कानपुर का दरिंदा; चचेरी बहनों व मासूम बच्चियों के अश्लील वीडियो बनाकर क्लाउड पर रखा, गूगल की शिकायत से दबोचा गया
कानपुर में एक युवक को अपनी नाबालिग चचेरी बहनों और अन्य बच्चियों के अश्लील वीडियो बनाकर गूगल ड्राइव पर रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। ...और पढ़ें

HighLights
साइबर टीम को आरोपित के मोबाइल फोन के गूगल ड्राइव में मिले 15 से अधिक अश्लील वीडियो
गूगल ने राष्ट्रीय लापता एवं शोषित बाल केंद्र (एनसीएमईसी) के पोर्टल पर की थी शिकायत
जागरण संवाददाता, कानपुर। कानपुर में एक बेहद शर्मनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है। एक युवक अपनी ही नाबालिग चचेरी बहनों, रिश्तेदारों की 8 से 10 साल की मासूम बच्चियों और पड़ोस की लड़कियों के अश्लील वीडियो बनाकर उन्हें अपनी गूगल ड्राइव में रखा। लेकिन गूगल के सुरक्षा ट्रैकिंग सिस्टम ने इस आपत्तिजनक कंटेंट को डिटेक्ट कर उसकी पोल खोल दी। उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
बहनों, रिश्तेदारों की बेटियों के साथ भी की घिनौनी हरकत
अपना मानसिक तनाव दूर करने के लिए चमनगंज के एक युवक ने अपने परिवार की बेटियों के साथ ही शर्मनाक हरकतें की। वह अपनी ही चचेरी बहनों, रिश्तेदारों व पड़ोसियों की मासूम बच्चियों के पोर्न वीडियो बनाकर मोबाइल पर रखता था। पकड़े जाने के डर उसने गैलरी से सभी अश्लील वीडियो गूगल ड्राइव में रख दिए और गैलरी के वीडियो डिलीट कर दिए।

बच्चियों की अश्लील वीडियो बनाने का आरोपित। पुलिस
गूगल ने पकड़ा
गूगल ड्राइव पर बच्चियों के इस तरह के वीडियो होने पर गूगल सक्रिय हुआ और राष्ट्रीय लापता एवं शोषित बाल केंद्र (एनसीएमईसी) के पोर्टल पर आरोपित के खिलाफ जीमेल की जानकारी देते हुए शिकायत की। मामले की जानकारी साइबर टीम को हुई तो उन्होंने जीमेल से मोबाइल फोन का आइपी एड्रेस ट्रेस कर आरोपित को दबोच लिया। टीम को उसके मोबाइल पर सालभर के 15 से अधिक अश्लील वीडियो मिले। आरोपित से पूछताछ की जा रही है।
चार शिकायतें मिली थीं
एडीसीपी क्राइम अंजलि विश्वकर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय लापता एवं शोषित बाल केंद्र के पोर्टल पर गूगल की चार शिकायतें मिली थीं। ये चारों शिकायतें एक ही व्यक्ति के जीमेल आइडी से बनी गूगल ड्राइव पर बच्चियों के आपत्तिजनक वीडियाे होने के थे, जिस पर सेंट्रल जोन की साइबर सेल प्रभारी तनुज सिरोही की टीम ने जांच शुरू की। इस दौरान जीमेल आइडी के जरिए मोबाइल नंबर ट्रेस किया पर नंबर बंद था। उसके बाद उस नंबर के मोबाइल फोन की आइएमईआइ नंबर निकाला गया।
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लोकेशन ट्रेस करके पहुंची टीम
इससे पता चला कि आरोपित कोई दूसरा मोबाइल नंबर चला रहा था। उस नंबर की लोकेशन ट्रेस कर साइबर टीम ने शुक्रवार को चमनगंज क्षेत्र रहने वाले 26 वर्षीय युवक को दबोच लिया।आरोपित ने बताया कि वह बच्चों के डायपर बेचता है। उसके मोबाइल की गूगल ड्राइव जांची गई तो टीम भी हैरान रह गई, जिन नाबालिग और मासूम बच्चियों की 15 से अधिक अश्लील वीडियो मिले। उनमें से ज्यादातर उसके परिवार की लड़कियाें के वीडियो थे। इसमें चचेरी बहनों, रिश्तेदार की आठ से 10 वर्षीय बच्चियों व पड़ोसियों की बच्चियों के वीडियो मिले।
आरोपित बोला- मानसिक तनाव दूर करने के लिए करता
आरोपित ने बताया कि वह पहचान वाली महिलाओं व बच्चियों की अश्लील वीडियो गुपचुप तरीके से बनाता था। उसे सुरक्षित रखने के लिए फोन की गैलरी की जगह गूगल ड्राइव पर रखता था। उसने यह भी बताया कि वह मानसिक तनाव दूर करने के लिए ऐसा करता था। आरोपित के खिलाफ चमनगंज थाने में यौन उत्पीड़न, महिलाओं-बच्चियों को उनकी सहमति के बिना निजी क्षणों को देखना, रिकार्ड करना या उनकी फोटो साझा करना, पाक्सो की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया।
एडीसीपी क्राइम अंजलि विश्वकर्मा ने बताया कि आरोपित ने ये वीडियो गूगल ड्राइव पर रखकर गैलरी से डिलीट कर दिया था, जिससे कोई देख न ले। उसने बच्चियों की फोटो, वीडियो किसी वेबसाइट पर या किसी अन्य हिडेन एप पर तो नहीं डाली है। उसके साथ इस कृत्य में कोई और तो शामिल नहीं है। इन सबकी जांच की जा रही है।