Noida Airport से गौतमबुद्ध नगर ने भरी विकास की नई उड़ान, फिल्म सिटी और उद्योग बढ़ाएंगे रफ्तार
Noida International Airport गौतमबुद्ध नगर के विकास को गति दे रहा है। यह लेख एयरपोर्ट की आगामी उड़ानों, अंतरराष्ट्रीय फिल्म सिटी, मेडिकल डिवाइस पार्क, ...और पढ़ें

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का रनवे। फोटो- जागरण
HighLights
नोएडा एयरपोर्ट से जल्द शुरू होंगी उड़ानें, बनेगा वैश्विक केंद्र।
फिल्म सिटी, मेडिकल डिवाइस पार्क से रोजगार और निवेश बढ़ेगा।
शिक्षा हब और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग किसानों को आर्थिक लाभ देंगे।
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Noida International Airport) के साथ गौतमबुद्ध नगर विकास की रफ्तार को पकड़ चुका है। नोएडा से लेकर यीडा क्षेत्र के जेवर तक विकास की गति प्रदेश के दूसरे जिलों के साथ देश के अन्य राज्यों के लिए भी मॉडल बन चुकी है।
एशिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट के रूप में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण का प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उद्घाटन कर चुके हैं। अगले दो माह में यहां से विमान देश के विभिन्न शहरों के लिए उड़ान भरने लगेंगे।
साल के अंत तक अंतरराष्ट्रीय विमान सेवा शुरू होने के साथ दुनिया के सभी प्रमुख शहरों से गौतमबुद्ध नगर सीधे जुड़ जाएगा। केवल यात्री ही नहीं बल्कि कार्गो के वैश्विक नक्शे पर भी गौतमबुद्ध नगर अंकित हो जाएगा। वैश्विक बाजार तक उत्तर भारत के उत्पादों की पहुंच होगी।
फिल्म सिटी से बढ़ेगा आकर्षण
फिल्म उद्योग भारतीय के मनोरंजन का सबसे बड़ा साधन रहा है। माया नगरी मुंबई का जादू देश भर में लोगों के सिर चढ़कर बोलता है, लेकिन फिल्मों को यही आकर्षण अब युवाओं को गौतमबुद्ध नगर की ओर खींचेगा। यीडा के सेक्टर 21 में फिल्म निर्माता निर्देशक बोनी कपूर भूटानी समूह के साथ मिलकर अंतरराष्ट्रीय फिल्म सिटी बनाने जा रहे हैं।
तीन साल में फिल्म सिटी बनकर तैयार हो जाएगी। लाइट कैमरा और एक्शन की आवाज क्षेत्र में गूंजने लगेगी। आधुनिक तकनीकी से लैस फिल्म सिटी में प्री से लेकर पोस्ट प्रोडक्शन की सभी सुविधाएं होंगी जो मनोरंजन के साथ युवाओं के लिए रोजगार का भी ठिकाना बनेगी।
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मेक इन इंडिया को मजबूत करेगा एमडीपी
भारत में उपचार की लागत को कम करने के लिए चिकित्सा उपकरणों को निर्माण देश में कर आत्मनिर्भरता के प्रयास हो रहे हैं। उत्तर भारत का इकलौता मेडिकल डिवाइस पार्क यीडा के सेक्टर 28 में साढ़े तीन सौ एकड़ में विकसित हो रहा है।
इसमें 101 इकाईयों के लिए भूखंड आवंटित हो चुके हैं। एक इकाई ने उत्पादन भी शुरू कर दिया है। इलेक्ट्रानिक्स आधारित चिकित्सा उपकरण कैंसर समेत गंभीर बीमारियों के उपचार खर्च को कम करने में अहम भूमिका निभाएगा।
एजुकेशन हब तैयार करेगा उद्योग के लिए पेशेवर
भारतीय मेधा दुनिया भर में अपनी योग्यता का डंका बजा चुकी है। यीडा में उद्योगों के लिए उच्च शिक्षित पेशेवर तैयार करने के लिए देश के नामचीन शिक्षण संस्थान अपना कदम रख चुके हैं। जेबीएम विश्वविद्यालय, नरसी मोंजी, फोर स्कूल समेत अमेरिकी यूनिवर्सिटी अपना कैंपस बनाने के लिए जमीन ले चुकी है।
जेबीएम विश्वविद्यालय में आगामी शिक्षण सत्र से दाखिला शुरू होने की उम्मीद है। सेक्टर 22 ई की एजूकेशन हब के रूप में पहचान स्थापित होगी, जो नोएडा, ग्रेटर नोएडा के बाद उच्च शिक्षा का बड़ा केंद्र होगी। देश दुनिया भर से छात्र यहां उच्च शिक्षा के लिए आएंगे।
खाद्य प्रसंस्करण उद्योग किसानों की भरेगा जेब
उद्योग के पैर मजबूत होने से किसानों की जेब भरने का रास्ता भी तैयार हो रहा है। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के जरिये किसानों की फल, सब्जी आदि के उत्पादन देश ही नहीं बल्कि वैश्विक बाजार तक पहुंचेंगे, जो सीधे किसानों को आर्थिक रूप से संपन्नता देंगे। पतंजलि के फूड पार्क के अलावा इनोवा फूड पार्क भी खाद्य प्रसंस्करण इकाई लगा रहे हैं।