यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 18, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Samajwadi Party: सपा ने सीखा सबक, कांग्रेस को दरकिनार कर अकेले ही लड़ेगी चुनाव- राजेंद्र चौधरी ने बताया बड़ा कारण
Samajwadi Party Latest News - मध्य प्रदेश में कांग्रेस के साथ गठबंधन की आस लगाए सपा को झटका लगने के बाद अब उसे अन्य राज्यों में भी कांग्रेस से किसी तर ...और पढ़ें

HighLights
- पार्टी को राजस्थान व छत्तीसगढ़ में भी कांग्रेस से सीटों की उम्मीद नहीं
- तीनों राज्यों की चुनाव लड़ने वाली सीटों की जल्द घोषणा करेगी सपा
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। Samajwadi Party Latest News - मध्य प्रदेश में कांग्रेस के साथ गठबंधन की आस लगाए सपा को झटका लगने के बाद अब उसे अन्य राज्यों में भी कांग्रेस से किसी तरह के गठबंधन की उम्मीद नहीं रह गई है। ऐसे में सपा ने मध्य प्रदेश के अलावा राजस्थान व छत्तीसगढ़ में भी अपने दम पर चुनाव लड़ने की तैयारी शुरू कर दी है।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इन प्रदेशों के नेताओं को केवल उन सीटों पर ही चुनाव लड़ने की हिदायत दी है, जहां पार्टी थोड़ी मजबूत स्थिति में है। एक-दो दिनों में सपा इन प्रदेशों में चुनाव लड़ने वाली सीटों की घोषणा कर देगी।
विधानसभा चुनाव में समझौता की उम्मीद
अगले वर्ष होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले पांच राज्यों मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, मिजोरम व तेलंगाना में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं। एनडीए के खिलाफ बने विपक्षी गठबंधन आईएनडीआईए में शामिल मुख्य दल कांग्रेस व सपा के बीच विधानसभा चुनाव में भी समझौता होने की उम्मीद थी।
सहयोगी दलों के साथ चुनाव लड़ेगी सपा
मध्य प्रदेश को लेकर सपा कई बार कह भी चुकी थी कि आईएनडीआईए के सहयोगी दलों के साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगे। कई चरणों की वार्ता के बाद सीटों को लेकर सहमति नहीं बन सकी। सपा ने अब अपने दम पर चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है।
खबरें और भी
एमपी में 50 सीटों पर चुनाव लड़ने का मन
मध्य प्रदेश में सपा ने 50 सीटों पर चुनाव लड़ने का मन बनाया है। वर्ष 2018 में 52 सीटों पर चुनाव लड़कर एक सीट पर जीत दर्ज की थी। पार्टी नौ सीटों के प्रत्याशी की घोषणा कर चुकी है, एक-दो दिनों में शेष टिकट घोषित कर देगी। यहां 21 से 30 अक्टूबर तक नामांकन होंगे। 17 नवंबर को मतदान होना है।
यह भी पढ़ें: अखिलेश यादव ने आईएनडीआईए को दिया अल्टीमेटम, गठबंधन को लेकर बोले- अभी नहीं तो कभी नहीं; बताई बड़ी वजह
राज्यों के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के साथ हमारा समझौता नहीं हो सका है अब हम सभी जगह अकेले चुनाव लड़ेंगे। एक-दो दिनों में सीटों की संख्या घोषित कर दी जाएगी। इस चुनाव से अगले वर्ष होने वाले लोकसभा चुनाव में विपक्षी गठबंधन आईएनडीआईए की एकता पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
-राजेन्द्र चौधरी, मुख्य प्रवक्ता, सपा।
राजस्थान में प्रभाव बरकरार रखने की जुगत
राजस्थान में भी सपा उन सीटों को देख रही है जहां उसका प्रभाव है। पिछले चुनाव में यहां पांच सीटों पर उसने चुनाव लड़ा था। छत्तीसगढ़ में उसने पिछले चुनाव में 17 सीटों पर किस्मत आजमाई थी। हालांकि दोनों ही राज्यों में उसे एक भी सीट पर सफलता नहीं मिली थी।