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    'डरें नहीं, HPV वैक्सीन सुरक्षित', मां-बेटी संवाद से दूर होगा संकोच; मेरठ में बोलीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल

    By Rajendra Sharma Edited By: Praveen Vashishtha
    Updated: Tue, 21 Jul 2026 07:30 PM (IST)

    राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने मेरठ में सर्वाइकल कैंसर जागरूकता कार्यक्रम में कहा कि स्वस्थ बेटियां ही विकसित राष्ट्र की आधारशिला हैं। उन्होंने एचपीवी टीका ...और पढ़ें

    चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के स्वामी कल्याण देव चिकित्सालय में आयोजित सर्वाइकल कैंसर जागरूकता एवं एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रम में विचार व्यक्त करतीं राज्यपाल व कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल। सौ. सूचना विभाग

    चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के स्वामी कल्याण देव चिकित्सालय में आयोजित सर्वाइकल कैंसर जागरूकता एवं एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रम में विचार व्यक्त करतीं राज्यपाल व कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल। सौ. सूचना विभाग

    HighLights

    1. सीसीएसयू में सर्वाइकल कैंसर जागरूकता एवं एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रम का आयोजन

    2. कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विद्यालयों की करीब 65 बालिकाओं का एचपीवी टीकाकरण

    जागरण संवाददाता, मेरठ। राज्यपाल व कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने कहा कि स्वस्थ बेटी ही स्वस्थ परिवार, स्वस्थ समाज एवं विकसित राष्ट्र की आधारशिला है। बालिकाओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा केवल परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की ही सामूहिक जिम्मेदारी है।
    जन-जागरूकता, समय पर स्वास्थ्य परीक्षण एवं टीकाकरण के माध्यम से अनेक गंभीर बीमारियों की प्रभावी रोकथाम संभव है। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विद्यालयों की करीब 65 बालिकाओं का एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण किया गया। जबकि प्रदेश में अब तक 1,53,112 एच पीवी टीकाकरण किया जा चुका है।

    कुलाधिपति मंगलवार को चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के महिला अध्ययन केंद्र द्वारा स्वामी कल्याण देव चिकित्सालय के सहयोग से मिशन शक्ति अभियान के तहत आयोजित सर्वाइकल कैंसर जागरूकता एवं एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रही थी।

    राज्यपाल ने कहा कि डरिए मत, आप सामना कीजिए। यह वैक्सीन आपकी सुरक्षा के लिए है। जानकारी के अभाव में कई बार लोग टीकाकरण को लेकर अनावश्यक आशंकाएं पाल लेते हैं, जबकि वैज्ञानिक शोध यह सिद्ध करते हैं कि एचपीवी वैक्सीन भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के खतरे को कम करने में प्रभावी एवं सुरक्षित है। राज्यपाल ने माता-पिता से आग्रह किया कि वे किसी भी प्रकार की भ्रांति या भय में आए बिना अपनी बेटियों का समय पर टीकाकरण कराएं।

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    मां बच्चों के लिए सबसे बड़ी शक्ति

    राज्यपाल ने कहा कि मां अपने बच्चों के लिए सबसे बड़ी शक्ति होती है। आवश्यकता पड़ने पर वह उनकी सुरक्षा के लिए हर चुनौती का सामना करने का साहस रखती है। इसलिए प्रत्येक माता-पिता का कर्तव्य है कि वे अपनी बेटियों के स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें। उन्हें समय पर आवश्यक टीकाकरण उपलब्ध कराएं।

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    वैज्ञानिकों के अनुसार 9 से 14 वर्ष की आयु में एचपीवी टीकाकरण सर्वाधिक प्रभावी माना जाता है, क्योंकि इस आयु में बेहतर प्रतिरक्षा विकसित होती है और भविष्य में सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

    बीमारी का उपचार महत्वपूर्ण है, लेकिन उससे भी अधिक महत्वपूर्ण उसकी रोकथाम है। यदि समाज जागरूक होगा, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराएगा तथा समय पर टीकाकरण अपनाएगा तो अनेक गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है। उन्होंने छात्राओं से अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने, अपने परिवार और समाज में भी स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश पहुंचाने का आह्वान किया।

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    संवाद से ही संकोच दूर होगा, बेटियां सशक्त बनेंगी

    राज्यपाल ने अपने महत्वाकांक्षी ‘मां-बेटी संवाद’ अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि परिवार में मां और बेटी के बीच सशक्त संवाद ही स्वस्थ, सुरक्षित और आत्मविश्वासी समाज की नींव है। माताएं अपनी बेटियों से स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, स्वच्छता, मासिक धर्म स्वास्थ्य तथा जीवन मूल्यों से जुड़े विषयों पर खुलकर चर्चा करें।

    संवाद से ही संकोच दूर होगा, जागरूकता बढ़ेगी और बालिकाएं सशक्त बनेंगी। बताया कि उनके मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय के महिला अध्ययन केंद्र द्वारा ‘मां-बेटी संवाद’ अभियान के तहत स्वास्थ्य परीक्षण, परामर्श, जागरूकता कार्यक्रम, स्वास्थ्य शिविर तथा महिला सशक्तीकरण से संबंधित विभिन्न गतिविधियों का निरंतर आयोजन किया जा रहा है। महिला अध्ययन केंद्र के माध्यम से संचालित यह अभियान जनस्वास्थ्य, महिला सुरक्षा एवं सामाजिक जागरूकता की दिशा में एक अनुकरणीय पहल बनकर उभरा है।

    विश्वविद्यालय परिवार व चिकित्सकों का किया उत्साहवर्धन

    राज्यपाल ने कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला समेत विश्वविद्यालय परिवार, चिकित्सकों एवं आयोजकों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि शिक्षण संस्थान केवल शिक्षा प्रदान करने के केंद्र नहीं, बल्कि समाज में जागरूकता, संस्कार एवं स्वस्थ जीवनशैली विकसित करने के भी महत्वपूर्ण माध्यम हैं।

    उन्होंने अपेक्षा व्यक्त की कि विश्वविद्यालय भविष्य में भी महिला स्वास्थ्य एवं जनकल्याण से जुड़े ऐसे कार्यक्रमों का व्यापक स्तर पर आयोजन करता रहेगा। विश्वविद्यालय आगमन के दूसरे दिन राज्यपाल ने महिला स्वास्थ्य एवं जन-जागरूकता से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यक्रम में सहभागिता करते हुए रोकथाम ही सर्वोत्तम उपचार है, का संदेश दिया। राज्यपाल बुधवार को चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के 38 वें दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता करेंगी।

    कार्यक्रम में छात्राओं, अभिभावकों, शिक्षकों, चिकित्सकों एवं विश्वविद्यालय परिवार की सक्रिय सहभागिता रही। कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला, डीएम डा. वीके सिंह व सीडीओ नूपुर गोयल समेत विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।