सितंबर तक तैयार होगा नोएडा एयरपोर्ट का अंतरराष्ट्रीय टर्मिनल, दिसंबर से विदेशी उड़ानें शुरू होने की उम्मीद
नोएडा एयरपोर्ट का अंतरराष्ट्रीय टर्मिनल सितंबर तक तैयार हो जाएगा, जिसके बाद नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो की जांच के उपरांत साल के अंत तक विदेशी उड़ानें ...और पढ़ें

एआई जेनेरेटेड इमेज।
HighLights
अंतरराष्ट्रीय टर्मिनल का निर्माण सितंबर तक पूरा होने की उम्मीद।
नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो की जांच के बाद विदेशी उड़ानें शुरू।
दिसंबर से मध्य पूर्वी एशिया, आसियान देशों के लिए सेवाएं।
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। नोएडा एयरपोर्ट का अंतरराष्ट्रीय टर्मिनल का निर्माण सितंबर तक पूरा हो जाएगा। नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो की सुरक्षा को लेकर जांच और अनापत्ति के बाद साल के अंत तक विदेश के लिए विमान सेवा शुरू होने की संभावना है। मध्य पूर्वी एशिया और आसियान देशों के लिए अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर विशेष जोर होगा।
नोएडा एयरपोर्ट से घरेलू विमान सेवा 15 जून से शुरू हो चुकी हैं। बेंगलुरु, मुंबई, हैदराबाद समेत देश के कई शहरों के लिए इंडिगो और अकासा एयर विमान सेवा का संचालन कर रही हैं। लेकिन लोगों को एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय विमान सेवा शुरू होने का बेसब्री से इंतजार है।
आंतरिक साज सज्जा का काम जारी
एयरपोर्ट पर अंतरराष्ट्रीय टर्मिनल का निर्माण अभी जारी है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लि. के अधिकारियों के मुताबिक सिविल वर्क पूरा हो चुका है। आंतरिक साज सज्जा का काम चल रहा है। सितंबर अंत तक अंतरराष्ट्रीय टर्मिनल पूरी तरह से तैयार हो जाएगा, लेकिन विमान सेवा शुरू होने से पहले नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो सुरक्षा मानक को लेकर जांच करेगा।
उसकी अनापत्ति के बाद ही अंतरराष्ट्रीय विमान सेवा शुरू होेगी। घरेलू टर्मिनल के सुरक्षा मानकों को लेकर भी सुरक्षा ब्यूरो ने कई आपत्ति लगाई । इसके चलते 28 मार्च को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हाथों उद्घाटन के बाद यात्री सेवा 15 जून से शुरू हो पाई थीं।
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दिसंबर से अंतरराष्ट्रीय विमान सेवा शुरू होने की संभावना
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लि. के नोडल अफसर शैलेंद्र भाटिया का कहना है कि नोएडा एयरपोर्ट से दिसंबर में अंतरराष्ट्रीय विमान सेवा शुरू होने की संभावना है।
एयरपोर्ट का संचालन कर रही कंपनी यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रा. लि. को शुरूआत में मध्य पूर्वी एशिया और आसियान देश इंडोनेशिया, वियतनाम, लाओस, ब्रुनेई, थाईलैंड, म्यांमार, फिलीपींस, कंबोडिया, सिंगापुर और मलेशिया आदि को विमान सेवा के लिए प्राथमिकता देने का सुझाव दिया गया है। ताकि विमान कंपनियों को शुरुआत से एयरपोर्ट पर यात्रियों की अच्छी खासी संख्या मिल सके।