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    युवराज मेहता की मौत के बाद भी लापरवाही बरकरार, नोएडा में मौत के गड्ढे तैयार; बिल्डर-प्राधिकरण दोनों चुप

    Updated: Mon, 23 Mar 2026 10:59 PM (IST)

    नोएडा के सेक्टर-150 में युवराज मेहता की मौत के दो महीने बाद भी लापरवाही जारी है। जिस बेसमेंट के गड्ढे में उनकी डूबकर मौत हुई थी, वह अभी भी पानी से भरा ...और पढ़ें

    प्राधिकरण की ओर से प्लाॅट में भरे पानी को एक माह के भीतर निकालने के लिए नोटिस जारी हुए। बिल्डरों की ओर से इस पर कोई कार्य नहीं हुआ।

    प्राधिकरण की ओर से प्लाॅट में भरे पानी को एक माह के भीतर निकालने के लिए नोटिस जारी हुए। बिल्डरों की ओर से इस पर कोई कार्य नहीं हुआ।

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    संक्षेप में पढ़ें

    प्रवेंद्र सिंह सिकरवार, नोएडा। सेक्टर-150 में लापरवाही की भेंट चढ़े युवराज मेहता की मौत को दो महीने से अधिक समय बीत चुका है। बेसमेंट के लिए खोदे गए जिस प्लाॅट में युवराज की डूबकर माैत हुई थी उसमें पानी अभी तक भरा हुआ है।

    नोएडा की दो दर्जन से अधिक बिल्डर परियोजनाओं के 50 एकड़ से अधिक क्षेत्र के बेसमेंट में पानी भरा हुआ है। प्राधिकरण की ओर से प्लाॅट में भरे पानी को एक माह के भीतर निकालने के लिए नोटिस जारी हुए। बिल्डरों की ओर से इस पर कोई कार्य नहीं हुआ। मौत के गड्ढे अभी भी पानी से भरे हुए हैं।

    नोटिस से आगे कोई कार्रवाई नहीं बढ़ सकी

    बता दें सेक्टर-150 में सीवर लाइन तो है लेकिन पानी के बाहर निकासी के इंतजाम नहीं हैं। कई भूखंड में पानी भरा हुआ है। यह स्थिति शहर में अन्य बिल्डर भूखंड में हैं। दो दर्जन से अधिक बिल्डर परियोजनाओं करीब 50 एकड़ क्षेत्र बेसमेंट के लिए खोदे गए प्लाॅट में पानी भरने से डूबा हुआ है।

    इसमें जेपी की विशटाउन परियोजना का एक बडा हिस्सा है। बिल्डरों ने पैसा लगाया, नियम तोड़े और परियोजना में कार्य बीच में रुक गया। प्राधिकरण की निगरानी ढीली पड़ गई। युवराज हादसे के बाद उम्मीद थी सख्ती कह की उम्मीद थी। नोटिस से आगे कोई कार्रवाई नहीं बढ़ सकी।

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    बेसमेंट में झरने की तरह गिरता है पानी

    वर्षा के दिनों में 20 से अधिक सोसायटियों के बेसमेंट में पानी झरने की तरह गिरता है। यहां पर विद्युत पैनल समेत अन्य बिजली उपकरण हैं। इस स्थिति में गंभीर हादसा हो सकता है। एक्सपेंशन ज्वाइंट खुले होने से यह समस्या तेजी से बढ़ रही है।

    "प्राधिकरण निर्माणाधीन परियोजनाओं का निरीक्षण नहीं करता है। अगर इसकी निगरानी की जाए तो मौत के गड्ढे तैयार ही नहीं हों।"

    -गौरव भदौरिया

    "युवराज की मौत के बाद सेक्टर-150 के सभी लोग एकजुट होकर लड़े। आखिर में बिल्डर और प्राधिकरण दोनों में से कोई अपनी जिम्मेदारी पूरी करने को तैयार नहीं है।"

    -अमन निझावन

    "बिल्डर ने अर्बटेक परियोजना के एक हिस्से को गड्ढा कर छोड़ दिया है। वर्षा में यहां पानी भरता है जहरीले जानवर सोसायटी में आते हैं।"

    -आशुतोष माथुर

    "सीईओ के निर्देश पर नोटिस जारी हुए थे। सभी बिल्डर और वर्क सर्किल से इस संबंध में जवाब मांगा गया है। जवाब अपेक्षित न मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।"

    -इंदु प्रकाश सिंह, ओएसडी नोएडा प्राधिकरण

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