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    ग्रेटर नोएडा की समता एन्क्लेव समेत तीन अवैध कॉलोनियों पर NGT सख्त, प्राधिकरण और UPPCB से मांगी रिपोर्ट

    Updated: Tue, 28 Jul 2026 05:25 AM (IST)

    एनजीटी ने ग्रेटर नोएडा की तीन अवैध कॉलोनियों - समता एन्क्लेव, द्वारिका सिटी और सहारा एन्क्लेव पर रिपोर्ट मांगी है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और यूपीपीसीब ...और पढ़ें

    एआई जेनेरेटेड इमेज।

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    HighLights

    1. एनजीटी ने ग्रेटर नोएडा की तीन अवैध कॉलोनियों पर रिपोर्ट मांगी।

    2. समता एन्क्लेव, द्वारिका सिटी, सहारा एन्क्लेव पर रिपोर्ट देनी होगी।

    3. ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण, यूपीपीसीबी को चार सप्ताह में रिपोर्ट सौंपनी है।

    जागरण संवाददाता, नोएडा। अवैध कालोनी और निर्माण को लेकर एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) सख्त है। नोएडा-ग्रेटर नोएडा में हुए अवैध निर्माण की शिकायत पर एनजीटी ने ग्रेटर नोएडा की तीन अवैध कालोनियों पर रिपोर्ट मांगी है।

    ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और यूपीपीसीबी (उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड) को चार सप्ताह में रिपोर्ट देनी होगी। नोएडा-ग्रेटर नोएडा के दर्जनों गांव में हजारों अवैध कालोनियां बनाकर लोगों को घर बेचे गए हैं।

    लगातार हो रही है सुनवाई

    बता दें राजेंद्र त्यागी की ओर से एनजीटी में याचिका दायर की गई। दायर की गई याचिका में नोएडा-ग्रेटर नोएडा में अवैध कालोनी और इमारतों का जिक्र किया गया। इस मामले में एनजीटी में लगातार सुनवाई हो रही है।

    सुनवाई करते हुए कई रिपोर्ट दोनों प्राधिकरण, जिला प्रशासन और यूपीपीसीबी से मांगी। इसी क्रम में एनजीटी ने 23 जुलाई को हुई सुनवाई में ग्रेटर नोएडा की समता एन्क्लेव, द्वारिका सिटी, सहारा एन्क्लेव की रिपोर्ट ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और यूपीपीसीबी से मांगी है।

    यह रिपोर्ट चार सप्ताह में एनजीटी में देनी होगी। ग्रेटर नोएडा में इस तरह की 24 अवैध कालोनियों की रिपेार्ट शिकायतकर्ता की ओर से एनजीटी में दी गई थी। एनजीटी की ओर से इस पर लगातार सुनवाई हो रहीं हैं।

    अलगी सुनवाई पर आ सकता है निर्णय

    तीनों अवैध कालोनियों पर अगली सुनवाई पर निर्णय भी आ सकता है। नोएडा-ग्रेटर नोएडा में ग्रामीण क्षेत्र में आबादी की भूमि पर अवैध निर्माण कर फ्लैट और विला बेचे गए हैं। ऐसे में यहां भूजल का उपयोग हो रहा है।

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    सीवर के इंतजाम नहीं होने से नदी और नालों में बहाकर एनजीटी के नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है।

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