पनकी से कैंट और नौबस्ता से चकेरी तक मेट्रो, कानपुर में 7 नए रूट 39 नई ट्रेनों के साथ बढ़ेगा नेटवर्क, देखें पूरा रूट मैप
कानपुर में यूपी मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने कुल 150 किमी मेट्रो रेल संचालन का खाका खींचा है, जिसमें सात नए रूट और 39 नई ट्रेनें शामिल हैं। शहर में याताया ...और पढ़ें
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ये फोटो एआई जनरेटेड है।
HighLights
कानपुर में 150 किमी मेट्रो रेल संचालन का खाका खींचा।
सात नए मेट्रो रूट चिह्नित, 39 नई ट्रेनें भी उपलब्ध।
पनकी से कैंट, नौबस्ता से चकेरी तक अंडरग्राउंड रूट।
नौबस्ता से चकेरी 17 किमी अंडरग्राउंड होगी मेट्रो रेल
दिनों दिन बढ़ रही राइडरशिप, आय में भी हो रही बढ़ोत्तरी
जागरण संवाददाता, कानपुर। सड़कों पर भविष्य में और अधिक दबाव बढ़ने की पूरी उम्मीद है। इस दबाव को कम करने और शहरवासियों को बेहतर और सुरक्षित यातायात प्रबंध उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ही यूपी मेट्रो रेल कारपोरेशन ने कानपुर शहर में कुल 150 किमी तक मेट्रो रेल संचालन का खाका खींच दिया है। अब उस पर रणनीति बन रही है, अब उसे विस्तार देने पर काम चल रहा है।
वर्तमान में आईआईटी से सेंट्रल रेलवे स्टेशन से छह मेट्रो ट्रेनें चल रही हैं। इसमें हर रोज औसतन 7.50 लाख रुपये दैनिक यात्रियों के किराया से हो रही है। शहर की सड़कों पर वाहनों के जाम में फंसने के बजाय हर कोई सुलभ और सीधा रास्ता खोज रहा है। यही कारण है कि मेट्रो रेल में राइडरशिप (यात्री संख्या) बढ़ रही है। वर्तमान में रोजाना औसतन 25 से 30 हजार लोग मेट्रो रेल की सेवा ले रहे हैं।
यहां छह से सात हजार यात्री
आंकड़े बता रहे हैं कि एक साल पहले जब मेट्रो रेल सेवा आईआईटी से मोतीझील तक थी तो छह से सात हजार राइडरशिप थी। अब सेंट्रल रेलवे स्टेशन से आईआईटी तक मेट्रो रेल सेवा होने से राइडरशिप बढ़कर 25-30 हजार हो गई है। जाहिर है कि शहरवासी सड़क पर वाहनों के जाम में फंसने के बजाय मेट्रो रेल में आवागमन करना अधिक पसंद कर रहे हैं।
डिपो में खड़ी हैं 39 मेट्रो
उधर, यूपी मेट्रो रेल कारपोरेशन ट्रेनों की संख्या बढ़ाई है। अब कारिडोर-एक पर 29 और कारिडोर-दो पर पांच हैं। इसमें छह-सात मेट्रो रेल हर रोज आवागमन कर रही हैं। नए रूटों के लिए भी कानपुर में कुल मेट्रो रेल 39 आ चुकी हैं, जो डिपो में खड़ी हैं।समय-समय पर डिपो के अंदर के रूट पर ही उनका परिचालन भी कराया जा रहा है।
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पनकी से केंद्रीय विद्यालय कैंट का सबसे लंबा रूट
आइटीईईएस की योजना के अनुसार, चिह्नित किए गए कुल 74.92 किमी लंबाई वाले पांच रूटों में केवल 27.01 किमी मेट्रो रेल लाइन एलिवेटेड रहेगी, जबकि 47.91 किमी लाइन खुले में ऊपर रहेगी। इनमें पनकी से केंद्रीय विद्यालय कैंट तक का रूट सबसे अधिक लंबा 20.61 किमी है। इसमें भी 9.41 किमी मेट्रो रेल लाइन अंडरग्राउंड रहेगी। जबकि, नौबस्ता से चकेरी चिह्नित हुआ संपूर्ण रूट 17.6 किमी अंडरग्राउंड होगा। शेष पांच चिह्नित रूट (47.91 किमी) पूरी तरह से एलिवेटेड रहेंगे।
ये मेट्रो रूट फाइनल, रेल सेवाएं संग चल रहे कार्य
23.20 किमी लंबे कारिडोर-एक आइटीआइ से नौबस्ता के तहत कानपुर मेट्रो की यात्री सेवाएं वर्तमान में आइटीआइ से सेंट्रल रेलवे स्टेशन (16 किमी) तक चल रही हैं। कारिडोर-एक के शेष सेक्शन (कानपुर सेंट्रल-नौबस्ता) पर टेस्टिंग कार्य शुरू हो चुका है। इसके अलावा 8.60 किमी लंबे कारिडोर-दो (सीएसए-बर्रा आठ) का मेट्रो रेल ट्रैक का निर्णाण चल रहा है। 7.45 किमी लंबे कारिडोर-तीन (बर्रा-आठ से नौबस्ता) की डीपीआर मेट्रो रेल प्रशासन ने राज्य सरकार को उपलब्ध करा दी है।
| प्रस्तावित रूट का नाम (कानपुर एवं आसपास) | कुल लंबाई (किमी में) |
|---|---|
| पनकी से केंद्रीय विद्यालय कैंट | 20.61 किमी |
| नौबस्ता से चकेरी | 17.6 किमी |
| केंद्रीय विद्यालय कैंट से उन्नाव | 15.2 किमी |
| नौबस्ता से रमईपुर | 5.78 किमी |
| आईआईटी कानपुर से मंधना | 5.44 किमी |
| कृषि विश्वविद्यालय से ख्वेरा कटरी | 4.39 किमी |
कानपुर शहर को सुगम यातायात देने के लिए कुल 150 किमी तक मेट्रो रेल सेवा का विस्तार करना है। इसमें 40 किमी (नौबस्ता से सेंट्रल रेलवे होकर आईआईटी, सीएस-बर्रा आठ और बर्रा-8 से नौबस्ता) मेट्रो रेल सेवा पर काम चल रहा है। इसके अलावा अन्य रूटों पर भी चर्चा चल रही है।
- पंचानन मिश्रा, यूपी मेट्रो रेल कारपोरेशन, संयुक्त महाप्रबंधक (जनसंपर्क)
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