मेरठ के नकली पनीर का हापुड़ कनेक्शन, यहीं से भेजे जाते थे केमिकल; दिल्ली-NCR समेत कई राज्यों में थी सप्लाई
मेरठ में नकली पनीर पकड़े जाने के बाद हापुड़ से केमिकल सप्लाई का खुलासा हुआ है। यह केमिकल नकली पनीर बनाने में इस्तेमाल होते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए बे ...और पढ़ें

मेरठ में बड़ी मात्रा में पकड़ा गया नकली पनीर। फोटो: सांकेतिक
HighLights
हापुड़ से नकली पनीर के लिए केमिकल सप्लाई
मिलावटी पनीर से गंभीर बीमारियों का खतरा
केमिकल सप्लाई नेटवर्क की गहन जांच शुरू
ठाकुर डीपी आर्य, हापुड़। मेरठ में पकड़े गए नकली पनीर मामले में अब हापुड़ कनेक्शन सामने आया है। इसके साथ ही खाद्य सुरक्षा विभाग और पुलिस सतर्क हो गई है।
जांच में सामने आया है कि नकली पनीर तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले कई केमिकल और अन्य सामग्री की सप्लाई हापुड़ से की जा रही थी। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित कारोबारियों और सप्लाई चैन की जांच शुरू कर दी गई है।
मेरठ में बरामद पनीर के सैंपल में केमिकल मिलावट की पुष्टि होने के बाद जांच एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं।
हापुड़ से इन केमिकल की सप्लाई हो रही थी
शुरुआती जांच में पता चला है कि हापुड़ से कास्टिक सोडा फ्लैक्स, रिफाइंड सोया आयल, विंगर एसिड, स्टार्च पावडर, रानीपाल लिक्विड और हाईड्रोजन-पर-ऑक्साइड जैसी सामग्री सप्लाई की जा रही थी।
विशेषज्ञों के अनुसार इन केमिकल्स का इस्तेमाल नकली पनीर को असली जैसा रंग, बनावट और वजन देने के लिए किया जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इस प्रकार का पनीर खाने से पेट, लीवर और किडनी संबंधी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।
खाद्य विभाग अब हापुड़ के गोदामों, डेयरियों और केमिकल कारोबारियों के रिकार्ड खंगाल रहा है। कई सप्लायरों को नोटिस जारी करके पूछताछ की जा रही है।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के अधिकारियों के अनुसार मेरठ में पिछले दिनाें प्रदेश मुख्यालय से आई टीम ने छापामारी की थी। इस दौरान बड़ी मात्रा में पनीर बरामद किया गया था। उक्त पनीर के नमूनों में प्रारंभिक जांच में केमिकल मिलावट की पुष्टि हुई है।
हापुड़ से जुड़े कारोबारियों के नाम आए
इसके बाद जांच एजेंसियों ने सप्लाई चेन को खंगालना शुरू किया तो हापुड़ से जुड़े कुछ कारोबारियों के नाम सामने आए हैं। हापुड़ से मेरठ के अलावा दिल्ली, नोएडा, अलीगढ़, मुरादाबाद व हरियाणा तक केमिकल और मिलावटी पनीर की सप्लाई की जा रही है।
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स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस तरह के नकली और केमिकलयुक्त पनीर को बेहद खतरनाक बताया है। सीएमओ डॉ. वेदप्रकाश का कहना है कि लगातार ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करने से पेट संबंधी संक्रमण, लीवर और किडनी की बीमारी, उल्टी-दस्त और फूड प्वाॅइजनिंग के साथ ही कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां भी हो सकती हैं।
खाद्य सुरक्षा विभाग अब हापुड़ के डेयरी कारोबार, केमिकल गोदामों और सप्लायरों के रिकाॅर्ड की जांच कर रहा है। कई कारोबारियों को नोटिस जारी कर पूछताछ की जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और मिलावटी खाद्य पदार्थों के इस नेटवर्क को तोड़ने के लिए अभियान चलाया जाएगा।
पनीर के लिए गए सभी सैंपल जांच में फेल
जिले में पिछले वित्तीय वर्ष में पनीर के 77 सैंपल लेकर जांच को भेजे गए। यह जांच में फेल मिले हैं। इनमें से ज्यादातर अनसेफ हैं। प्रशासन द्वारा इनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
उसके बावजूद मंदी का धंधा थमने का नाम नहीं ले रहा है। वहीं डीएम ने शुक्रवार को अधिकारियों के साथ बैठक करके मिलावट करने वालों पर कड़ी कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।
जारी किया नोटिस
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शहर के बड़े केमिकल विक्रेता हरीश कुमार-रविंद्र कुमार के चंडीरोड स्थित ताराचंद मार्केट में प्रतिष्ठान पर छापामारी का प्रयास किया था।
वहां पर टीम से कामजात छीन लिए गए और उनको काम नहीं करने दिया गया। उसके बाद डीएम के आदेश पर उक्त कारोबारी को नोटिस जारी किया गया है।
हमारे यहां पर कोई बदसलूकी नहीं की गई। टीम को कुछ गलतफहमी हो गई थी, जिससे वह हमारे यहां पर आए थे। उनका नोटिस मिल गया है। उसका यथोचित उत्तर दिया जा रहा है। हमारा कारोबार पाकसाफ है।
- रविंद्र धींगरा- मालिक हरीश कुमार-रविंद्र कुमार केमिकल वर्क्स।
मेरठ सहित कई जिलों-राज्यों को केमिकल हापुड़ से भेजे जाने के सूत्र मिले हैं। उसके आधार पर जांच की जा रही है। रविंद्र धींगरा के यहां पर टीम से बदसलूकी की गई।
आसपास के दुकानदारों को बुलाकर काम नहीं करने दिया गया। हमने प्रतिष्ठान को नोटिस जारी किया है। उनके एक साल का सेल-परचेज का रिकार्ड तलब किया गया है।
- सुनील कुमार - खाद्य सुरक्षा उपायुक्त।
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