प्रमोद कृष्णम का विपक्ष पर वार: बोले- CJP के देशद्रोहियों को जनता माफ नहीं करेगी, ओवैसी को वंदे मातरम् पर घेरा
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने मुरादाबाद में विपक्ष पर तीखा हमला बोला, ओवैसी को वंदे मातरम् पर घेरा और पप्पू यादव के प्रदर्शन को 'काकरोच पार्टी' का हुड़दंग ब ...और पढ़ें

आचार्य प्रमोद कृष्णम, पीठाधीश्वर कल्कि धाम।
HighLights
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने विपक्ष और ओवैसी पर साधा निशाना
पप्पू यादव के संसद प्रदर्शन को 'काकरोच पार्टी' का हुड़दंग बताया
सनातन संस्कृति हेतु संस्कारयुक्त शिक्षा पर दिया जोर
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। कल्कि धाम के पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने रविवार को मुरादाबाद में कई समसामयिक मुद्दों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए विपक्ष पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि सच्चा मुसलमान पांच बार वंदे मातरम् करता है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी को इसे समझना चाहिए। उनका यह बयान ओवैसी की उस टिप्पणी के जवाब में आया, जिसमें वंदे मातरम् को लेकर विवाद खड़ा हुआ था।
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने संसद के बाहर हुए विरोध प्रदर्शन और सांसद पप्पू यादव की भूमिका पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि काकरोच पार्टी के हुड़दंग को आंदोलन मत कहिए।
आचार्य ने कहा कि पीएम नरेन्द्र मोदी ने हुड़दंग करने वालों को बच्चा समझकर माफ कर दिया। उन्होंने बुद्ध की करुणा, महावीर की अहिंसा और महात्मा गांधी के सत्य को आत्मसात करते हुए विराट हृदय दिखाया। जिन्होंने उनके माता-पिता तक को अपशब्द कहे, उन्हें भी उन्होंने क्षमा कर दिया, लेकिन देश की जनता इन काकरोच पार्टी के देशद्रोहियों को कभी माफ नहीं करेगी।
ओवैसी, पप्पू यादव के संसद भवन के बाहर हुए विरोध प्रदर्शन पर साधा निशाना
आचार्य प्रमोद कृष्णम आशियाना स्थित दिव्य लोक आश्रय में पत्रकारों से बात कर रहे थे। सांसद पप्पू यादव के साधु वेश में किए गए प्रदर्शन को भी प्रमोद कृष्णम ने आड़े हाथों लिया। कहा कि यदि उन्हें अभिनय करना है तो नेशनल स्कूल आफ ड्रामा में जाना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि रामलीला में वे कालनेमी, खर-दूषण, मेघनाथ या रावण का पात्र निभा सकते हैं, लेकिन सनातन की आस्था का अपमान करने का प्रयास नहीं करना चाहिए।
ओवैसी को समझना चाहिए, सच्चा मुसलमान पांच बार वंदे मातरम् करता है
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने मौलाना जर्जिस के विवादित बयानों पर भी कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति दूसरे धर्म का अपमान करता है, वह इस्लाम की सही शिक्षा का पालन नहीं करता। मौलाना जर्जिस को इस्लाम की सही तालीम लेनी चाहिए। साथ ही उन्होंने भगवान से प्रार्थना करते हुए कहा कि उन्हें सद्बुद्धि मिले और उनकी गलतियों को क्षमा किया जाए। देश के अभिभावकों से भी उन्होंने विशेष अपील की।
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प्रमोद कृष्षम ने कहा कि यदि भारत की संस्कृति, सभ्यता और सनातन परंपरा को सुरक्षित रखना है तो बच्चों को केवल आधुनिक शिक्षा तक सीमित न रखें। उन्होंने कहा कि अपने बच्चों को काकरोच मत बनने दीजिए, उन्हें गुरुकुल का रास्ता दिखाइए। संस्कारयुक्त शिक्षा ही राष्ट्र और संस्कृति की रक्षा कर सकती है।
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सुधांशु महाराज ने भी मौलाना के बयान की निंदा
प्रसिद्ध संत सुधांशु महाराज ने भी मौलाना जर्जिस के बयान की निंदा करते हुए कहा कि ऐसे लोगों को अनावश्यक महत्व नहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज संयम बनाए रखे, जबकि सरकार को धर्म और आस्था का अपमान करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
संसद के बाहर हुए साधु वेश वाले प्रदर्शन को उन्होंने अनुचित बताते हुए कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को नाटक का मंच नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने देशभक्ति को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि हर नागरिक का पहला कर्तव्य अपनी मातृभूमि का सम्मान और उसकी रक्षा करना है।