छावनी परिषद प्रशासन लखनऊ की संवेदनहीनता, बेटी ने सपा मुखिया अखिलेश यादव को खिलाया प्रसाद तो पिता को किया पदावनत
Lucknow Cantonmant Baord News: आंबेडकर जयंती पर छावनी परिषद में भंडारे का आयोजन बना सुर्खियां। ...और पढ़ें

अखिलेश ने प्रसाद के रूप में सब्जी पूड़ी खायी थी। इसका वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से प्रसारित हुआ।
HighLights
सफाई सुपरवाइजर से सफाईकर्मी पद पर किया पदावनत
बाबा साहब भीमराव आंबेडकर की जयंती पर किया गया था भंडारे का आयोजन
छावनी परिषद का बयान, सेवा आचरण नियमावली के विरुद्ध
निशांत यादव, लखनऊ। छावनी परिषद प्रशासन में एक सुपरवाइजर को काम से हटाकर सफाईकर्मी के पद पर स्थानांतरित करने को लेकर विवाद हो रहा है। सफाई सुपरवाइजर के पद पर काम कर रहे उमेश कुमार को सफाई कर्मी बना दिया गया है।
परिषद प्रशासन का कहना है कि कर्मचारी उमेश कुमार ने बिना अनुमति के रक्षा मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों को भंडारे के लिए आमंत्रित किया था। उमेश कुमार का आरोप है कि उनकी बेटी ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को भंडारे का प्रसाद खिलाया था, जिसके कारण परिषद प्रशासन ने उनके मूल पद पर वापस भेजकर सफाई कर्मी बना दिया है।
उल्लेखनीय है कि अंजली मैसी ने 14 अप्रैल को छावनी परिषद के गेट के पास बाबा साहब भीमराव आंबेडकर की जयंती पर भंडारे का आयोजन किया था। इसी दिन बैसाखी पर्व पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव सदर गुरुद्वारा में माथा टेकने गए थे। गुरुद्धारा से निकलते समय अंजली मैसी ने अखिलेश यादव से भंडारे का प्रसाद खाने का आग्रह किया था। गाड़ी से उतकर अखिलेश ने प्रसाद के रूप में सब्जी पूड़ी खायी थी। इसका वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से प्रसारित हुआ।
इसके बाद 16 अप्रैल को एक आदेश जारी करते हुए छावनी परिषद प्रशासन ने अंजली मैसी के पिता उमेश कुमार को तत्काल प्रभाव से सफाई का काम करने के आदेश जारी कर दिए। इससे पहले 16 अक्टूबर 2023 को तत्कालीन सफाई अधीक्षक ने आदेश जारी करते हुए उमेश कुमार को स्थाई रूप से अगले आदेशों तक विभिन्न प्रतिष्ठानों की सुरक्षा में लगे चौकीदार और गार्ड की ड्यूटी संबंधी जानकारी सफाई विभाग को देने का दायित्व सौंपा था। यह कार्य सुपरवाइजर का होता है।
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उमेश कुमार का कहना है कि भंडारा आयोजन को लेकर जो पत्र मध्य कमान सेनाध्यक्ष, मुख्य अधिशासी अधिकारी, प्रधान निदेशक रक्षा संपदा, थाना कैंट, मध्य यूपी सब एरिया मुख्यालय के डिप्टी जीओसी, रक्षा संपदा अधिकारी को भेजा था, उसमें आमंत्रण के साथ-साथ कार्यक्रम की अनुमति भी मांगी गई है।
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छावनी परिषद मुख्य अधिशासी अधिकारी अभिषेक राठौर ने कहा कि उमेश कुमार के विरुद्ध सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को भंडारा खिलाने के लिए नहीं, बल्कि बिना परिषद प्रशासन की अनुमति के शीर्ष अधिकारियों को आमंत्रित करने के लिए सीधे पत्र भेजने के कारण स्थानांतरण की कार्रवाई हुई है। सेवा आचरण नियमावली के विरुद्ध है।
दलित नफ़रती सरकार के दिवालियापन तो देखिय,
— Aditi Yadav (@aditiyadav_00) May 6, 2026
राजनीति में विचारों का ना मिलने का मतलब जनता को परेशान करना तो नहीं है और न ही जनता से बदला लेना,
अंजली मैसी (जाटव) के पिता उमेश कुमार जी को सिर्फ इसीलिए डिमोशन देकर सफाईकर्मी बना दिया, क्योंकि उन्होंने अखिलेश यादव ने इनके यहां भंडारे… pic.twitter.com/2OSEgMLhH5