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    10 वर्ष पूर्व हुए घोटाले में फंसे प्रयागराज के एडीओ पंचायत दोबारा निलंबित, करछना में थी तैनाती

    By Digital Desk Edited By: Brijesh Srivastava
    Updated: Fri, 03 Apr 2026 02:59 PM (GMT+05:30)

    प्रयागराज में 10 वर्ष पुराने घोटाले में फंसे करछना के एडीओ पंचायत को फिर निलंबित किए गए। वह पहले सैदाबाद के बढ़ौली गांव में ग्राम पंचायत अधिकारी थे। व ...और पढ़ें

    प्रयागराज के करछना में तैनात एडीओ पंचायत को निलंबित कर दिया गया है।

    प्रयागराज के करछना में तैनात एडीओ पंचायत को निलंबित कर दिया गया है।

    HighLights

    1. सैदाबाद के बढ़ौली गांव में वर्ष 2016-17 में हुआ था घपला, वहीं तैनात थे ग्राम पंचायत अधिकारी

    2. सरकारी कार्यों में लापरवाही व उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना पर डीएम ने संस्तुति की थी

    जागरण संवाददाता, प्रयागराज। यमुनापार के करछना में तैनात सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) दिनेश चंद्र पाठक को निलंबित कर दिया गया है। सरकारी कार्यों में लापरवाही और उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना पर डीएम ने इसकी संस्तुति की थी, जिसके बाद पंचायती राज निदेशक अमित कुमार सिंह ने यह कार्रवाई की। करीब 10 वर्ष पूर्व सैदाबाद में हुए एक घोटाले में पहले भी वह निलंबित हो चुके हैं। चार दिन तक जेल में भी रह चुके हैं।

     गांव में विकास कार्यों के नाम पर गबन हुआ था

    एडीओ पंचायत दिनेश चंद्र पाठक पहले इसी जनपद में ग्राम पंचायत अधिकारी के रूप में तैनात थे। वर्ष 2016-17 में उनकी तैनाती सैदाबाद ब्लाक के बढ़ौली गांव में थी। उसी दौरान गांव में विकास कार्यों के नाम पर 10,33,800 रुपये का गबन हुआ था। इसमें तत्कालीन ग्राम प्रधान ऊषा देवी व तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारी दिनेश चंद्र पाठक भी दोषी मिले थे। दोनों के खिलाफ हंडिया थाने में एफआइआर दर्ज कराई गई थी।

    ग्रामीणों ने डीएम से शिकायत की

    इसी मामले में अदालत ने 23 सितंबर 2023 को दिनेश चंद्र पाठक को जेल भेज दिया था। हालांकि 27 सितंबर 2023 को जेल से रिहा भी हो गए थे, लेकिन इसकी जानकारी उन्होंने कार्यालय में उपलब्ध नहीं कराई। इसी बीच उनकी तैनाती करछना में बतौर एडीओ पंचायत हो गई। घोटाले का मामला फिर भी चलता रहा। इसी बीच बढ़ौली गांव के रतीकांत दुबे आदि ग्रामीणों ने इस मामले को लेकर डीएम से शिकायत दर्ज कराई।

     योजनाओं के क्रियान्वयन मं भी लापरवाही बरती गई

    इसके अलावा करछना में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में भी लापरवाही बरती गई। डीपीआरओ की ओर से पिछले वर्ष दो बार एडीओ को नोटिस जारी की गई, लेकिन इस पर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। इसी को देखते हुए डीएम मनीष कुमार वर्मा ने पंचायती राज विभाग के निदेशक से एडीओ पंचायत के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की थी। निलंबित एडीओ पंचायत डीडी पंचायत वाराणसी से संबद्ध किया गया है। 

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    एडीओ पंचायत ने कहा- बेवजह फंसाया जा रहा

    आरोपित एडीओ पंचायत का कहना है कि पूर्व में यहां तैनात रहीं डीपीआरओ रेनू श्रीवास्तव की ओर से इस मामले की जांच कराई गई थी, जिसमें सारे आरोप निराधार मिले थे। इसी के बाद उन्हें बहाल किया गया था। बेवजह उन्हें फंसाया जा रहा है।

    करछना के एडीओ पंचायत को निलंबित किया गया : डीपीआरओ 

    डीपीआरओ रवि शंकर द्विवेदी का कहना है कि विभागीय कार्यों में लापरवाही व उच्चाधिकारियों के आदेशों की अनदेखी पर निदेशक पंचायती राज की ओर से करछना के एडीओ पंचायत को निलंबित किया गया है।

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