World Oral Health Day: मुंह की रखो सफाई, मुस्कराहट के संग नहीं लेनी पड़ेंगी दवाई; डॉक्टरों की क्या है सलाह
इस वर्ष विश्व मुख स्वास्थ्य दिवस 'स्वस्थ मुंह में सुखी जीवन' थीम पर मनाया जा रहा है। तंबाकू और खराब सफाई के कारण मुख कैंसर बढ़ रहा है। मुंह के बैक्टीर ...और पढ़ें

विश्व ओरल हेल्थ डे पर डॉक्टरों ने दी क्या सलाह। फोटो- एआई जनरेटेड
HighLights
मुख कैंसर और अन्य बीमारियां तंबाकू से बढ़ रही हैं।
मुंह के बैक्टीरिया हृदय और मधुमेह का खतरा बढ़ाते हैं।
नियमित ब्रश, चेक-अप अच्छे मौखिक स्वास्थ्य के लिए जरूरी।
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। स्वस्थ मुंह में सुखी जीवन की थीम को लेकर इस बार विश्व मुख स्वास्थ्य दिवस मनाया जा रहा है। अब इसे तंबाकू का बढ़ता सेवन कहें या साफ सफाई का अभाव लेकिन यह सच है कि मुंह का कैंसर तेजी से बढ़ रहा है।
इससे बचाव को जरूरी है कि शैशवावस्था से लेकर वृद्धावस्था तक, जीवन के हर चरण में अच्छे मौखिक स्वास्थ्य को बनाए रखना जरूरी है। दांतों की सफाई कितनी ज्यादा जरूरी है, इससे सभी को जागरूक करने के लिए ही हर साल 'वर्ल्ड ओरल हेल्थ डे' (विश्व मौखिक स्वास्थ्य दिवस) मनाया जाता है।
जिसका मकसद मुंह की सही सफाई, मुंह से जुड़ी बीमारियों के खतरे को कम करना और अच्छी ओरल हेल्थ से सभी को परिचित कराना है। मुंह में मौजूद बैक्टीरिया जब रक्त तक पहुंचते हैं तो केवल हृदय ही नहीं बल्कि दूसरी बीमारियों का खतरा भी बढ़ाती है।
तंबाकू और धूम्रपान की वजह से दांतों में मौजूद गंदगी बैक्टीरिया के कैंसर का रिस्क बढ़ाती है। जिन लोगों के मसूड़ों में दिक्कत होती है उन्हें डायबिटीज (मधुमेह) का खतरा बढ़ जाता है।
कुछ सलाह
- ओरल हेल्थ बनाए रखने के लिए रोजाना सुबह और शाम दांतों को ब्रश करना जरूरी है।
- मुंह में प्लाक और गंदगी जमी हो तो उसे निकालें।
- इसके अलावा, जब भी ब्रश करें तो दांतों के हर कोने में दो मिनट तक मलें।
- दांतों में कैविटी नहीं हो रही, यह सुनिश्चित करने के लिए रेग्यूलर डेंटल चेक-अप्स कराते रहें।
- रेग्यूलर क्लीन अप भी कराते रहना चाहिए, जिससे दांतों के किसी कोने में प्लाक या पीलापन ना जमा रहे।
- मुंह की अच्छी सफाई के लिए दातों को माउथवाश और फ्लास से साफ करें।
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मौखिक कैंसर के मामलों में निरंतर वृद्धि देखी जा रही है, जो एक गंभीर चिंता का विषय है। इसका प्रमुख कारण तंबाकू, गुटखा, पान मसाला और धूम्रपान का अत्यधिक सेवन है। प्रारंभिक लक्षणों में मुंह में छाले, सफेद या लाल धब्बे, लगातार दर्द, निगलने में कठिनाई आदि शामिल हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।जागरूकता और सतर्कता ही इस गंभीर बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।
- डॉ. मोहिनी, दंत रोग चिकित्सक एनसीडी विंग
मसूड़े और दांतों की साफ-सफाई बेहद जरूरी है। इसे छोटी बात समझकर नजरअंदाज करना भयंकर बीमारी को दावत देना होगा। अधिकतर लोग दांत और मसूड़े की बीमारियों से जूझ रहे हैं। बैड ओरल हेल्थ दांत को कमजोर करने के साथ-साथ मसूड़े भी खराब कर देती है। ओरल हेल्थ पर पूरी सेहत टिकी हुई है।
- डॉ. अनूप भूषण,(प्रोफेसर), दंत रोग चिकित्सक