Delhi-Meerut Expressway को कांवड़ यात्रा के दौरान खुला रखना जरूरी, उद्यमियों ने की DM मेरठ से मांग
Delhi-Meerut Expressway : परतापुर इंडस्ट्रियल एस्टेट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ने कांवड़ यात्रा 2026 के दौरान दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे को खुला रखने की म ...और पढ़ें

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (फाइल फोटो)
HighLights
व्यापारिक गतिविधियों और आवागमन में बाधा न आने का अनुरोध।
भारी वाहनों की आवाजाही व डिवाइडर कट न बंद करने की अपील।
जागरण संवाददाता, मेरठ। कांवड़ यात्रा 2026 के दौरान उद्योगों के सुचारू संचालन के लिए परतापुर इंडस्ट्रियल एस्टेट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
मांग की गई है कि कांवड़ यात्रा के दौरान दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और दिल्ली रोड पर यातायात व्यवस्था को पूरी तरह से बाधित न किया जाए। एसोसिएशन के अध्यक्ष निपुण जैन ने कहा कि 11 अगस्त को जलाभिषेक के लिए अब कांवड़ियों का मुख्य आवागमन बाईपास मार्गों से होता है, जिसके कारण दिल्ली रोड पर उनकी संख्या कम रहती है।
इसलिए दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे को किसी भी दिन पूरी तरह बंद न किया जाए ताकि उद्यमियों, व्यापारियों और कर्मचारियों का दिल्ली-एनसीआर में आवश्यक कार्यों और बैठकों के लिए आवागमन जारी रह सके। कहा कि दिल्ली रोड पर भारी वाहनों की आवाजाही को कई दिन पहले से बंद न किया जाए। ऐसा करने से उद्योगों में कच्चे माल और तैयार माल की आपूर्ति रुक जाती है, जिसका सीधा और प्रतिकूल प्रभाव उत्पादन एवं निर्यात पर पड़ता है।
उन्होंने मांग रखी कि ट्रकों को निर्धारित समय में आवागमन की अनुमति दी जाए। परतापुर इंडस्ट्रियल एस्टेट के सामने दिल्ली रोड पर डिवाइडर कट को बंद न किया जाए।
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छह स्कूली वाहन किए सीज, 17 का काटा चालान
मेरठ : मिशन सेफ फ्यूचर के अंतर्गत परिवहन विभाग की टीम ने बुधवार को बहसूमा और हस्तिनापुर क्षेत्र में चेकिंग अभियान चलाया। बिना वैध फिटनेस प्रमाणपत्र एवं परमिट के संचालित मिले छह स्कूली वाहनों को सीज कर दिया, जबकि नियमों का उल्लंघन किए जाने पर 17 वाहनों का चालान काटा गया है।
एआरटीओ (प्रवर्तन) सुधांशु रंजन ने बताया कि स्कूली वाहनों की तकनीकी सुरक्षा एवं विधिक अनुपालन से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्रत्येक विद्यालय एवं वाहन संचालक का दायित्व है कि वे बच्चों के सुरक्षित आवागमन के लिए निर्धारित सभी मानकों का पूर्णतः पालन सुनिश्चित करें।
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यदि कोई विद्यालय वाहन बिना वैध फिटनेस प्रमाणपत्र अथवा परमिट के विद्यार्थियों का परिवहन करते हुए पाया जाता है, तो इसकी समस्त जवाबदेही एवं उत्तरदायित्व संबंधित विद्यालय प्रबंधन एवं वाहन स्वामी का होगा।