मथुरा में पूर्व नगर आयुक्त की पत्नी के नाम छह फर्जी क्रेडिट कार्ड बनाकर 46.31 लाख की ठगी, हो रही जांच
पूर्व नगर आयुक्त जग प्रवेश की पत्नी रशिका जग प्रवेश के नाम पर फर्जी दस्तावेजों से छह क्रेडिट कार्ड जारी कर साइबर ठगों ने 46.31 लाख रुपये की धोखाधड़ी क ...और पढ़ें

HighLights
पूर्व नगर आयुक्त की पत्नी के नाम पर ठगी का मामला।
छह फर्जी क्रेडिट कार्ड से 46.31 लाख रुपये का लेनदेन।
पुलिस जांच में जुटी, पहचान दुरुपयोग का खुलासा हुआ।
जागरण संवाददाता, मथुरा। साइबर ठगों ने पूर्व नगर आयुक्त एवं पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के विशेष सचिव जग प्रवेश की पत्नी के नाम पर फर्जी दस्तावेजों के सहारे छह क्रेडिट कार्ड जारी कराकर 46.31 लाख रुपये की वित्तीय धोखाधड़ी कर डाली।
जालसाजों ने पहचान संबंधी दस्तावेजों में हेरफेर कर पता भी गलत दर्ज कराया और बैंकिंग व्यवस्था को चकमा देते हुए कार्ड हासिल कर लिए। इन कार्डों से वित्तीय वर्ष 2025-26 में लाखों रुपये के संदिग्ध लेनदेन किए गए। टैक्स इनफार्मेशन समरी सामने आने पर पीड़िता ने 29 जून को सदर थाने में मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस जांच में जुटी है।
नगर आयुक्त जग प्रवेश का शासन ने 10 जुलाई को तबादला कर पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन का विशेष सचिव बनाया है। वह करीब एक वर्ष तक मथुरा में रहे। साइबर ठगों ने उनकी पत्नी रशिका जग प्रवेश की पहचान का दुरुपयोग करते हुए फर्जी दस्तावेज तैयार किए और उन्हीं के आधार पर छह क्रेडिट कार्ड जारी करा लिए।
जांच के दौरान टैक्स इनफार्मेशन समरी सामने आने पर परिवार को पता चला कि उनके पैन कार्ड का कथित रूप से गलत इस्तेमाल कर छह क्रेडिट कार्ड बनवाए गए हैं।
इनमें तीन कार्डों के जरिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में करीब 46.31 लाख रुपये का संदिग्ध लेनदेन किया गया। चौंकाने वाली बात सामने आई कि क्रेडिट कार्ड पर दर्ज पता, ई-मेल आइडी और हस्ताक्षर तक फर्जी हैं।
पीड़िता का कहना है कि उन्होंने इन कार्डों के लिए कभी आवेदन ही नहीं किया। इसके बावजूद ठगों ने उनकी पहचान चोरी करके बैंकिंग सिस्टम में सेंध लगाई और लाखों रुपये का लेनदेन कर दिया।
शिकायत के आधार पर सदर थाना पुलिस ने 29 जून को अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अब बैंक रिकार्ड, क्रेडिट कार्ड से जुड़े दस्तावेज, लेनदेन की जानकारी और तकनीकी साक्ष्यों को खंगाल रही है।
सदर थाने के विवेचक इंस्पेक्टर उमेश यादव का कहना है कि अभी जांच की जा रही है। पीड़िता से कोई ठगी नहीं हुई है, ठगों ने उनके नाम का दुरुपयोग कर अन्य लोगों से रुपये ठगे हैं। जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।