मथुरा नाव हादसा: 9 घंटे बाद यमुना से निकाली मोटरबोट, 40 KM हवा की रफ्तार में की मनमानी; पुलिस हिरासत में चालक
मथुरा में यमुना नदी में डूबी मोटरबोट को नौ घंटे की मशक्कत के बाद रात 12 बजे निकाला गया। बोट एक पैंटून पुल से टकरा गई थी। पुलिस ने चालक पप्पू को हिरासत ...और पढ़ें

मथुरा: देर रात यमुना से निकाली गई मोटरबोट। फोटो सौ. पुलिस द्वारा

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जागरण संवाददाता, मथुरा। दोपहर तीन बजे हुए हादसे के बाद डूबी मोटरबोट को निकालने के लिए कई टीमों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। नौ घंटे बाद रात 12 बजे टीम मोटरबोट को यमुना नदी से निकालने में सफल हो सकी है। जिस स्थान पर मोटरबोट डूबी थी, वहां पर करीब 35 फीट की गहराई बताई जा रही है।
नौ घंटे बाद डूबी मोटरबोट को यमुना से निकाला
मोटरबोट नीचे रेता में फंस गई। गोताखोरों ने कई बार कांटे डाले, लेकिन बहाव के कारण बार-बार कांटा निकल आ रहा था। रात 12 बजे टीमों ने यमुना नदी से डूबी मोटरबोट को बाहर निकाला।
देर रात पुलिस हिरासत में मोटरबोट चालक पप्पू
यमुना हादसे में चलाए जा रहे बचाव राहत कार्य के दौरान पुलिस टीम ने मोटरबोट के चालक पप्पू को देर रात को हिरासत में ले लिया। पुलिस की टीमें उससे हादसे को लेकर पूछताछ करने में जुटी हैं। हादसे के बाद चालक तैरते हुए सुरक्षित बाहर निकल आया था। पुलिस ने कई नाविकों से जानकारी जुटाई। इसके बाद एक टीम ने चालक पप्पू को घर के पास से हिरासत में ले लिया है। हालांकि पुलिस के अधिकारियों ने इसकी पुष्टि नहीं की है।
हवा करीब चालीस किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चल रही थी
जिस वक्त हादसा हुआ, उस वक्त हवा करीब चालीस किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चल रही थी। हादसे में डूबे लुधियाना के रोहित ने बताया कि जिस वक्त मोटरबोट चली तो हवा की रफ्तार तेज होने के कारण मोटरबोट डगमगाने लगी थी।
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तब चालक से उसे रोकने की कही, लेकिन उसने रोका नहीं। दो बार इस दौरान टकराने से भी बची। काफी कहने के बाद वह बोट वापस ले जाने को राजी हुआ, तब तक पैंटून पुल का एक हिस्सा हवा में लहराता हुआ और बोट को टक्कर मार दी।
बार-बार कहा लेकिन चालक ने नहीं रोकी बोट
रोहित बताते हैं कि वह काफी डर गए थे। पहले ही चालक पप्पू से बार-बार कह रहा था कि मोटर बोट को धीमे चलाओ या रोक दो। हवा काफी तेज थी, ऐसे में बोट डगमगाने लगी थी। लेकिन चालक ने बात अनसुनी कर दी। दो बार टकराने से बची।
दो बार पहले पैंटून पुल से टकराने से बची थी
काफी कहने को बाद कुछ देर बोट रोकी। जब हम लोगों ने देवराहा बाबा घाट जाने से मना कर दिया और वापस जाने की बात कही, तब तक पैंटून पुल का एक हिस्सा हवा में लहराता हुआ आया और बोट में टक्कर मार दी।
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