मथुरा में यीडा हेरिटेज सिटी और पिलग्रिम गेटवे प्रोजेक्ट को मिलेगी रफ्तार, जल्द तय होंगी मुआवजा दरें
मथुरा जिले में यीडा की हेरिटेज सिटी और पिलग्रिम गेटवे परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण की मुआवजा दरें जल्द तय होंगी। ...और पढ़ें

मथुरा में यीडा की हेरिटेज सिटी परियोजना और पिलग्रिम गेटवे परियोजना पर जल्द शुरू होगा काम।

समय कम है?
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जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। मथुरा जिले मेंं यीडा अधिसूचित क्षेत्र के लिए जमीन की मुआवजा दर जल्द तय होंगी। जिला प्रशासन और यमुना प्राधिकरण (यीडा) अधिकारियों के बीच मंगलवार को मथुरा में हुई बैठक में मुआवजा दर को लेकर विचार विमर्श हुआ।
एनएच 44 से यमुना एक्सप्रेसवे को जोड़ने के लिए बनने वाली एनएचएआई की सड़क के लिए जमीन की मुआवजा दर के बराबर यीडा की मुआवजा तय होने की संभावना है।
मथुरा में यीडा की हेरिटेज सिटी परियोजना और पिलग्रिम गेटवे परियोजना है। दोनों के लिए विधानसभा चुनाव से पहले विकासकर्ता कंपनी का चयन होने की संभावना है।
पिलग्रिम परियोजना को धरातल पर उतारा
यीडा फेज दो में शामिल मथुरा जिले में हेरिटेज सिटी परियोजना 753 एकड़ मेंं है। इसे एनएचएआइ की सड़क के दोनों ओर चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा। पहले चरण में मथुरा क्षेत्र की विरासत से जुड़ी चीजें विकसित की जाएंगी। इसमें थीम पार्क, योग, ध्यान केंद्र, प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र आदि शामिल होंगे। पहले चरण का विकास पूरा होने के बाद ही दूसरा चरण शुरू होगा, लेकिन फेज दो मेंं सबसे पहले पिलग्रिम परियोजना को धरातल पर उतारा जाएगा।
सड़क के लिए 4.5 हेक्टेयर जमीन ली जाएगी
इसके तहत एनएचएआई की सड़क से यमुना नदी पर प्रस्तावित सस्पेंशन ब्रिज से जोड़ा जाएगा। सड़क के लिए 4.5 हेक्टेयर जमीन ली जाएगी। यमुना नदी के किनारे करीब 17.5 हे. में पार्किंग विकसित की जाएगी।
वृंदावन जाने वाले श्रद्धालु प्रस्तावित सड़क से होकर पार्किंग तक पहुंचेंगे। पार्किंग से बांके बिहारी मंदिर तक ई-वाहन संचालित होंंगे। इससे वृंदावन में भीड़भाड़ और जाम की समस्या हल होगी। पार्किंग मेंं दुकान, क्योस्क के अलावा स्नान आदि की सुविधा होंगी।
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खाने पीने के लिए रेस्त्रां आदि भी होंगे। यीडा के एसीईओ शैलेंद्र भाटिया का कहना है कि निविदा को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसे जल्द ही प्रदेश की निविदा मूल्यांकन समिति के सम्मुख स्वीकृति के लिए रखा जाएगा। विकासकर्ता को 70 साल के लिए लाइसेंस दिया जाएगा।
हेरिटेज पार्क में विकसित होने वाली सुविधा
- विरासत से जुड़ा ढ़ाचा 350 एकड़ में विकसित होगा
- 97 एकड़ में पार्क, हरित क्षेत्र होगा
- 46 एकड़ मेंं पर्यटन एवं परिवहन आदि की ढांचा होगा
- 42 एकड़ में कंवेन्शन सेंटर बनेगा
- 103 एकड़ में वेलनेस सेंटर एवं योग केंद्र
- 135 एकड़ में आयुर्वेद से जुड़ी सुविधाएं
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