कांवड़ यात्रा से ठीक पहले बढ़ीं मुश्किलें: रोडवेज की तैयारी पर उठे सवाल, वर्कशाप में धूल फांक रहीं दर्जनों बसें
परिवहन निगम कांवड़ यात्रा के लिए 350 अतिरिक्त बसों की योजना बना रहा है, लेकिन कौशांबी और साहिबाबाद डिपो में कई बसें रखरखाव के अभाव में खड़ी हैं। ...और पढ़ें

डिपो में खड़ी खराब बसें।
HighLights
कांवड़ यात्रा के लिए 350 अतिरिक्त बसों की योजना।
कौशांबी, साहिबाबाद डिपो में कई बसें रखरखाव के अभाव में।
30 जुलाई से संचालन का दावा, नियंत्रण कक्ष भी बनेगा।
जागरण संवाददाता, साहिबाबाद। परिवहन निगम कांवड़ यात्रा के दौरान कांवड़ियों को हरिद्वार और गढ़मुक्तेश्वर जाने के लिए 350 अतिरिक्त बसों के संचालन की योजना बना रहा है, लेकिन बड़ी संख्या में कौशांबी और साहिबाबाद डिपो की वर्कशाप में मेंटेनेंस के अभाव में बसें धूल फांक रही हैं।
जबकि अधिकारी 30 जुलाई से ही अतिरिक्त बसों के संचालन का दावा कर रहे हैं। यानी महज पांच दिन बचे हैं। अगर समय रहते मेंटेनेंस नहीं कराया गया तो भोले के भक्तों को परेशानी झेलनी पड़ेगी।
उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम कांवड़ यात्रा के दौरान 24 घंटे स्पेशल बसों का संचालन करेगा। इसके लिए रीजन के कौशांबी, गाजियाबाद, लोनी, साहिबाबाद, हापुड़, बुलंदशहर, खुर्जा और सिकंदराबाद की बसें आरक्षित की गई हैं।
साहिबाबाद में 20 और कौशांबी डिपो में 17 बसें मेंटेनेंस के इंतजार में
लेकिन शुक्रवार को साहिबाबाद डिपो में करीब 20 और कौशांबी डिपो में 17 बसें मेंटेनेंस के अभाव में खड़ी पाई गईं। जबकि कांवड़ यात्रा के लिए बसें आरक्षित होने पर ज्यादातर रूटों पर बसों की संख्या कम होने पर यात्रियों को परेशानी होती है।
अगर खराब बसों का मेंटेनेंस नहीं कराया गया तो और ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ेगी। अधिकारियों का दावा है कि समय रहते बसों का मेंटेनेंस पूरा कर लिया जाएगा।
दरअसल, हर वर्ष गाजियाबाद से गंगाजल लेने के लिए कांवड़िये हजारों की संख्या में हरिद्वार पहुंचते हैं। हरिद्वार से कांवड़ लाने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी से बचाने के लिए गाजियाबाद से हरिद्वार तक सीधी बसों का संचालन किया जाता है।
अधिकारियों का दावा है कि हरिद्वार रूट पर साधारण बसों के साथ वातानुकूलित बसों का भी संचालन किया जाएगा, जिससे गर्मी में यात्रियों को परेशानी न हो।
किस डिपो से कितनी बसों का संचालन करने का दावा
| डिपो (Depot) | कुल बस (Total Buses) |
|---|---|
| गाजियाबाद | 20 |
| कौशांबी | 60 |
| साहिबाबाद | 55 |
| लोनी | 55 |
| हापुड़ | 45 |
| सिकंदराबाद | 25 |
| बुलंदशहर | 45 |
| खुर्जा | 45 |
| कुल योग (Total) | 350 |
चालक-परिचालकों और अधिकारियों को इन नियमों का करना होगा पालन :
- बस निर्धारित मार्ग से ही होकर ही जाएंगी।
- नशे की हालत में बस चलाई तो होगी कार्रवाई।
- सुरक्षा मानकों का पालन करना होगा।
- बसों में फर्स्ट एड बाक्स की सुविधा।
- अनुचित स्थानों पर बसों को न रोका जाए।
- बस अड्डों पर पीने के पानी की विशेष सुविधा।
- सड़क किनारे चल रहे यात्रियों का ध्यान रखा जाए।
- कांवड़ियों के प्रति गलत व्यवहार न करें।
कांवड़ियों के लिए बनाया जाएगा नियंत्रण कक्ष
कांवड़ियों की सुविधा के लिए कौशांबी डिपो पर नियंत्रण कक्ष बनाया जाएगा है। बस से जुड़ी किसी भी सूचना के लिए कांवड़िये 24 घंटे हेल्पलाइन नंबर जारी किया जाएगा। कक्ष में तीन चरणों में कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी।
कांवड़ यात्रा के लिए पुख्ता इंतजाम करने के लिए सभी एआरएम को कड़े निर्देश दिए गए हैं। यात्रा शुरू होने से पहले बसों का मेंटेनेंस कर चालू कर दी जाएगीं। कांवड़ियों की जरूरत के हिसाब से 24 घंटे बसों का संचालन किया जाएगा।
-केसरी नंदन चौधरी, क्षेत्रीय प्रबंधक, रोडवेज