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    यूपी में नगरीय निकायों को आबादी के हिसाब से मिलेगा विकास का पैसा, DPR में फोटो लगाना होगा अनिवार्य

    Updated: Mon, 25 May 2026 12:41 AM (IST)

    उत्तर प्रदेश में नगरीय निकायों को अब आबादी के आधार पर विकास कार्यों के लिए धनराशि मिलेगी। विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) में संबंधित क्षेत्र की आबादी ...और पढ़ें

    नगरीय निकायों को आबादी के हिसाब से मिलेगा विकास का पैसा। AI जेनेरेटेड फोटो

    नगरीय निकायों को आबादी के हिसाब से मिलेगा विकास का पैसा। AI जेनेरेटेड फोटो

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    संक्षेप में पढ़ें

    राज्य ब्यूरो, लखनऊ। शहरों में विकास कार्यों के लिए अब आबादी को आधार बनाया जाएगा। नगर विकास विभाग ऐसी व्यवस्था लागू करने जा रहा है, जिसके तहत नगर निगम, नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतों को उनकी आबादी और जरूरत के हिसाब से विकास कार्यों के लिए धनराशि दी जाएगी। इसको लेकर उच्च स्तर पर सहमति बन गई है, जल्द ही आदेश जारी होने की संभावना है।

    नई व्यवस्था के तहत सड़क, नाली, नाला, पार्क और अन्य बुनियादी सुविधाओं के प्रस्ताव भेजते समय नगरीय निकायों को संबंधित क्षेत्र की आबादी स्पष्ट रूप से बतानी होगी।

    इसके साथ ही उस इलाके की मौके की फोटो भी डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) में लगानी अनिवार्य होगी। सरकार का मानना है कि इससे यह तय करने में आसानी होगी कि प्रस्तावित कार्य से कितने लोगों को वास्तविक लाभ मिलेगा।

    नगर विकास विभाग इस समय स्मार्ट सिटी, अमृत, स्वच्छ भारत मिशन, नवयुग पालिका योजना, दीनदयाल उपाध्याय नगर विकास योजना, आकांक्षी नगर योजना, मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना तथा नगरीय झील, तालाब और पोखर संरक्षण योजना जैसी कई योजनाएं संचालित कर रहा है।

    इन योजनाओं के तहत निकायों को हर वर्ष भारी-भरकम बजट दिया जा रहा है, लेकिन सुविधाओं की कमी को लेकर लगातार शिकायतें भी सामने आ रही हैं।

    इसी को देखते हुए अब सरकार प्रस्तावों की गहन जांच कराएगा। निकायों को यह भी बताना होगा कि जिस क्षेत्र में सड़क या नाली निर्माण का प्रस्ताव भेजा जा रहा है, वहां पहले कोई निर्माण कार्य हुआ है या नहीं।

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    यदि पहली बार सड़क बनाई जा रही है तो आसपास बने मकानों और आबादी की तस्वीरें भी देनी होंगी। इसी तरह पार्क और अन्य निर्माण कार्यों के लिए भी विस्तृत जानकारी उपलब्ध करानी होगी।

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