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    सिंभावली और बृजनाथपुर शुगर मिल नहीं कर रहीं 320 करोड़ का पेमेंट, किसान बोले- बच्चों की पढ़ाई और शादी तक अटकी

    Updated: Wed, 24 Jun 2026 12:28 PM (GMT+05:30)

    सिंभावली और बृजनाथपुर शुगर मिलों पर किसानों का करीब 320 करोड़ रुपये बकाया है। भुगतान में देरी के कारण सिंभावली मिल की ओनर गुर सिमरन मान कौर के खिलाफ ए ...और पढ़ें

    सिंभावली शुगर मिल।

    सिंभावली शुगर मिल। 

    HighLights

    1. सिंभावली मिल पर 220 करोड़, बृजनाथपुर पर 99.80 करोड़ बकाया।

    2. सिंभावली मिल मालिक गुर सिमरन मान कौर पर एफआईआर दर्ज।

    3. गन्ना भुगतान में देरी से हजारों किसान आर्थिक संकट में।

    जागरण संवाददाता, सिंभावली। किसानों के गन्ना मूल्य के बकाया भुगतान में लगातार हो रही देरी को लेकर शासन ने कड़ा रुख अपनाया है। किसानों का करीब 220 करोड़ रुपये बकाया होने और बार-बार निर्देशों के बावजूद भुगतान नहीं किए जाने पर सिंभावली शुगर मिल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। इस संबंध में गन्ना समिति के सचिव ने सिंभावली थाना पुलिस को शिकायत दी थी। वहीं, सहकारी गन्ना विकास समिति ने सिंभावली समूह की बृजनाथपुर शुगर मिल के खिलाफ थाना हाफिजपुर में शिकायत देकर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराने की मांग की है।

    किसान संगठनों ने जताई नाराजगी

    शिकायत में भुगतान नहीं मिलने से किसान संगठनों के आक्रोशित होने और जिले की कानून व्यवस्था बिगड़ने का डर होने की बात कहीं गई है। रिपोर्ट में शुगर मिल की मालिक गुर सिमरन मान कौर को नामजद किया गया है। वहीं स्थानीय प्रबंधन की भूमिका की जांच की जा रही है।

    डीएम ने भी दिए कई बार आदेश

    सिंभावली शुगर मिल पर 2025-26 पेराई सत्र का किसानों का लगभग 220 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य बकाया है। शासन स्तर से कई बार मिल प्रबंधन को भुगतान करने के निर्देश दिए गए। उसके बावजूद खातों में बकाया धनराशि नहीं पहुंच सकी। भुगतान में लगातार हो रही देरी से क्षेत्र के हजारों किसान आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। जिलाधिकारी के स्तर से भी कई बार भुगतान करने के लिए आदेशित किया गया।

    तब अधिकारियों ने उठाया बड़ा कदम

    उसके बावजूद मिल प्रबंधन और नियुक्त किए गए आइआरपी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। प्रमुख सचिव गन्ना वीणा कुमार मीणा एवं जिलाधिकारी कविता मीना के स्तर से भी मिल प्रबंधन को बकाया भुगतान जल्द करने के निर्देश जारी किए गए थे। इसके बावजूद अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर अधिकारियों ने नाराजगी जताई थी। शासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए थे।

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    गन्ना भुगतान न करने में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

    इसी क्रम में गन्ना समिति के सचिव राकेश पटेल ने मिल प्रबंधन, संचालन समिति व प्रबंधन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए शिकायत दो दिन पहले पुलिस को दिया था। अधिकारियों का कहना है कि गन्ना किसानों का भुगतान प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मिल प्रबंधन के भुगतान संबंधी दायित्वों का पालन नहीं करने के चलते रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।

    "किसानों के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। गन्ना मूल्य भुगतान से जुड़े मामलों की लगातार निगरानी की जा रही है और बकाया राशि के भुगतान के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। शासन से हो रही वीसी में इस पर चर्चा हुई थी। जिसके बाद रिपोर्ट दर्ज कराने का निर्णय लिया गया। हमने रिपोर्ट दर्ज कराकर यथोचित वैधानिक कार्रवाई कराने का निर्णय लिया है।"

    -कविता मीना, जिलाधिकारी।

    "गन्ना समिति के सचिव की ओर से शिकायत मिली थी। शिकायत के आधार पर मामले की प्रारंभिक जांच कराई गई। वहीं अधिकारियों को मामले से अवगत कराया गया। अधिकारियों से मिले निर्देशों के क्रम में शुगर मिल की मालकिन गुर सिमरन मान कौर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। भुगतान नहीं होने में स्थानीय मिल प्रबंधन की भूमिका की जांच की जा रही है। उनको भी आरोपित बनाया जा सकता है।"

    -सुरेश कुमार, एसएचओ, सिंभावली।

    बृजनाथपुर शुगर मिल ने भी अटकाया भुगतान

    सहकारी गन्ना विकास समिति ने सिंभावली समूह की बृजनाथपुर शुगर मिल के खिलाफ थाना हाफिजपुर में शिकायत देकर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराने की मांग की है। समिति ने मिल पर किसानों के गन्ना मूल्य का भुगतान निर्धारित समय सीमा में न करने और आर्थिक शोषण करने का आरोप लगाया है।

    समिति के प्रभारी सचिव राकेश पटेल ने बताया कि 4000 टीसीडी क्षमता वाली बृजनाथपुर चीनी मिल पर किसानों का भारी भुगतान बकाया है। आरोप है कि मिल प्रबंधन पिछले कई वर्षों से जानबूझकर गन्ना मूल्य भुगतान में देरी करता आ रहा है, जिससे हजारों किसान आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। भुगतान न मिलने के कारण किसानों को बच्चों की पढ़ाई, विवाह और उपचार जैसे जरूरी कार्यों में भी परेशानी उठानी पड़ रही है।

    एक नजर बकाये की रकम पर

    शिकायत के अनुसार मिल द्वारा चीनी, शीरा, बगास समेत अन्य उत्पादों की बिक्री से प्राप्त धनराशि का उपयोग अन्य मदों में किए जाने से गन्ना भुगतान प्रभावित हुआ। समिति का दावा है कि 18 जून 2026 तक मिल पर किसानों का 98.18 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य तथा 1.62 करोड़ रुपये गन्ना विकास अंशदान सहित कुल 99.80 करोड़ रुपये बकाया है।

    भुगतान में लगातार देरी होती रही

    समिति ने यह भी आरोप लगाया है कि बैंक ऋण समय पर न चुकाने के कारण वर्ष 2017 से मिल के खाते एनपीए घोषित हैं। इससे नकद ऋण सीमा (सीसीएल) सुविधा प्रभावित हुई और किसानों के भुगतान में लगातार देरी होती रही। प्रभारी सचिव का कहना है कि किसानों से गन्ना खरीदने के बाद निर्धारित समय पर भुगतान न करना विश्वासघात, धोखाधड़ी और आर्थिक शोषण की श्रेणी में आता है।

    बकाया भुगतान को लेकर किसानों में नाराजगी बढ़ रही है और स्थिति आंदोलन का रूप ले सकती है। समिति ने मिल की स्वामिनी गुरसिमरन मान कौर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की है।

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