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    Noida Airport कार्गो हब से बढ़ेगा निर्यात, किसानों और उद्योगों को मिलेगा बड़ा फायदा

    Updated: Thu, 16 Apr 2026 03:01 PM (IST)

    नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर विकसित मल्टी-मॉडल कार्गो हब पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखंड के किसानों व उद्योगों को निर्यात का लाभ देगा। ...और पढ़ें

    सांकेतिक तस्वीर। सौजन्य- AI generated

    सांकेतिक तस्वीर। सौजन्य- AI generated

    HighLights

    1. पश्चिमी यूपी, हरियाणा, उत्तराखंड के किसानों को लाभ।

    2. नोएडा एयरपोर्ट पर 30 एकड़ में कार्गो हब विकसित।

    3. अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक कृषि व औद्योगिक उत्पाद पहुंचेंगे।

    मनोज कुमार शर्मा, जेवर। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Noida International Airport) से केवल यात्रियों सुविधाओं का संचालन नहीं होगा यहां विकसित हो रहे मल्टी मॉडल कार्गो हब से खेती किसानी और कारोबार को भी पंख लगेंगे।

    मल्टी मॉडल कार्गो हब से गौतमबुद्धनगर के अलावा पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पड़ोसी राज्य दिल्ली हरियाणा, उत्तराखंड और राजस्थान के किसानों के कृषि उत्पादों को देश विदेश के बाजारों तक पहुंच को बढ़ावा मिलेगा।

    साथ ही औद्योगिक क्षेत्र में तैयार माल को आसानी से देश विदेश के अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक उत्पादों की पहुंचे बढ़ेगी। इससे औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों के साथ-साथ युवाओं को रोजगार के नए मिलेंगे।

    कब से शुरू होंगी कार्गो सेवाएं?

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले माह 28 मार्च को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का लोकार्पण किया था। एयरपोर्ट के संचालन को लेकर सभी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही है जल्द ही यहां से लोगों को शुरुआत में घरेलू हवाई उड़ानों के साथ ही कार्गो सेवाएं संचालित की जाएंगी।

    मल्टी मााडल कार्गो हब (एमएमसीएच) के विकास और संचालन एयर इंडिया एसएटीएस (एआइएसएटीएस) करेगी। एयरपोर्ट पर अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस 30 एकड़ क्षेत्रफल में मल्टी मॉडल कार्गो हब विकसित किया गया है। जिससे पूरे उत्तर भारत में व्यापार को सुगम बनाने के साथ ही यहां के उत्पाद विदेशी बाजार तक आसानी से पहुंच सकेंगे।

    घरेलू और अंतरराष्ट्रीय शिपमेंट, एक्सप्रेस कार्गो हैंडलिंग और ट्रांसशिपमेंट सेवाओं सहित कार्गो हैंडलिंग सेवा मिलेंगी। साथ ही उत्तर भारत के किसानों के कृषि उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पहुंचे बढ़ेगी जिससे किसानों को उनकी उपज के अच्छे दाम मिलेंगे।

    रनवे के पास तैयार कार्गो हब में मिलेंगी शानदार सुविधाएं

    रनवे के पास 30 एकड़ में विकसित एमएमसीएच प्रारंभिक क्षमता 250,000 मीट्रिक टन वार्षिक होगी भविष्य की मांगों को पूरा करने के लिए इसे 10 गुना तक बढ़ाते हुए 25 लाख मीट्रिक टन किया जा सकता है।

    समेकन केंद्र, बांडेड वेयरहाउस, लॉजिस्टिक्स पार्क और मल्टीमॉडल कार्गो मूवमेंट के साथ ही ट्रैकिंग केंद्र की उत्पादकों को सुविधा मिलेगी। एयर इंडिया एसएटीएस क्लाउड आधारित वेयरहाउस प्रबंधन सिस्टम जो पूरी समान की यात्रा के दौरान इन्वेंट्री और अन्य महत्वपूर्ण शिपमेंट डेटा की रीयल-टाइम दृश्यता में मदद करेगा।

    खबरें और भी

    कार्गो टर्मिनल पर उपलब्ध होगी कोल्ड चेन की व्यवस्था

    कार्गो टर्मिनल पर आयात, निर्यात और घरेलू शिपमेंट को संभालने के लिए पूरी तरह से एकीकृत स्थान उपलब्ध होगा। टर्मिनल विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस खराब होने वाले कृषि और दुग्ध उत्पादों, फॉर्मास्यूटिकल्स और उच्च मूल्य वाली वस्तुओं के लिए कोल्ड चेन की सुविधा सुसज्जित होगा। एक्सप्रेस कूरियर टर्मिनल विशेष रूप से ई-कामर्स और कूरियर शिपमेंट की जरूरत को पूरा करेगा। जिससे त्वरित निकासी और डिलीवरी सुनिश्चित होगी।

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