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    कानपुर सराफा बाजार खतरे में; व्यापारियों ने की आपात बैठक, सोना न खरीदने की PM की अपील का विरोध

    Updated: Mon, 11 May 2026 01:31 PM (IST)

    कानपुर के सर्राफा कारोबारियों ने सोने पर संभावित पाबंदी और व्यापारिक कड़ाई का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री से इन फैसलों पर पुनर्विचार करन ...और पढ़ें

    कानपुर सराफा बाजार में व्यापारियों की आपात बैठक।

    कानपुर सराफा बाजार में व्यापारियों की आपात बैठक।

    HighLights

    1. सोने पर संभावित पाबंदी का सर्राफा कारोबारियों ने विरोध किया

    2. व्यापारियों ने प्रधानमंत्री से पुनर्विचार की अपील की है

    3. सोना 'स्त्री धन' और आर्थिक सुरक्षा का आधार बताया

    जागरण संवाददाता, कानपुर। कानपुर का सर्राफा बाजार उत्तर भारत के सबसे बड़े व्यापारिक केंद्रों में से एक है। रविवार को पीएम मोदी की ओर से सोना न खरीदने की अपील के बाद से इस बाजार में उथल-पुथल मची है। केंद्र सरकार द्वारा सोने की खरीद को हतोत्साहित करने के संभावित प्रस्तावों और कड़े नियमों की आहट ने व्यापारियों ने सोमवार को आपात बैठक बुलाई।

    केंद्र सरकार द्वारा सोने पर संभावित प्रतिबंधों और व्यापारिक कड़ाई के प्रस्तावों के खिलाफ सर्राफा कारोबारी खुलकर सामने आ गए हैं । अखिल भारतीय स्वर्णकार विकास परिषद की सोमवार को आयोजित एक आपातकालीन बैठक में व्यापारियों ने साफ कहा कि इस तरह के फैसले न केवल सर्राफा बाजार को तबाह कर देंगे, बल्कि आम जनता के आर्थिक सुरक्षा चक्र को भी तोड़ देंगे।


    बैठक की अध्यक्षता कर रहे परिषद के अध्यक्ष पुष्पेंद्र जायसवाल ने कहा कि भारत में सोना केवल निवेश नहीं बल्कि 'स्त्री धन' है। संकट के समय, चाहे वह बीमारी हो या बच्चों की शिक्षा, घर में रखा सोना ही सबसे बड़ा सहारा बनता है। ज्वेलर्स और सुनारों के व्यापार पर किसी भी तरह की रोक का सीधा असर लाखों परिवारों की रोजी-रोटी पर पड़ेगा।


    बैठक में उपस्थित परिषद के सदस्यों ने सुझाव दिया कि गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम को और अधिक प्रभावी बनाया जाए ताकि घरों में रखा सोना अर्थव्यवस्था की मुख्यधारा में आ सके और आयात की जरूरत कम हो। विदेशी सामानों, विशेषकर चीन से आने वाली वस्तुओं पर कड़ा प्रतिबंध लगाया जाए। सांसदों-विधायकों को मिलने वाली सुविधाओं और सरकारी खर्चों में कमी की जाए।

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    इस आपात बैठक में शीलू वर्मा, पंकज वर्मा, वेद गुप्ता, मनोज वर्मा, दुर्गेश सोनी, सर्वेश वर्मा, संजीव, अजय वर्मा, अमित मिश्रा, राजन वर्मा और कमल वर्मा सहित भारी संख्या में सर्राफा कारोबारी उपस्थित रहे।

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