Noida Airport पहुंचना होगा आसान, नमो भारत-बुलेट ट्रेन और 3 एक्सप्रेसवे से मिलेगी मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे यह देश के चुनिंदा एयरपोर्ट्स में सबसे आगे होगा। इसमें सड़क, नमो भारत रैपिड रेल, बुलेट ...और पढ़ें

नोएडा एयरपोर्ट को मिलेगी मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी। (AI Generated Image)

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जागरण संवाददाता जेवर (ग्रेटर नोएडा)। एशिया के सबसे बड़्रे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को मल्टी माडल कनेक्टिविटी होगी। कुछ समय बाद नोएडा एयरपोर्ट एकीकृत कनेक्टिविटी देने वाले देश के चुनिंदा एयरपोर्ट में सबसे आगे होगा।
एयरपोर्ट पर सड़क, नमो भारत रैपिड रेल, बुलेट ट्रेन और रेल के अलावा गंगा,यमुना और दिल्ली-मंबई एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी होगी।
यात्रियों की सुगम यात्रा के लिए एयरपोर्ट ने प्रदेश परिवहन निगम के अलावा दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और देवभूमि उत्तराखंड राज्य परिवहन निगम से अंतरराज्यीय बस सेवा शुरू हो जाएगी। उत्तर भारत से आने वाले शिपमेंट के लिए अलग से स्पेशल कारिडोर कनेक्टिविटी देने वाला पहला एयरपोर्ट बन गया है।
सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा
केंद्र सरकार ने बजट पेश कर सात हाई स्पीड रेल कारिडोर बनाने की घोषणा की है, जिसमें से दिल्ली-वाराणसी 800 किमी का गलियारा नोएडा एयरपोर्ट से होकर गुजरेगा। इस कारिडोर से 21 मिनट में दिल्ली और मात्र 33 मिनट में आगरा पहुंच सकेंगे।
दिल्ली, गाजियाबाद और नोएडा एयरपोर्ट के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाने को 20,360.25 करोड़ रुपये की लागत से 72.44 किमी लंबी नमो भारत रैपिड रेल परियोजना 22 स्टेशनों के साथ प्रस्तावित है। दिल्ली मुंबई और दिल्ली हावड़ा रेल मार्ग को आपस में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट होते हुए कनेक्ट किया जाएगा।
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उत्तर मध्य रेलवे इसकी डीपीआर तैयार कर रहा है। इससे दोनों रूट पर यात्री व माल ढुलाई के लिए एयरपोर्ट जुड़ जाएगा। आर्बिटल रेल से भी नोएडा एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी प्रस्तावित है।
रोड कनेक्टिविटी पर खास फोकस
एयरपोर्ट यमुना एक्सप्रेसवे से सीधे और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से लिंक रोड के माध्यम से जुड़ा है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से 31 किमी लंबी लिंक रोड पर काम चल रहा है। यह लिंक रोड बल्लभगढ़ से शुरू होकर यमुना एक्सप्रेसवे इंटरचेंज से नोएडा एयरपोर्ट को जोड़ती है।
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ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से एयरपोर्ट को जोड़ने के लिए इंटरचेंज का निर्माण पूरा होने को है। यहां से मेरठ, गाजियाबाद समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश, सोनीपत, चंडीगढ़ से आने वालों की सीधे कनेक्टिविटी हो जाएगी।

गंगा एक्सप्रेसवे को यमुना एक्सप्रेसवे और एयरपोर्ट से जोड़ने के लिए बुलंदशहर के स्याना होकर 74.3 किमी लंबे छह-लेन लिंक ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे परियोजना पर तेजी से काम शुरू हो चुका है।
शिपमेंट के लिए स्पेशल कॉरिडोर
देश में कार्गो हब के लिए स्पेशल कारिडोर कनेक्टिविटी देने वाला नोएडा एयरपोर्ट पहला एयरपोर्ट बन चुका है। वर्तमान में पुराने बुलंदशहर मार्ग से अस्थायी कनेक्टिविटी शुरू की है।
जल्द ही एयरपोर्ट के उत्तर और पूर्व में 8.25 किमी लंबी 60 मीटर चौड़ी सड़क को भी कनेक्टिविटी से कोरिडोर बनाया जाएगा, जिसके बाद सीधे औद्योगिक और कृषि उत्पाद लेकर आने वाले शिपमेंट कार्गो हब पहुंच सकेंगे।
बसों से भी पहुंच सकेंगे यात्री
यात्री सस्ते किराये में सरकारी बसों से सुगम आवागमन कर सकें, इसके लिए उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और देवभूमि उत्तराखंड राज्य परिवहन निगम से अनुबंध किया है।
दिल्ली समेत एनसीआर के प्रमुख स्थानों से नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण मिलकर 500 इलेक्ट्रिक बसें चलाने जा रहे हैं। एयरपोर्ट से कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए एप-आधारित टैक्सी सेवा के लिए उबर, महिंद्रा लाजिस्टिक्स आदि से समझौता हुआ है।