मथुरा नाव हादसा: यादों की रील बनाते टूट गई रीयल जिंदगी की डोर, 10 की मौत
लुधियाना की राजिंदर कौर ने बताया कि नाव में महिलाएं अधिक थीं। अचानक नाव पलटने से कई जानें चली गईं, जिससे यादें सहेजने की कोशिश कर रहे लोगों की 'रीयल' ...और पढ़ें

वृंदावन के केशीघाट पर यमुना में दौड़तीं मोटरवोट में रील बनाते श्रद्धालु-पर्यटक। - फोटो: जागरण।

समय कम है?
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जागरण संवाददाता, मथुरा। यह श्रद्धालुओं की अपने आराध्य के प्रति भक्ति ही थी कि जब वह यमुना पार स्थित देवराहा बाबा की समाधि के दर्शन को जा रहे थे, तो भजन कीर्तन में डूबे।
इन यादों को सहजने के लिए किसी ने मोबाइल से रील बनाई, किसी ने वीडियो और फोटो लिए। कुछ लोग मोटरबोट पर ही नाचने लगे थे। लेकिन रील बनाते समय उनकी रीयल जिंदगी की डोर हमेशा के लिए टूट जाएगी, यह किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था।
कोई श्रद्धालु वीडियो बना रहा था, किसी ने खींची फोटो
लुधियाना निवासी राजिंदर कौर बताती हैं कि मोटरबोट में महिलाओं की संख्या अधिक थी। सभी ने यमुना पार स्थित देवराहा बाबा की समाधि पर दर्शन के लिए जाने की योजना बनाई थी। सभी नाव में सफर के दौरान भजन-कीर्तन कर रहे थे। बहुत से श्रद्धालु रील बना रहे थे। उन्हें इन पलों को अपनी यादों में सहेजना था।
राधे-राधे की टेर लगाकर कर रहे थे बोट में सफर
कुछ ने वीडियो और फोटो खींचे। घटना के कुछ समय पहले का एक वीडियो भी सामने आया है। इसमें सभी श्रद्धालु भजन कीर्तन कर रहे हैं। राधे-राधे की सभी टेर लगाए थे। लेकिन अगले ही पल मोटरबोट यमुना में समा गई। जो रील बना रहे थे, उनकी रीयल जिंदगी की डोर हादसे ने तोड़ दी।
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