यूपी पंचायत चुनाव की तारीख घोषित होने का उम्मीदवार कर रहे इंतजार, देरी होने से ठंडा पड़ा माहौल
उत्तर प्रदेश में 2026 के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में देरी की अटकलों ने संभावित उम्मीदवारों की सक्रियता कम कर दी है। आरक्षण प्रक्रिया रुकने और कानूनी प ...और पढ़ें

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तिथि घोषित नहीं होने से उदासीन हुए दावेदार।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, रामपुर बेलौली (मऊ)। प्रदेश में 2026 में होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में देरी या उसके टलने की अटकलों ने संभावित उम्मीदवारों की सक्रियता को कम कर दिया है। आरक्षण प्रक्रिया रुकी होने और कानूनी पेचीदगियों के कारण जो दावेदार जोश में थे, वे अब चुनाव की स्पष्ट तारीख घोषित होने का इंतजार कर रहे हैं। इससे ग्रामीण इलाकों में राजनीतिक सक्रियता कम हो गई है।
पंचायत चुनाव को लेकर पिछले साल दिसंबर तक गांवों में चुनावी सरगर्मी जोरों पर थी। संभावित दावेदार गांव में ऐसे घूमते नजर आ रहे थे, मानो अभी-अभी मतदान की तारीख घोषित हो जाएगी।
कोई क्रिकेट कबड्डी टूर्नामेंट आदि के जरिए युवाओं का दिल जीतने में लगा था, तो कहीं कहीं दावत उड़ रही थीं और मांगलिक कार्यक्रमों एवं 13वीं तक में दावेदार सेवा के नाम पर खुलकर खर्च कर रहे थे। जैसे ही ब्लाक से लेकर जिला मुख्यालय और सत्ता के गलियारों में यह चर्चा गरमाने लगी कि पंचायत चुनाव समय से होंगे या टल सकते हैं, पूरा माहौल ठंडा पड़ गया।
तिथियों की अनिश्चितता, आरक्षण और परिसीमन को लेकर असमंजस ने दावेदारों की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। जहां दावेदार सुबह-शाम बैनर पोस्टर के साथ जनता की सेवा में हाजिरी लगाते नजर आते थे तो अब चुनाव की तिथि आगे खिसकने की चर्चा शुरू होते ही वह चेहरे गायब हो गए।