गाजियाबाद फ्लैट बुकिंग फर्जीवाड़े में नया खुलासा, 40 नहीं करीब 100 खातों में निवेशकों के पैसे किए थे ट्रांसफर
राजनगर एक्सटेंशन फ्लैट बुकिंग फर्जीवाड़े में एसआईटी की जांच का दायरा बढ़ा है, जिसमें अब तक लगभग 100 बैंक खाते सामने आए हैं। ...और पढ़ें
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सांकेतिक तस्वीर।
HighLights
राजनगर एक्सटेंशन फ्लैट बुकिंग फर्जीवाड़े में जांच का दायरा बढ़ा।
एसआईटी ने अब तक लगभग 100 बैंक खातों की पड़ताल की।
पांच आरोपी गिरफ्तार, मुख्य आरोपी अभी भी पुलिस गिरफ्त से बाहर।
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन में फ्लैट बुकिंग के नाम पर हुए करोड़ों रुपये के फर्जीवाड़े में विशेष जांच टीम (एसआईटी) की जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा है। पहली एफआईआर 27 जून को दर्ज होने के करीब एक महीने बाद जांच में लगभग 100 बैंक खाते सामने आ चुके हैं, जिनमें रकम के लेनदेन की पड़ताल की जा रही है।
40 खातों में मिले थे रकम के लेनदेन के साक्ष्य
शुरुआत में पुलिस को करीब 40 खातों में रकम के लेनदेन के साक्ष्य मिले थे। जांच आगे बढ़ने के साथ खातों की संख्या ढाई गुना हो गई है। पुलिस की अब तक की जांच में सामने आया है कि प्रॉपर्टी एजेंट नितिन शर्मा उर्फ दीपक शर्मा ने अकेले पूरा खेल नहीं किया, बल्कि बिल्डरों की मिलीभगत से निवेशकों को फ्लैट और दुकान दिलाने के नाम पर रकम ली गई।
पुलिस खातों के बीच हुए लेनदेन की कड़ियां जोड़कर यह पता लगा रही है कि निवेशकों से ली गई रकम किन-किन खातों में गई और आखिर में उसका इस्तेमाल कहां हुआ। दूसरी तरफ पहली एफआईआर के एक महीने बाद भी पीड़ित निवेशक सड़क पर हैं।
निवेशकों का आरोप है कि शिकायत मिलने और मुकदमे दर्ज होने के बाद पुलिस ने शुरुआत में जांच और गिरफ्तारी में लापरवाही बरती। इसी का फायदा उठाकर मुख्य आरोपित फरार हो गए। निवेशकों का कहना है कि यदि शुरुआत से बैंक खातों की गंभीरता से जांच और गिरफ्तारी की कार्रवाई होती तो आरोपितों को बच निकलने का मौका नहीं मिलता।
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अब तक तीन केस दर्ज
मामले में अब तक पुलिस कार्रवाई के दौरान निधि मक्कड़ को गिरफ्तार किया गया था, जिन्हें बाद में अदालत से जमानत मिल गई। इसके बाद पुलिस ने प्रेमगिल, हनीगिल, सुरभि शर्मा और मानसी प्रकाश को गिरफ्तार किया। अदालत ने चारों की जमानत अर्जी खारिज कर दी है और वे न्यायिक हिरासत में जेल में हैं। इस तरह अब तक पांच आरोपित गिरफ्त में आए, हालांकि वर्तमान में चार जेल में हैं।
एसआईटी बैंक खातों और रकम के लेनदेन की जांच कर रही है। फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं और जांच में सामने आ रहे साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जियाउद्दीन अहमद, एसीपी नंदग्राम