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    कानपुर में विरोध के बीच 320 करोड़ के ROB का शिलान्यास, सांसद ने रखी नींव तो व्यापारियों ने गिराए शटर

    Updated: Fri, 08 May 2026 09:39 PM (IST)

    कानपुर में जरीब चौकी रेलवे ओवरब्रिज का शिलान्यास सांसद रमेश अवस्थी ने किया, जिसकी लागत 320.60 करोड़ रुपये है। हालांकि, व्यापारियों ने इस परियोजना का व ...और पढ़ें

    जरीब चौकी रेलवे ओवर ब्रिज का भूमि पूजन करते सांसद रमेश अवस्थी (मध्य में )साथ में एमएलसी अरुण पाठक, क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल ,विधायक सुरेंद्र मैथानी(बाएं से दाएं )। जागरण

    जरीब चौकी रेलवे ओवर ब्रिज का भूमि पूजन करते सांसद रमेश अवस्थी (मध्य में )साथ में एमएलसी अरुण पाठक, क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल ,विधायक सुरेंद्र मैथानी(बाएं से दाएं )। जागरण

    जागरण संवाददाता, कानपुर। जरीब चौकी रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) निर्माण के लिए शुक्रवार को सांसद रमेश अवस्थी के साथ ही भाजपा नेताओं ने विधिवत भूमि पूजन किया। करीब 320.60 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह आरओबी जीटी पर जाम से राहत दिलाएगा। बड़े मंच और ढोल-बाजों के साथ एकत्र हुए। भाजपा जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ताओं ने उत्साह के साथ कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए इसे बड़ी उपलब्धि बताया।

    वहीं शिलान्यास के साथ ही व्यापारियों का विरोध भी खुलकर सामने आया। पूरे दिन जरीब चौकी बाजार बंद रहा और व्यापारियों ने उद्घाटन समारोह का बहिष्कार करते हुए प्रदर्शन किया। वहीं भाजपा नेता मंच से व्यापारियों की समस्याओं का निराकरण करने का आश्वासन देते रहे।

    जरीब चौकी आरओबी के लिए सीसामऊ थाने के सामने आयोजित समारोह में शंखध्वनि और वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच सांसद रमेश अवस्थी ने भूमि पूजन किया। मंच को केसरिया रंग से सजाया गया था और भाजपा कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ मौजूद रही। सांसद के मंच पर पहुंचते ही मोदी-योगी जिंदाबाद के नारों से माहौल गूंज उठा।

    ऋषिकेश की हिलवेज कंस्ट्रक्शन कंपनी को सौंपा गया काम

    सांसद ने कहा कि कानपुर को जाममुक्त बनाना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का आभार जताते हुए कहा कि यह आरओबी उत्तर और दक्षिण कानपुर की कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा। 1769 मीटर लंबे इस ओवरब्रिज के निर्माण के लिए 320.60 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। निर्माण का जिम्मा ऋषिकेश की हिलवेज कंस्ट्रक्शन कंपनी को सौंपा गया है।

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    यहां पर जाम बड़ी समस्या

    लंबे समय से जरीब चौकी, फजलगंज और कालपी रोड क्षेत्र में लगने वाले जाम से परेशान लोगों को इस परियोजना से राहत मिलने की उम्मीद है। भूमि पूजन दोपहर दो बजे शुभ मुहूर्त में संपन्न हुआ। इस दौरान पनकी मंदिर और आनंदेश्वर मंदिर के महंतों के साथ मुस्लिम और क्रिश्चियन धर्मगुरुओं की मौजूदगी ने सर्वधर्म समभाव का संदेश दिया। समारोह में भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल, एमएलसी अरुण पाठक, विधायक सुरेंद्र मैथानी, जिला अध्यक्ष उत्तर अनिल दीक्षित, जिलाध्यक्ष दक्षिण शिवराम सिंह, अभिनव दीक्षित, प्रमोद विश्वकर्मा, जन्मेजय सिंह, पूर्व विधायक रघुनंदन भदौरिया, अनूप अवस्थी,सुनील बजाज, रामबहादुर यादव,एलबी सिंह पटेल, शेषनारायण त्रिवेदी, कवि हेमंत पांडे मौजूद रहे।

    डायवर्जन और जाम से दिनभर परेशान रहे लोग

    शिलान्यास कार्यक्रम को लेकर गुरूवार रात को ही डायवर्जन लागू कर दिया गया था, जिससे पीरोड और सीसामऊ रोड को पूरी तरह ब्लाक कर दिया गया था। इस दौरान रात से ही लोगों को आवागमन में परेशानी होती रही। वहीं दिनभर जरीब चौकी में जाम की स्थिति बनी रही। कार्यक्रम के समय को लेकर भी कई बार बदलाव किए गए।

    मंच पर अफरा-तफरी, महापौर ने बनाई दूरी

    शिलान्यास कार्यक्रम के राजनीतिक मायने भी चर्चा में रहा। भाजपा के कई पुराने नेताओं ने पोस्टर में फोटो नहीं छापने और निमंत्रण न मिलने की नाराजगी अंदरखाने दिखाई दी। इंटरनेट मीडिया में पूर्व महापौर रवींद्र पाटनी ने विरोध दर्ज कराया गया, वहीं मौजूदा महापौर प्रमिला पांडेय ने भी कार्यक्रम से दूरी बनाए रखी। उनका नाम मंच से कई बार लिया गया, लेकिन वह मौजूद नहीं रहीं। मंच में कार्यकर्ताओं और नेताओं में चेहरा दिखाने की होड़ मची रही।

    विरोध में व्यापारियों ने बंद किया बाजार

    जरीब चौकी उद्योग व्यापार मंडल ने शिलान्यास समारोह का विरोध करते हुए पूरे बाजार को बंद रखा। व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय मिश्र ने कहा कि वर्ष 2009 से व्यापारी मंधना से अनवरगंज रेलवे ट्रैक हटाने की मांग कर रहे थे। वर्ष 2022 में तत्कालीन सांसद देवेंद्र सिंह भोले के साथ रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात के दौरान एलिवेटेड ट्रैक योजना पर सहमति बनी थी।

    इस वजह से प्रस्तावित हुआ ओवरब्रिज

    व्यापारियों का आरोप लगाया कि नई डिजाइन में 17 क्रासिंग तो खुली रखी गईं, लेकिन जरीब चौकी क्रासिंग बंद कर दी गई, जिसके चलते यह ओवरब्रिज प्रस्तावित हुआ। व्यापार मंडल के अनुसार, पुल निर्माण से करीब 500 व्यापारियों और उद्यमियों का कारोबार प्रभावित होगा। उनका कहना है कि विकास के नाम पर बाजार उजाड़ने का फैसला स्वीकार नहीं किया जाएगा। विरोध प्रदर्शन में संरक्षक अरुण पांडेय, चेयरमैन आजाद गुप्ता, महामंत्री अमरदीप सिंह, उपाध्यक्ष अजय गुप्ता समेत बड़ी संख्या में व्यापारी शामिल रहे।

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