नोएडा एयरपोर्ट पर गंगाघाट जैसी सीढ़ियां, 100 फीट की पेंटिंग; टर्मिनल में दिखेगी भारत की आध्यात्मिक विरासत
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट 28 मार्च को पीएम मोदी द्वारा उद्घाटन के बाद संचालन के लिए तैयार है। एयरपोर्ट पर पद्म श्री परेश मैती की 100 फीट लंबी 'जागृति' ...और पढ़ें

एयरपोर्ट पर काशी के गंगाघाट जैसी सीढ़ियां। फोटो: जागरण
HighLights
एयरपोर्ट पर परेश मैती की 100 फीट लंबी 'जागृति' पेंटिंग
पेंटिंग में काशी, ताजमहल, अयोध्या जैसे पवित्र स्थल
8000 पीतल की घंटियों से बना 'मिस्टिक अबोड' भी
मनोज कुमार शर्मा, जेवर। Noida International Airport का 28 मार्च को प्रधानमंत्री Narendra Modi के हाथों लोकार्पण के बाद संचालन को तैयार है। एयरपोर्ट को स्विस तकनीकि और देश की समृद्ध विरासत, सौंदर्यशास्त्र, प्राकृतिक सौंदर्य, वास्तुकला, कला, आध्यात्मिकता और इतिहास से जोड़ते हुए तैयार किया गया है।
एयरपोर्ट पर पद्म श्री से सम्मानित Paresh Maity की 100 फीट लंबी और 8 फीट ऊंचाई वाली पेंटिंग जागृति जो षडांग के सिद्धांत पर आधारित भारत की आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत को गैलरी में लगाया गया है। इस विशाल पेंटिंग में छह पेंटिंग जो गंगा, यमुना, सरस्वती और सरयू पवित्र नदी और उनके किनारों पर बसे ऐतिहासिक स्थलों से जुड़ी हैं।

काशी की आध्यात्मिकता को दर्शाती पहली पेंटिंग
शानदार पेंटिंग में सबसे पहले Varanasi (काशी) को दर्शाया है, जो विश्व के सबसे प्राचीन और ऐतिहासिक के साथ -साथ शांति और सुकून से भरपूर है, जिसमें भक्ति का भाव समाहित है, जो यात्रियों को काशी की पवित्रता का अनुभव कराती है। मंदिरों से सजे शांत घाटों के बीच एक अनूठी ऊर्जा से भरपूर आध्यात्मिक सौंदर्य इसे और आकर्षक बनाता है।
सारनाथ के सांची स्तूप और बुद्ध का पहला उपदेश
इसके बाद Sarnath के सांची स्तूप जहां बौद्ध धर्म की नींव रखी गई थी। Gautama Buddha ने ज्ञान प्राप्ति के बाद सादगी और वैराग्य के सिद्धांतों पर पहला उपदेश दिया था।
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ताजमहल की झलक भी पेंटिंग में
तीसरे नंबर पर प्रेम के प्रतीक विश्व के सात अजूबों में से एक Taj Mahal का दृश्य दर्शाया गया है। Agra में यमुना नदी के किनारे स्थित यह स्मारक एक अद्भुत वास्तुशिल्प कृति के रूप में मजबूती से खड़ा है।
मथुरा-वृंदावन और कुसुम सरोवर का चित्रण
चौथा नंबर पर Mathura और Vrindavan के कुसुम सरोवर को एक रमणीय परिदृश्य को चित्रित किया गया है। जो मथुरा और वृंदावन के बीच स्थित पवित्र Govardhan Hill पर स्थित एक पवित्र जल भंडार है।
अयोध्या और सरयू नदी का दृश्य
पांचवां नंबर पर पौराणिक कथाओं, आध्यात्मिकता और इतिहास से जुड़ी Ayodhya जहां भगवान राम का जन्म हुआ ऐतिहासिक महत्व से भरपूर Sarayu River के किनारे स्थित है।

महाकुंभ की ऊर्जा को दर्शाती पेंटिंग
अंत में विश्व के सबसे बड़ी हिंदू तीर्थयात्रा जो आध्यात्मिक मुक्ति की ओर ले जाती है और दुनिया भर से लोगों को आकर्षित करतेे Kumbh Mela की जीवंत ऊर्जा को दर्शाता है। सभी पेंटिंग में सुबह का प्रकाश सूर्योदय एक नए दिन की शुरुआत और संपूर्ण कलाकृति में व्याप्त गहन आध्यात्मिक जागृति दोनों का प्रतीक है।

पीतल की घंटियों से बना मिस्टिक अबोड
सामाजिक दुविधाओं से भरी समकालीन विश्व स्थिति में लोगों को रोजमर्रा की भागदौड़ में शांति की तलाश है। एयरपोर्ट के वेटिंग लाज एरिया में आठ हजार पीतल की घंटियों से बनी परेश मैती द्वारा तैयार शानदार झोंपड़ी नुमा कलाकृति तैयार की गई है। यात्री इस झोंपड़ी में प्रवेश करके शांति और आंतरिक सुकून का अनुभव कर सकते हैं, जो शहरी जीवन की हलचल में दुर्लभ है।