जागरण संवाददाता, गाजीपुर। किशोरी की मौत के बाद अब जिले में सियासी गतिविधि बढ़ गई है। इस मामले में वाराणसी जोन के एडीजी पीयूष मोर्डिया व डीआईजी वैभव कृष्ण शुक्रवार की मध्यरात्रि कटरियां गांव में पीड़ित परिवार से मिलकर घटना की जानकारी ली। उधर, शनिवार दोपहर में मंडलायुक्त वाराणसी एस राजलिंगम व डीएम अनुपम शुक्ला भी पहुंचे। सभी अधिकारियों ने बैठक की। शाम को एडीजी पत्रकारों से बातचीत कर आगे की जानकारी देंगे।
ज्ञात हो कि किशोरी की गंगा में लाश मिलने के बाद कटरियां गांव हाई प्रोफाइल बना हुआ है। सपा प्रतिनिधि मंडल व ग्रामीणों में हुए पत्थर बाजी के बाद गांव की राजनीति प्रदेश स्तर तक पहुंच गई है। सपा प्रतिनिधि मंडल पर विधायक सहित 46 नामजद व दो सौ अज्ञात पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया गया हैं। विधायकों पर दर्ज मुकदमे के बाद अखिलेश यादव का 29 अप्रैल को कटरिया आने का प्रोटोकॉल शुक्रवार के दिन आया। पूर्व सीएम के आने की सूचना इंटरनेट मीडिया पर तरह तरह की बयानबाजी से ट्रोल हो रहा है। डीआइजी वैभव कृष्ण ने लोगों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की। उनका कहना है कि घटना में सम्मिलित सभी लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।
वहीं किशोरी के पिता ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि मामले में पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। वह पुलिस कार्यवाही से पूरी तरह संतुष्ट हैं। मृतका के पिता ने कहा कि उनकी बेटी की मौत पर राजनैतिक दल और नेता राजनैतिक रोटी न सेंके। जबकि दूसरी ओर गाजीपुर में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को कटरिया आने की अनुमति न देने के लिए भाजपा की राज्यसभा सदस्य डॉक्टर संगीता बलवंत ने मुख्यमंत्री और एसपी को पत्र भेजा है। पत्र के साथ लिखा है कि पूर्व में बवाल और पथराव हो चुका है लिहाजा उनको आने की अनुमति न दी जाए। जबकि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने शनिवार को एक्स हैंडल पर पोस्ट कर गाजीपुर के मामले को लेकर अपनी बात साझा की है।
राहुल गांधी ने लिखा
उत्तर प्रदेश के ग़ाज़ीपुर में विश्वकर्मा समाज की एक बेटी के साथ दुष्कर्म और निर्मम हत्या - और फिर परिवार को एफआइआर दर्ज कराने से रोकने के लिए धमकियां, हिंसा। हाथरस, कठुआ, उन्नाव और आज ग़ाज़ीपुर - यह एक पैटर्न है। मणिपुर की बेटी ने न्याय की राह देखते-देखते दम तोड़ दिया। हर बार वही चेहरा - पीड़िता दलित, पिछड़ी, आदिवासी, ग़रीब। हर बार वही सच्चाई - अपराधी को संरक्षण, पीड़ित को प्रताड़ना। हर बार वही चुप्पी - सत्ता की, जिन्हें बोलना चाहिए था। जिस देश और प्रदेश में माँ-बाप को अपनी बेटी की एफआइआर लिखवाने के लिए भीख माँगनी पड़े, उस देश की सरकार को सत्ता में रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं। दोषी पुलिस अफ़सरों पर कार्रवाई हो, परिवार को सुरक्षा मिले - उच्च स्तरीय जांच हो और तुरंत न्याय मिले। मोदी जी, मुख्यमंत्री जी जवाब दीजिए - आपके राज में बेटियाँ इतनी असुरक्षित क्यों हैं? ऐसे हालात में न्याय मांगा नहीं, छीना जाता है - और हम छीनकर लाएँगे।
हालांकि गाजीपुर पुलिस ने राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश न किया जाए। पुलिस के अनुसार 15 अप्रैल को किशोरी के पिता ने डायल 112 पर सूचना दी थी कि लड़की ने पुल से गंगा में कूदकर जान दे दी है। एफआइआर और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुष्कर्म और मारपीट की पुष्टि नहीं हुई है।
प्रियंका गांधी ने लिखा
गाजीपुर, उत्तर प्रदेश में एक लड़की की हत्या के मामले में पहले केस दर्ज होने में आनाकानी, फिर पीड़ित परिवार को धमकियां मिलना और दबंगों द्वारा अराजकता फैलाना यह दिखाता कि प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अत्याचार चरम पर है। भाजपा राज में अब यही अघोषित कानून बन गया है कि जब भी किसी महिला पर अत्याचार होता है तो पीड़ित को ही और प्रताड़ित किया जाता है। महिलाओं को लेकर प्रधानमंत्री जी की बड़ी-बड़ी बातें सिर्फ दिखावा हैं। उन्नाव हो, हाथरस हो, प्रयागराज हो या गाजीपुर, जहां भी महिलाओं के साथ अन्याय हुआ, भाजपा अपनी पूरी सत्ता के साथ पीड़िता के खिलाफ, अत्याचारी के साथ खड़ी हो गई। देश भर की महिलाएं ये अंधेरगर्दी देख रही हैं।
यह है पूरा प्रकरण
14 अप्रैल को किशोरी अपने घर से गायब हो गई थी। 15 अप्रैल को उसका शव गंगा में मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डूबने से मौत की पुष्टि हुई थी। बाकी शरीर पर कोई निशान नहीं था। वहीं दुष्कर्म के बाद हत्या का इंटरनेट मीडिया पर अफवाह फैलाने पर पुलिस ने तीन यू-ट्यूबर पर मुकदमा दर्ज किया था। 20 अप्रैल को सपा के प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल ने पत्र जारी कर 22 अप्रैल को 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल गांव भेजा, लेकिन दो सौ से अधिक लोग पहुंच गए। सपा प्रदेश अध्यक्ष के पत्र में दुष्कर्म और हत्या के जिक्र पर ग्रामीण भड़क गए और उन्होंने प्रतिनिधिमंडल के नेताओं का विरोध किया। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों तरफ से पथराव शुरू हो गया। दस से अधिक लोग घायल हो गए। पुलिस ने सपा के दो विधायकों व जिलाध्यक्ष गोपाल यादव सहित 46 नामजद व दो सौ अज्ञात पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया गया हैं। 10 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।