फिरोजाबाद: मर्चेंट नेवी कैप्टन का शव डेढ़ माह बाद अबू धाबी से घर पहुंचा, परिवार में मचा कोहराम
मर्चेंट नेवी कैप्टन विकास जैन बल्लू का शव डेढ़ महीने बाद अबू धाबी से फिरोजाबाद के टूंडला स्थित उनके घर पहुंचा। तबीयत खराब होने के कारण उनका निधन अबू ध ...और पढ़ें

विकास जैन का फाइल फोटो
HighLights
मर्चेंट नेवी कैप्टन विकास जैन बल्लू का शव घर पहुंचा।
अबू धाबी में निधन के डेढ़ माह बाद हुआ अंतिम संस्कार।
ईरान-अमेरिका युद्ध के कारण शव आने में हुई देरी।
संवाद सहयोगी, टूंडला (फिरोजाबाद)। मर्चेंट नेवी में कैप्टन का शव डेढ़ महीने बाद मंगलवार को घर पहुंचा। तबीयत खराब होने पर आबूधावी में उनका निधन हो गया था, लेकिन इसकी जानकारी स्वजन को कुछ दिन पूर्व ई-मेल से हुई। मंगलवार शाम स्वजन ने शव का अंतिम संस्कार किया।
स्वजन ने किया अंतिम संस्कार
नगर के जैन गली निवासी 49 वर्षीय विकास जैन बल्लू मर्चेंट नेवी में कैप्टन थे। वह 30 वर्ष से नौकरी कर रहे थे। स्वजन के अनुसार अक्टूबर 2025 में सीने में दर्द होने पर उन्हें दुबई के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 11 मार्च को पत्नी ममता जैन से उनकी अंतिम बार बात हुई थी, उसके बाद कोई बात संपर्क नहीं हो सका।
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जैन गली के थे निवासी, उपचार के दौरान हुई थी मृत्यु
स्वजन उनका हाल जानने के लिए परेशान थे। साथी मित्र कैप्टन मनोज यादव ने अबूधाबी में दूतावास से संपर्क किया। कैप्टन ने बताया कि सौ से अधिक मेल करने के बाद 11 मई को उन्हें साथी के मृत्यु होने की जानकारी मिली।
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ईरान, अमेरिका युद्ध के कारण हुई शव आने में देरी
इसके बाद काफी प्रयास करने पर शव घर आ सका। शव आते ही स्वजन में चीत्कार मच गई। विकास अपने पीछे पत्नी ममता जैन व बेटी आंशी जैन को रोता हुआ छोड़ गए। वह चार भाई-बहनों में चौथे नंबर के थे। शव देरी से आने का कारण ईरान, अमेरिका युद्ध बताया जा रहा है।