60 हजार ₹ का लोन बढ़कर 2.62 लाख हुआ, मैनपुरी में कर्ज से परेशान दंपती ने जहर खाकर दी जान
मैनपुरी के अढूपुर गांव में एक किसान दंपती ने कर्ज और घरेलू कलह से परेशान होकर विषाक्त का सेवन कर आत्महत्या कर ली। इलाज के दौरान सैफई पीजीआई में उनकी म ...और पढ़ें

राधा और संतोष के फाइल फोटो।

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संवाद सूहयोगी, बरनाहल (मैनपुरी)। घर से दवा लेने जाने की कहकर निकले किसान दंपती ने कर्ज और घरेलू कलह से परेशान होकर शनिवार शाम को विषाक्त सेवन कर लिया। दंपती भदौल मार्ग किनारे अचेत अवस्था में मिलने के बाद स्वजन ने उन्हें पीजीआई सैफई में भर्ती कराया।
जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। पुलिस ने रविवार को दोनों ही शवों के पोस्टमार्टम कराए। एएसपी ग्रामीण ने गांव पहुंचकर स्वजन से जानकारी ली है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
एक दिन पूर्व घर से दवा लेने की कहकर निकले थे, सड़क किनारे अचेतावस्था में मिले थे दोनों
क्षेत्र के गांव अढूपुर निवासी 60 वर्षीय किसान संतोष कुमार खेती करते थे। वह और उनकी 55 वर्षीय पत्नी राधा देवी सांस रोग से पीड़ित थे। दंपती दिहुली स्थित चिकित्सक से इलाज करा रहे थे। शनिवार दोपहर दो बजे के करीब दंपती दवा लेने की बात कहकर घर से निकले थे। शाम पांच बजे के करीब तीन किमी दूर भदौल मार्ग पर गांव सोडरा के निकट दोनों अचेतावस्था में सड़क किनारे पड़े मिले।
कर्ज और घरेलू कलह से परेशान थे दंपती
जानकारी पाकर स्वजन वहां पहुंचे और दोनों को पीजीआइ सैफई में भर्ती कराया गया। जहां इलाज के दौरान दंपती की मृत्यु हो गई। सूचना पर पहुंची बरनाहल पुलिस ने शव मोर्चरी पर रखवाकर जांच की तो किसान की जेब में सल्फास की गोलियां मिलीं। पोस्टमार्टम कराने के बाद रविवार को दंपती के शव स्वजन के सिपुर्द कर दिए। जब शव गांव पहुंचे तो ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई।
सूचना पर एएसपी ग्रामीण अभिषेक तिवारी, बरनाहल इंस्पेक्टर अनिरुद्ध प्रताप सिंह के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से जानकारी जुटाई तो ग्रामीणों ने कर्ज और घरेलू कलह से परेशान होकर आत्महत्या करने की बात कही।
भैंस खरीदने के लिए लिया था 60 हजार, बढ़कर हुआ 2.62 लाख रुपये
ग्रामीणों ने बताया कि मृतक किसान संतोष कुमार ने करीब 15 साल पहले भूमि विकास बैंक से भैंस खरीदने के लिए 60 हजार का कर्ज लिया था। जमा न करने के कारण यह बढ़कर 2.62 लाख रुपये हो गया था। इसे भरने को लेकर उनका दोनों पुत्रों से कलह चल रही थी। किसान संतोष कुमार के पास सात बीघा जमीन थी।
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एक ही चिता पर दंपती के शव का हुआ अंतिम संस्कार
मृतक दंपती के दो पुत्र और दो पुत्रियां हैं। सभी की शादी हो चुकी है। छोटा पुत्र दिलीप सेना में जवान है। उनकी पत्नी और बच्चे इटावा में रहते हैं। जबकि बड़ा पुत्र प्रदीप गांव में साथ ही रहता है। दोपहर को दंपती के शव का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया है।
किसान ने करीब 15 वर्ष पूर्व भूमि विकास बैंक से ऋण लिया था। इसे चुकाने को लेकर परिवार में कलह होने की बात सामने आई है। संभवत: इसके चलते ही दंपती ने आत्महत्या का कदम उठाया है।
डॉक्टर इंद्रमणि त्रिपाठी, जिलाधिकारी
किसान दंपती द्वारा विषाक्त सेवन कर आत्महत्या की गई प्रतीत हो रही है। स्वजन और ग्रामीणों से जानकारी ली गई है। अभी कोई तहरीर नहीं मिली है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तहरीर प्राप्त होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अभिषेक तिवारी, एएसपी ग्रामीण