स्लीपर सेल की तो नहीं थी तैयारी... पाकिस्तान कनेक्शन उजागर, कासगंज के शहबाज के संपर्क खंगाल रही ATS
शहबाज को रिमांड पर लिया गया है और उसके मोबाइल चैट से कई अहम जानकारियां मिली हैं, जबकि गांव वाले हैरान और परिवार बचाव कर रहा है। ...और पढ़ें

शहबाज इंसेट में फोटो। उसका घर।

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जागरण संवाददाता, कासगंज। थाना सुन्नगढ़ी क्षेत्र के गांव किसौल किलोनी के रहने वाले शहबाज के आतंकी संपर्क सूत्र एटीएस खंगाल रही है। वह पाकिस्तानी आतंकी मोहम्मद उमर के अलावा देश में किन लोगों के संपर्क में था, कहीं उसका कनेक्शन किसी स्लीपर सेल से तो नहीं है, इसकी जानकारी भी जुटाई जा रही है।
शहबाज को तीन जून की शाम छह बजे तक रिमांड पर लिया गया है। इसके बाद उसे जेल भेजा जाएगा। पुलिस सूत्रों के मुताबिक चैट के जरिए कुछ अहम जानकारियां मिल रही हैं। गरीब परिवार का युवक कैसे आतंकवादी गतिविधि में फंस गया यह जानकार गांव के लोग हैरान हैं।
कहीं स्लीपर सेल की तो नहीं थी तैयारी पाकिस्तान कनेक्शन हुआ उजागर
इंटरनेट मीडिया पर शहबाज के कई वीडियो प्रसारित हो रहे हैं। यह वीडियो गांव वालों के पास भी हैं। उनका कहना है कि सामान्य सा रहने वाले युवक की देशद्रोही गतिविधियां होंगी, इस बारे में कभी सोचा नहीं था। गांव के लोग ज्यादा कुछ बोलना नहीं चाहते।
दो एंड्राइड मोबाइल रखता था आरोपित
इतना जरूर कह रहे हैं कि आरोपित किसी को कुछ भी बताता नहीं था, लेकिन वह दो एंड्रायड मोबाइल रखता था। उसका परिवार दावा कर रहा है कि उनका बेटा देशद्रोही गतिविधियों में सम्मिलित नहीं हो सकता, मगर जो चैट मिली हैं वे पाकिस्तानी आतंकी मोहम्मद उमर से जुड़ीं हैं। इंस्टाग्राम पर बातचीत भी हुई है। पुलवामा हमले की बरसी को लेकर शहबाज ने खुद ही ब्लैक डे लिखा है।
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मोबाइल से मिल रहीं कई अहम जानकारियां
एटीएस की इंटरनेट मीडिया निगरानी सेल की नजर से वह नहीं बच पाया और उसकी चैट पकड़ में आ गई। इसके बाद एटीएस ने उसे 18 मई को गांव से उठा लिया था। कई दिन तक चली पूछताछ के बाद अदालत ने उसे 30 मई की सुबह 10 बजे से तीन जून शाम छह बजे तक रिमांड मंजूर करते हुए पुलिस को सौंप दिया था। शहबाज कक्षा चार तक ही पढ़ा है, लेकिन उसे मोबाइल एडिक्ट बताया गया है।
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पूछताछ में जुटी एजेंसियां
सूत्रों का कहना है कि इंस्टाग्राम के जरिए ही वह मोहम्मद उमर के संपर्क में आया और उसके बाद इंटरनेट कालिंग भी बातचीत के लिए करता था। अब उसके संपर्क सूत्र खंगाले जा रहे हैं। यह भी देखा जा रहा है कि कहीं उसकी गतिविधियां स्लीपर सेल तैयार करने को लेकर तो नहीं हैं। रिमांड के बाद कई बातें साफ हो जाएंगी। फिलहाल यह दावा किया जा रहा है कि एटीएस के पास शहबाज के विरुद्ध पुख्ता सबूत हैं। हालांकि एनआइए भी सक्रिय है।
पुलिस अधीक्षक ओपी सिंह का कहना है कि मामले की जांच एटीएस कर रही है, इसलिए जो भी कार्रवाई करेगी वह एटीएस ही करेगी।
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परिवार कर रहा बचाव
शहबाज का परिवार उसका लगातार बचाव कर रहा है। मां फैमीदा अपने पुत्र को निर्दोष बता रही है। दूसरी तरफ गांव वाले दबी जुबान से चर्चा कर रहे हैं, लेकिन खुलकर कोई भी बोलना नहीं चाहता। गांव के लोगों को इस बात का इंतजार है कि रिमांड के बाद क्या स्थिति निकलकर सामने आती है।