दहेज की भेंट चढ़ गई ग्रेटर नोएडा की एक और बेटी, पहले भी दर्ज कराया था केस; फिर भी नहीं बची शिक्षिका प्रियंका की जान
ग्रेटर नोएडा की बेटी प्रियंका दहेज लोभियों की भेंट चढ़ गई। अंतिम संस्कार सादोपुर गांव में हुआ। शादी के तीन साल बाद ससुराल वालों की प्रताड़ना से उसकी म ...और पढ़ें

प्रियंका ने कंप्यूटर साइंस से बीटेक कराने के बाद बीएड किया था। फाइल फोटो
HighLights
ग्रेटर नोएडा की बेटी प्रियंका दहेज की भेंट चढ़ी।
सादोपुर गांव में गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार।
शादी के बाद से ससुराल वाले कर रहे थे प्रताड़ित।
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा की एक और बेटी दहेज के लोभियों की भेंट चढ़ गई। प्रियंका का शव जैसे ही पैतृक गांव सादोपुर पहुंचा स्वजन ने चित्कार मच गई। पीड़ित परिवार को ढांढस बंधा रहे ग्रामीण संग सगे संबंधी व रिश्तेदार भी अपने आंसू नहीं थाम पाए। गमगीन माहौल में सादोपुर स्थित अंत्येष्टि स्थल में प्रियंका के शव का अंतिम संस्कार किया गया। दर्दनाक घटना के बाद पूरे गांव में सन्नाटा पसरा है। प्रियंका ने कंप्यूटर साइंस से बीटेक कराने के बाद बीएड किया था।
दोनों पक्षों के बीच पंचायत हुई
प्रियंका दिल्ली के एक प्राइवेट स्कूल में शिक्षिका के पद पर कार्यरत थीं। प्रियंका के भाई नितिन ने बताया कि प्रियंका पढ़ाई में बेहद होनहार थीं। तीन साल पहले आठ फरवरी 2023 को शादी हुई थी। शादी के कुछ दिनों बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग दहेज उत्पीड़न को लेकर परेशान करने लगे थे।
एक साल पहले प्रताड़ना से तंग आकर प्रियंका व मायके पक्ष के लोगों ने ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ दिल्ली स्थित विनोद नगर थाने में दहेज उत्पीड़न का मामला भी दर्ज कराया था। चार महीने प्रियंका मायके में ही रही थी। दोनों पक्षों के बीच पंचायत हुई थी।
दहेज के लिए करने लग प्रताड़ित
पंचायत में प्रियंका के पति मनीष भाटी व ससुराल पक्ष के लोगों ने माफी मांगी थी। पंचायत के दबाव में आकर मायके पक्ष के लोगों ने प्रियंका को दोबारा ससुराल भेज दिया था, जिसके कुछ दिनों बाद तक सब कुछ ठीक-ठाक रहा, लेकिन एक दो महीने बीतने के बाद फिर से ससुराल पक्ष के लोग दहेज की मांग को लेकर प्रियंका का उत्पीड़न करने लगे थे।
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उच्च पदों पर हैं प्रियंका के स्वजन
प्रियंका का पूरा परिवार पढ़ा लिखा व उच्च पदों पर है। प्रियंका के पिता अजीत बैसोया टक्शाल से सेवानिवृत हुए हैं, जबकि प्रियंका का भाई नितिन एंटी-टेररििज्म स्क्वाड (एटीएस) में अपने सेवा दे रहे हैं। दूसरा भाई मनीष प्रोफेसर है। प्रियंका की बड़ी बहन नीतू दिल्ली पुलिस में दारोगा है। प्रियंका के दादा चौधरी केशराम बैसोया दिल्ली पुलिस में दारोगा थे। पिछले महीने 15 जून को उनका देहांत हुआ था। अपनी सेवा के दौरान वे पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के पीएसओ भी रहे थे।