Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    कानपुर में नौ साल के बच्चे से हुआ फायर, चाचा के सीने में लगी गोली, 17 दिन बाद खुला ये राज

    Updated: Fri, 10 Jul 2026 07:29 PM (IST)

    कानपुर के बलरामपुर में नौ साल के बच्चे के तमंचे से फायर होने पर उसके चाचा को गोली लग गई। 17 दिन बाद अस्पताल ने पुलिस को सूचित किया जब परिवार घायल एचआई ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    HighLights

    1. नौ साल के बच्चे ने तमंचे से चाचा को गोली मारी

    2. घायल चाचा एचआईवी संक्रमित, परिवार अस्पताल से भागा

    3. पुलिस ने तमंचा बरामदगी के लिए तीन टीमें लगाईं

    संवाद सहयोगी, घाटमपुर(कानपुर)। घाटमपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में नौ साल के बालक ने तमंचे से फायर किया और गोली उसके चाचा के सीने में लग गई। घटना बीती 23 जून की है। 17 दिन से कानपुर के कल्याणपुर स्थित एक अस्पताल में भर्ती युवक को छोड़कर स्वजन भाग गए।

    इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस को सूचना दी। यह भी बताया कि घायल एचआईवी संक्रमित है। शुक्रवार को एसीपी अस्पताल जांच करने पहुंचे। उन्होंने बताया कि असलहा को खोजने के लिए तीन टीमें लगाई गई हैं।

    गांव निवासी 25 वर्षीय चाचा को सीने में बीती 23 जून को गोली लग गई थी। उसे कल्याणपुर स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया था। करीब दो दिन पहले जब उसके डिस्चार्ज होने का समय आया तो उसके स्वजन रुपये जमा करने के बजाय उसे छोड़कर चले गए। इस पर अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस को सूचना दी।

    जानकारी पाकर एसीपी कृष्णकांत यादव जांच करने पहुंचे। अस्पताल में भर्ती चाचा ने उन्हें बताया कि बीती 23 तारीख को उनका नौ वर्षीय भतीजा गांव में जामुन बिनने गया था। इसी दौरान उसे एक तमंचा पड़ा मिला। इस पर वह उसे घर ले आया। तमंचा खोलने के दौरान ही फायर हो गया और गोली उसके सीने में लग गई।

    इसके बाद घरवालों ने तमंचा फेंक दिया। एसीपी जांच करने पहुंचे तो अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि गोली उसके बाईं ओर दिल से थोड़ा दूर लगी थी। गोली निकल गई है। उसकी हालत खतरे से बाहर है। यह भी बताया कि घायल एचआईवी संक्रमित है। स्वजन को पहले इसकी जानकारी नहीं थी। उपचार के दौरान कराए गए परीक्षण में जानकारी हुई। आशंका है कि कहीं स्वजन इसी के चलते तो कहीं उसे नहीं छोड़ गए।

    खबरें और भी

    एसीपी कृष्णकांत यादव ने बताया कि तमंचा की बरामदगी के लिए तीन टीमें लगाई गई हैं। शुक्रवार को पुलिस उसके घर पहुंची थी, लेकिन वहां कोई नहीं मिला। वहीं, इस बात की भी जानकारी की जा रही है कि अस्पताल प्रबंधन की ओर से समय पर पुलिस को सूचना क्यों नहीं दी गई और अगर दी गई तो किसे दी गई?

    यह भी पढ़ें- सीएसए दीक्षा में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के तेवर सख्त, बोलीं- दो महीने बाद फिर आऊंगी, हर व्यवस्था की होगी समीक्षा

    यह भी पढ़ें- कानपुर का दरिंदा; चचेरी बहनों व मासूम बच्चियों के अश्लील वीडियो बनाकर क्लाउड पर रखा, गूगल की शिकायत से दबोचा गया