पाकिस्तानी हैंडलर के इशारे पर आतंकी गतिविधियों में शामिल हुआ छपरौला का युवक, एटीएस ने किया गिरफ्तार
यूपी एटीएस ने ग्रेटर नोएडा के छपरौला निवासी लोकेश उर्फ पपला पंडित को पाकिस्तानी हैंडलर के इशारे पर आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में गिरफ्ता ...और पढ़ें

छपरौला गांव स्थित लोकेश उर्फ पपला पंडित का घर। जागरण

समय कम है?
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गजेंद्र पांडेय, ग्रेटर नोएडा। यूपी एटीएस द्वारा धरे गए पाकिस्तानी हैंडलर के इशारे पर भारत में आतंकी गतिविधियों को फैलाने वाले गिरोह में शामिल बादलपुर कोतवाली क्षेत्र के छपरौला निवासी लोकेश उर्फ पपला पंडित रुपए के लिए हर प्रकार का काम करने को तैयार रहता था।
इसी वर्ष फरवरी में वह एक सप्ताह घर से लापता रहा था, लौटने पर स्वजन को हिमाचल प्रदेश घूमने की बात की थी। यहीं का रहने वाला दूसरा आरोपित विकास गहलावत अधिकतर अपने घर में ही रहता था। पड़ोसियों से बातचीत भी नहीं करता था।
एटीएस की कार्रवाई के बाद स्थानीय पुलिस दोनों आरोपितों से मिलने जुलने वालों और करीबियों की जानकारी जुटा रही है। दोनों के आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने वाले गिरोह में शामिल होने की बात सामने आने के बाद हर पड़ोसी अचंभित और स्वजन स्तब्ध हैं।
पपला ने पढ़ाई नहीं की
लोकेश उर्फ पपला पंडित दो बहन और दो भाइयों में सबसे छोटा था। छपरौला में उसके पिता रोहताश शर्मा उर्फ मनीम जी ने करीब 20 वर्ष पहले मकान बनाया था। वह सीमेंट फैक्ट्री में काम करते थे। दोनों बेटियोंं की शादी कर दी थी। बड़ा बेटा लकी सीमेंट फैक्ट्री में काम करता है। पपला ने पढ़ाई नहीं की थी। वह नशे का भी आदी था। वेल्दारी और शादी बारात आदि में वेटर का काम करता था। घर की माली हालत बेहद खराब है। पड़ोसियों का कहना है कि मां अक्सर भीख मांगती है। पिता का भी चार चाल पहले एक्सीडेंट में पैर टूट गया था। इसके चलते वह भी चलने फिरने में असमर्थ है।
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कैसे आया आतंकी नेटवर्क के संपर्क में?
पपला हर वर्ष सावन मास में इलाहाबाद भी जाता था। आतंकी नेटवर्क से वह कैसे जुड़ा स्वजन को जानकारी नहीं है। करीब तीन वर्ष पहले उसने किसी के रुपए भी चुराए थे। मामला पुलिस तक पहुंचा था, तब नाबालिग होने के चलते उसके खिलाफ दूसरे पक्ष ने मामला दर्ज नहीं कराया था। लोगों में चर्चा थी कि पपला को रुपए देकर वह लोग नाली तक साफ करा लेते थे। ऐसे में रुपए के लालच में वह कोई भी काम कर सकता था इसी के चलते यह आतंकी नेटवर्क के संपर्क में आया होगा। कैसे आया यह पता नहीं। पड़ोसियों ने उसके घर पर किसी के भी आने जाने की बात से इनकार किया। हालांकि, अक्सर लापता रहने की बात कही।
लालच में पड़कर हुई शुरुआत
बड़े भाई लकी और पिता का कहना है कि 28 तारीख को कुछ पुलिसकर्मी आए थे, पपला के बारे में पूछताछ करते हुए किसी से मारपीट करने की बात कही थी। इसके बाद वह चले गए थे। आज फिर पुलिस टीम उसे यह बोल कर ले गई की कोर्ट में पेश करना है। एक पर्ची पकड़ा गई, जिस पर एटीएस लिखा है। सूत्रों का कहना है कि टीम ने पपला के घर से कुछ असलहा भी बरामद किए थे। उसके मोबाइल से आतंकी नेटवर्क से जुड़ी अहम जानकारियां मिली हैं, बैंक में भी रुपए मिले हैं। लेकिन कितने हैं। घटना के बाद से पड़ोसी तमाम तरह की बातें बोल रहे हैं, लालच में फंस कर ऐसा काम करने की चर्चा है।
विकास से दाेस्ती की चर्चा, लेकिन दोनों को साथ में नहीं देखा
पपला के पड़ोसी व अन्य युवकों में चर्चा है कि विकास की पपला से दोस्ती है, लेकिन दोनों को किसी ने साथ में नहीं देखा है। लोगों का यह भी कहना था कि यहां तमाम लोग रह रहे हैं। पुलिस किराएदारों का सत्यापन करने नहीं आती है।
खुफिया तंत्र पर सवालिया निशान
आतंकी नेटवर्क में जिले के दो आरोपितों का शामिल होना और एटीएस की कार्रवाई तक जिले के खुफिया तंत्र को भनक नहीं लगना। सक्रियता पर सवालिया निशान उठा रहा है। आसपास के लोगों का कहना था कि घटना के बाद से लगातार पुलिसकर्मी दिख रहे हैं। आसपास के घरों में लोगों से पूछताछ करने आ रहे हैं। लेकिन इससे पहले कोई नजर नहीं आ रहा था।
फिलहाल मतांतरण की पुष्टि नहीं
प्रकरण में बाद दोनों के मतांतरण के बारे में भी चर्चा हुई, लेकिन किसी ने देानों में से किसी के भी मतांतरण की पुष्टि नहीं की। विकास गहलावत के बारे में अभी पड़ोसियों को भी कोई जानकारी नहीं है। स्वजन भी किसी से कोई बात नहीं कर रहे हैं। परिवार में कौन-कौन यह लोगों को यह तक ठीक से नहीं पता है।
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