने के बाद पिता रनवीर सिंह ने हत्या की आशंका जताने के साथ ही पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया। पिता ने कहा कि शव की शिनाख्त नहीं होने पर पुलिस ने अंतिम संस्कार से पहले समाचार पत्रों में विज्ञापन प्रकाशित क्यों नहीं कराया। उन्होंने पुलिस ने मृत्यु के कारणों की निष्पक्ष जांच की मांग की।

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    दो भाई, तीन बहनों में चौथे नंबर का था हरिशंकर

    पिता रनवीर सिंह ने बताया वह फिरोजाबाद के चूड़ी कारखाने में मजदूरी करते हैं। हरिशंकर तीन बहनों और दो भाइयों में चौथे नंबर का था। बड़ी बेटी बेबी, पूनम, बड़े बेटे शिवशंकर और सबसे छोटी बेटी शिवानी की शादी हो चुकी है। हरिशंकर के रिश्ते के लिए बातचीत चल रही थी। उन्होंने बताया कि हरिशंकर गोवर्धन परिक्रमा लगाने चला जाता था। इसलिए उसके लापता होने पर ध्यान नहीं दिया।