UP रोडवेज बसों की कानपुर में अराजकता, 7 माह में 1396 चालान, पुलिस अधिकारी की मानते न ARM की, जाम से जूझते लोग
कानपुर में रोडवेज बसों के चालकों की मनमानी से झकरकटी और टाटमिल चौराहे पर भीषण जाम लग रहा है, जिससे लाखों लोग परेशान हैं। सात माह में 1396 चालान के बाव ...और पढ़ें

HighLights
पुलिस अधिकारियों ने एआरएम को दिए थे बसें परिसर में खड़ी करने के निर्देश, अब मंडलायुक्त को लिखा पत्र
झकरकटी पुल से लेकर टाटमिल चौराहे तक रोडवेज बसों के खड़े होने से हर रोज जाम से जूझते दो लाख लोग
झकरकटी बस अड्डा परिसर में जगह होने के बावजूद चालक सड़क पर बस खड़ी कर यात्रियों का करते इंतजार
जागरण संवाददाता, कानपुर। कानपुर शहर के सबसे व्यवस्त चौराहे टाटमिल में जाम का बड़ा कारण रोडवेज बसों के चालकों की अराजकता है। बस अड्डा परिसर में काफी जगह खाली होने के बावजूद चालक मनमानी करते हुए झकरकटी पुल से टाटमिल चौराहे के आगे तक बसें खड़ी कर यात्रियों का इंतजार करते हैं, जिससे हर रोज दो लाख से अधिक लोग जाम से जूझते हुए निकलते हैं।
पुलिस अधिकारियों ने कई बार रोडवेज के अधिकारियों को बसें सड़क की बजाए परिसर में खड़ा करा यात्रियों को बैठाने के निर्देश दे चुके, लेकिन जिम्मेदारों पर कोई असर नहीं पड़ा। यही नहीं सात माह में गलत तरह पार्किंग करने व अन्य अपराध में रोडवेज बसों का 1396 चालान किया जा चुका है, फिर भी चालक सुधरने को तैयार नहीं हो रहे। ऐसे में अब यातायात पुलिस चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस पर चालान करने की तैयारी कर रही है। मामले में अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था डा. विपिन ताडा ने मामले में अब मंडलायुक्त को पत्र लिखकर समस्या से अगवत कराया है।
बीच सड़क बैठाने लगते यात्री
झकरकटी बस अड्डे के बाहर पुल से लेकर टाटमिल तक रोडवेज बसों के चालक यात्रियों को बैठाने के लिए गाड़ी इस तरह से खड़ी करते हैं, जिससे पीछे से निकलने वाले चार पहिया वाहन फंसा तो फिर झकरकटी पुल से टाटमिल चौराहे तक भीषण जाम लग जाता है, जिसकी वजह से पुल से लेकर टाटमिल तक 200 मीटर की दूरी पार करने में 30 मिनट से अधिक समय वाहन सवारों को जाम की वजह से लगता है।
पुलिसकर्मी दिनभर करते जद्दोजहद
चौराहे पर तैनात यातायात पुलिसकर्मी दिनभर बस चालकों को वहां से हटवाने के लिए जद्दोजहद करते हैं, पर चालक की अराजकता इस कद्र है कि वे पुलिसकर्मियों से भी भिड़ जाते हैं। इसको लेकर कई बार विवाद तक की स्थिति बन जाती है। यातायात विभाग कई बार रोडवेज विभाग को पत्राचार कर बसों को परिसर के अंदर खड़ी करने के लिए कह चुका है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी बात को टाल जाते हैं।
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डीसीपी ट्रैफिक ने देखी व्यवस्था
इस अव्यवस्था से शहर के लोग तो पिछले आठ साल से अधिक समय से जूझते आ रहे हैं, लेकिन बड़ी बात ये है कि इस अव्यवस्था और चालकों की अराजकता से लगने वाले जाम से जो शहर की खराब छवि बन रही है। वह दूसरे शहरों से आने वाले लोग देखकर जा रहे हैं। सोमवार को अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था डॉ. विपिन ताडा, डीसीपी यातायात रवींद्र कुमार समेत अधिकारी झकरकटी बस अड्डे के बाहर पहुंचे।
सख्ती के बाद और चालक बेलगाम
ड्रोन से यातायात व्यवस्था देखी और एआरएम पंकज तिवारी से स्पष्ट कहा कि चाहो तो चार यातायात पुलिसकर्मी ले लो, लेकिन बसों को बाहर नहीं परिसर में खड़ा कराओ, लेकिन उन्होंने एक न सुनी और उसके बाद चालक और बेलगाम हो गए। बसों को बस अड्डे के सामने दूसरी लेन पर तिरछे खड़े कर यात्रियों को बैठा रहे हैं, जिससे जाम और ज्यादा समय तक लग रहा है।
मंडलायुक्त को लिखा गया पत्र
अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था डा. विपिन ताडा ने बताया कि एक साल जनवरी से अब तक झकरकटी बस अड्डे के बाहर 1396 रोडवेज बसों व उससे अनुबंधित बसों का चालान किया जा चुका है, लेकिन फिर भी चालक समझने को तैयार नहीं हैं। इस अराजकता व जाम की समस्या पर रोडवेज के अधिकारियों से लगातार बातचीत की जा रही है। मंडलायुक्त को भी इसके लिए पत्र लिखा गया है।
ये भी जानें
| क्रम संख्या | श्रेणी | चालान संख्या |
|---|---|---|
| 1 | रोडवेज की सरकारी बसों पर गलत पार्किंग में चालान | 970 |
| 2 | बस चालकों के अन्य अपराध पर चालान | 161 |
| 3 | रोडवेज से अनुबंधित बसों के गलत पार्किंग पर चालान | 226 |
| 4 | अन्य अपराध चालान | 39 |
| कुल चालान | 1396 | |
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