निश्चिंत रहें- Census-2027 जनगणना में नहीं चलेगी दोहरी गिनती, जहां रहते हैं वहीं दर्ज होगा आपका रिकार्ड
Census 2027: व्यक्ति की जनगणना केवल उसी स्थान पर होगी जहां वह सामान्य रूप से रहता है। ...और पढ़ें

जनगणना कार्य निदेशालय उत्तर प्रदेश के डिप्टी डायरेक्टर अश्वनी दीक्षित और अजय कुमार
HighLights
दैनिक जागरण लखनऊ में राज्यस्तरीय विमर्श
जनगणना निदेशालय के डिप्टी डायरेक्टर अजय कुमार व अश्वनी दीक्षित ने दी जानकारी
21 मई तक कर सकेंगे स्वगणना, गलत जानकारी देने पर जुर्माना और कार्रवाई का प्रविधान
पहले चरण में मकान सूचीकरण और मकानों की होगी गणना
विवेक राव, लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जनगणना 2027 की स्वगणना प्रक्रिया में लोगों के मन में कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर किसी व्यक्ति के दो जिलों में घर हैं तो उसकी गणना कहां होगी? इसी तरह विवाहित बेटी, बाहर नौकरी या पढ़ाई कर रहे बेटे, किरायेदार और विवादित संपत्ति को लेकर भी लोग भ्रम में हैं।
दैनिक जागरण की ओर से सोमवार को आयोजित राज्यस्तरीय विमर्श में जनगणना कार्य निदेशालय उत्तर प्रदेश के डिप्टी डायरेक्टर अजय कुमार और अश्वनी दीक्षित ने इन सभी सवालों के जवाब दिए। स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति के दो जिलों में मकान हो सकते हैं और दोनों मकानों का रिकार्ड बनेगा, लेकिन व्यक्ति की जनगणना केवल उसी स्थान पर होगी जहां वह सामान्य रूप से रहता है।
जनगणना में यूजुअल रेजिडेंस यानी जहां व्यक्ति सामान्य तौर पर रहता है, उसी को आधार माना जाएगा। सात मई से शुरू हुई स्वगणना 21 मई तक चलेगी। इसके बाद 22 मई से गणनाकर्मी (प्रगणक) घर-घर जाकर जानकारी लेंगे। स्वगणना आइडी उनके सत्यापन के बाद ही पूरी मानी जाएगी।
ससुराल में गिनी जाएगी विवाहित बेटी
अधिकारियों के अनुसार विवाहित बेटी सामान्य रूप से अपने ससुराल में गिनी जाएगी। वहीं जो लोग पढ़ाई या नौकरी के कारण लंबे समय से दूसरे शहर में रह रहे हैं, उनकी गणना वहीं होगी जहां वे रह रहे हैं। किरायेदारों का रिकार्ड भी उसी मकान में बनेगा जहां वे रह रहे हैं। यदि एक ही मकान में कई किरायेदार रहते हैं तो सभी का अलग-अलग रिकार्ड तैयार किया जाएगा।
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जनगणना अधिकारियों ने बताया कि जो लोग एक साथ रहते हैं और एक ही रसोई में भोजन बनता है, उन्हें परिवार माना जाएगा। यदि एक ही मकान में अलग-अलग रसोई हैं तो उन्हें अलग परिवार माना जाएगा। उदाहरण देते हुए बताया गया कि यदि एक मकान में मकान मालिक और तीन किरायेदार रहते हैं तो सभी अलग-अलग स्वगणना कर सकेंगे।
यदि कोई व्यक्ति अदालत में विचाराधीन या विवादित संपत्ति को स्वगणना में दर्ज करता है तो उसका रिकार्ड भी लिया जाएगा। इसके लिए किसी दस्तावेज की जरूरत नहीं होगी। अधिकारियों ने बताया कि स्वगणना में गलत या फर्जी जानकारी देने पर जनगणना कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है। गलत जानकारी देने या सवालों का जवाब देने से मना करने पर एक हजार रुपये तक जुर्माने का प्रविधान है। वहीं यदि कोई जनगणना कर्मी अनुचित सवाल पूछता है, किसी की निजी जानकारी साझा करता है या जानबूझकर गलत जानकारी भरता है तो उसके खिलाफ तीन वर्ष तक की सजा का प्रविधान है।
किसी को नहीं बतानी है ओटीपी
स्वगणना पोर्टल पर लोगों की निजी जानकारी सुरक्षित रखने के लिए साइबर सुरक्षा और एन्क्रिप्शन तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। किसी व्यक्ति की निजी जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाएगी।स्वगणना पूरी होने के बाद लोगों को 11 अंकों की एसईआइडी मिलेगी, जो ‘एच’ अक्षर से शुरू होगी। प्रगणक के आने पर यही आइडी दिखानी होगी। किसी को भी ओटीपी साझा न करें। साथ ही प्रगणक की पहचान उसके क्यूआर कोड वाले पहचान पत्र से सुनिश्चित की जा सकती है।
सोलर और बिजली दोनों हों तो क्या भरें
स्वगणना के दौरान 33 सवालों के जवाब देने होंगे। यदि किसी घर में सोलर पैनल और सामान्य बिजली दोनों की सुविधा है और सोलर के कारण बिजली मीटर में शून्य रीडिंग आती है तो सोलर का विकल्प चुनना चाहिए। यदि घर के कुछ कमरों में टाइल्स लगी हों और कुछ में न हों, तो प्रमुख सुविधा के आधार पर जानकारी भरनी होगी। इसी तरह भोजन से जुड़े सवालों में जिस अनाज का सबसे अधिक उपयोग होता है, उसी श्रेणी को चुना जाएगा। उदाहरण के तौर पर ब्रेड, बिस्किट और दलिया को गेहूं श्रेणी में माना जाएगा, जबकि चावल से बनी चीजें चावल श्रेणी में शामिल होंगी। कई लोगों को डिजिटल मैप पर अपना घर ढूंढने में परेशानी हो रही है। ऐसी स्थिति में अपने गांव या मोहल्ले के आसपास 100 मीटर के दायरे में लोकेशन पिन की जा सकती है।
दूसरे चरण में होगी जातिगत जनगणना
पहला चरण मकान सूचीकरण व मकानों की गणना होगी। इस चरण की जनगणना 22 मई से 20 जून तक चलेगी। इसमें कोई भी घर नहीं छोड़ा जाएगा और प्रगणक हर घर तक पहुंचेंगे। एक प्रगणक को लगभग 800 आबादी और 150 से 180 घरों की गणना करनी होगी।
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गैर-आवासीय क्षेत्रों में करीब 350 भवनों की गणना की जाएगी। दूसरे चरण की जनगणना अगले वर्ष नौ फरवरी से शुरू होगी। इसी चरण में व्यक्तिगत और जातिगत जनगणना की जाएगी। इसके लिए अलग से निर्देश जारी की जाएगी। बेघर परिवार जो खुले में रहते हैं उनकी गणना दूसरे चरण में होगी।