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    Namo Bharat काॅरिडोर के आसपास वर्ल्ड क्लास सुविधाएं विकसित करने का जोनल प्लान अटका, रूके पड़े हैं विकास कार्य 

    By Pradeep Diwedi Edited By: Praveen Vashishtha
    Updated: Mon, 23 Mar 2026 12:47 PM (IST)

    मेरठ में नमो भारत कॉरिडोर के आसपास विश्वस्तरीय सुविधाओं के लिए ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट नीति के तहत बना जोनल प्लान नौ महीने से शासन में लंबित है। य ...और पढ़ें

    टीओडी नीति के अन्तर्गत जोनल प्लान लागू होने पर ऐसी होगी 30 मीटर चौड़ी सड़क। सौ. मेडा

    टीओडी नीति के अन्तर्गत जोनल प्लान लागू होने पर ऐसी होगी 30 मीटर चौड़ी सड़क। सौ. मेडा

    HighLights

    1. नमो भारत कॉरिडोर का जोनल प्लान बीते नौ महीने से है लंबित।

    2. मेरठ में महायोजना 2031 के तहत 10 जोन में विकास प्रस्तावित।

    प्रदीप द्विवेदी, मेरठ। देश के पहले रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) यानी नमो भारत कॉरिडोर के आसपास विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित करने के लिए ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) नीति लागू है। टीओडी नीति व महायोजना को धरातल पर साकार कराने के लिए मेरठ महायोजना 2031 के अंतर्गत दिल्ली रोड व रुड़की रोड के आसपास क्षेत्र को 10 जोन में बांटते हुए इन सभी का प्लान तैयार किया गया है। यह प्लान नौ महीने से शासन में लंबित है।

    पिछले साल जून में ग्राम्य एवं नगर नियोजन विभाग (CTCP) भेजा गया था। इस साल जनवरी में संबंधित विभाग ने कुछ जवाब मांगे, जिसका समाधान करते हुए मेरठ विकास प्राधिकरण (MEDA) ने उसी महीने में फिर से भेज दिया। इसके बाद भी जोनल प्लान को स्वीकृति मिली न ही कोई आपत्ति आई। जोनल प्लान स्वीकृत न होने से कम चौड़ी सड़कों पर मानचित्र स्वीकृत नहीं हो पा रहा है। न ही कोई विशेष विकास कार्य आकार ले पा रहा है।

    जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मेरठ से दिल्ली तक एक घंटे से भी कम समय में पहुंचाने वाली नमो भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाई तब यह उम्मीद की जाने लगी थी कि अब नोएडा, गुरुग्राम व दिल्ली में नौकरी करने वाले लोग मेरठ में रहने लगेंगे। हालांकि इन उच्च सुविधाओं वाले शहर की सुविधा मेरठ में भी उपलब्ध कराने के लिए टीओडी नीति लागू की गई। जोनल प्लान भी तैयार हुआ। प्रत्येक जोन के लिए अलग-अलग विशेष प्रविधान किए गए हैं।

    यह होता है जोनल प्लान

    किसी भी शहर के सुनियोजित विकास के लिए महायोजना यानी मास्टर प्लान तैयार किया जाता है। मास्टर प्लान एक तरह से रूपरेखा होती है, जिसमें निर्धारित पूरे क्षेत्रफल का खाका खींचा जाता है। वहीं जोनल प्लान इसी मास्टर प्लान का विस्तारित रूप होता है। इसमें गली-मुहल्लों की आवश्यकता का भी प्लान तैयार किया जाता है। छोटी-छोटी सड़कों का भी प्रविधान किया जाता है। मास्टर प्लान को धरातल पर लागू करने के लिए जोनल प्लान आवश्यक होता है।

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    जोनल प्लान में ये विकास कार्य हैं शामिल

    • क्लब, रिसोर्ट और थीम पार्क खुलेंगे
    • इंटरनेशनल बोर्डिंग स्कूल खुलेगा, आएंगी आइटी कंपनियां
    • बसेगा प्रगति विहार : बनेगा आवासीय और वेलनेस हब
    • दिल्ली रोड को छह लेन में बांटकर बनेगा साइकिल ट्रैक। वहीं इसके साथ ही बागपत रोड, बिजली बंबा बाईपास, सोफीपुर रोड को चार लेन करने का प्रविधान किया गया है।
    • तूफानी जल निकासी प्रणाली भी होगी विकसित

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    इन्होंने कहा...

    सीटीसीपी कार्यालय में जोनल प्लान लंबित है। इस साल जनवरी में कुछ सवाल पूछे गए थे, जिसका समाधान करते हुए उसी समय भेज दिया गया था। सीटीसीपी कार्यालय से पत्राचार जारी है। उम्मीद है कि जल्द ही स्वीकृति मिल जाएगी। मेडा ने जोनल प्लान को लेकर आपत्तियां व सुझाव पहले ही ले लिए थे।
    -संजय कुमार मीना, उपाध्यक्ष, मेरठ विकास प्राधिकरण

    सीटीसीपी कार्यालय के स्तर से जोनल प्लान को नौ महीने तक लटकाना उचित नहीं है। इससे शहर के विकास में बाधा उत्पन्न हो रही है। नमो भारत कॉरिडोर का लाभ मेरठ और एनसीआर को नहीं मिल पा रहा है। जोनल प्लान में स्थानीय स्तर विशेष आवश्यकता वाले विकास कार्य, सड़कों की चौड़ाई आदि का प्रविधान किया जाता है। -अंकित अग्रवाल, अध्यक्ष, उप्र आर्किटेक्ट एसोसिएशन