जामताड़ा के ठगों का नया ठिकाना! यूपी में बैठकर कर डाली 70 लाख की साइबर ठगी, ऐसे खुली पोल
मुरादाबाद पुलिस ने जामताड़ा के तीन शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने एपीके फाइल भेजकर लोगों से 70 लाख रुपये की ठगी की थी। उनके पास ...और पढ़ें

साइबर आरोपित को गिरफ्तार करके प्रेसवार्ता के दौरान राजफाश करते एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह।
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। झारखंड के जामताड़ा जिले के तीन शातिर साइबर अपराधियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपितों के कब्जे से सात मोबाइल फोन, चार पेन ड्राइव, 23 एक्टिवेटेड सिम, पांच एयरटेल व पांच जियो के नए सिम कार्ड, 10 एटीएम स्मार्ट कार्ड, 11 फर्जी आधार कार्ड, सात पैन कार्ड तथा 25 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं।
तीनों बीते 18 दिनों से मुरादाबाद में एक किराए के मकान में रहकर एपीके फाइल भेज कर लोगों से ठगी कर रहे थे। इन्होंने करीब 70 लाख रुपये की ठगी की है। आरोपित गुड्डू अंसारी, रफीक अंसारी और करीम अंसारी निवासी जामताड़ा, झारखंड के रूप में हुई है।
पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि देशभर के लोगों को मोबाइल फोन पर व्हाट्सएप, एसएमएस और इंटरनेट मीडिया के माध्यम से फर्जी लिंक तथा एपीके फाइल भेजते थे। इन फाइलों को बैंक अपडेट, केवाईसी, बिजली बिल, कूरियर, सरकारी योजना या अन्य जरूरी सेवाओं के नाम पर डाउनलोड कराने के बाद मोबाइल का एक्सेस हासिल कर लेते थे।
इसके बाद इंटरनेट बैंकिंग, यूपीआई और अन्य संवेदनशील जानकारियां चुराकर पीड़ितों के खातों से रकम निकाल लेते थे। इसके अलावा आनलाइन गेमिंग, निवेश और टास्क आधारित योजनाओं में बोनस का लालच देकर भी लोगों से धनराशि ऐंठते थे। फर्जी कस्टमर केयर नंबरों के माध्यम से भी लोगों को एपीके फाइल डाउनलोड कराकर बैंक खातों से रकम उड़ाने की बात सामने आई है।
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पुलिस जांच में पता चला कि यह गिरोह संगठित तरीके से फर्जी सिम, म्यूल बैंक खाते का इस्तेमाल करता था। एक शहर में 15 से 20 दिनों तक सक्रिय रहने के बाद सिम कार्ड नष्ट कर देता था और अवैध धनराशि को विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर बिहार, कोलकाता और झारखंड में निकाल लेता था। यूपीआई पोर्टल पर इस गिरोह के खिलाफ विभिन्न राज्यों में साइबर ठगी के 16 मामले दर्ज मिले हैं।