Budget 2026 : बजट में NCR को क्या मिला? आज रेलमंत्री वर्चुअल जारी करेंगे सूची, प्रयागराज में चौथी लाइन व कवच पर टिकी निगाहें
Budget 2026 बजट 2026-27 में भारतीय रेलवे के लिए 2,93,030 करोड़ रुपये के आवंटन के बाद, उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) को क्या मिला, यह आज स्पष्ट होगा। रेलमं ...और पढ़ें

Budget 2026 उत्तर मध्य रेलवे को बजट में क्या मिला, इसकी स्थिति आज शाम तक स्पष्ट हो जाएगी।
HighLights
संगम नगरी के लिए यह बजट अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है
अमृत भारत योजना से स्टेशनों का आधुनिक पुनर्विकास।
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। Budget 2026 केंद्रीय बजट 2026-27 में भारतीय रेलवे के लिए 2,93,030 करोड़ रुपये के ऐतिहासिक आवंटन के बाद अब उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) की झोली में क्या आया है, इसकी विस्तृत तस्वीर आज साफ हो जाएगी। रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव आज सोमवार शाम 4:30 बजे वर्चुअल माध्यम से उत्तर मध्य रेलवे के अधिकारियों और मीडिया से जुड़ेंगे। इस दौरान वे एनसीआर के लिए आवंटित बजट की विशिष्ट परियोजनाओं की सूची जारी करेंगे।
प्रयागराज के लिए बड़ी उम्मीदें
Budget 2026 प्रयागराज के लिहाज से यह बजट अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रेलमंत्री की इस घोषणा में प्रयागराज के लिए मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर मुहर लग सकती है। पहला चौथी लाइन का निर्माण- इसमें प्रयागराज में रेल यातायात के दबाव को कम करने के लिए चौथी लाइन के प्रस्ताव को बजट मिलने की प्रबल संभावना है। वहीं सुरक्षा कवच-रेल हादसों को रोकने के लिए स्वदेशी तकनीक 'कवच' के विस्तार हेतु भारी आवंटन की उम्मीद है, जिससे एनसीआर का रूट अधिक सुरक्षित होगा।
स्टेशन पुनर्विकास पर भी मिलेगा बजट
Budget 2026 स्टेशन पुनर्विकास के लिए बजट मिलेगा। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत प्रयागराज जंक्शन समेत मंडल के अन्य स्टेशनों के आधुनिक सुंदरीरण और यात्री सुविधाओं में तेजी आएगी। एनसीआर में 46 स्टेशनों का पुनर्विकास इस योजना के तहत चल रहा है। वहीं, दिल्ली-हावड़ा तीसरी लाइन के इस महत्वपूर्ण रूट के बचे हुए कार्यों को पूरा करने के लिए वित्तीय गति मिलेगी। खासकर प्रयागराज मंडल क्षेत्र से गुजरने वाली लाइन के लिए ।
देशभर में हाई-स्पीड गलियारों का जाल
Budget 2026 रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने स्पष्ट किया है कि सरकार का लक्ष्य रेलवे को 'विकसित भारत' की रीढ़ बनाना है। बजट की मुख्य विशेषताओं में शामिल हैं। सात नए हाई-स्पीड कारिडोर। दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड कारिडोर (जो प्रयागराज के निकट से गुजरेगा) के माध्यम से दिल्ली से वाराणसी की दूरी मात्र 3 घंटे 50 मिनट में तय की जा सकेगी। इसके साथ ही वाराणसी-सिलीगुड़ी कारिडोर से पूर्वी भारत की कनेक्टिविटी सुधरेगी।
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नया डेडिकेटेड फ्रेट कारिडोर
पश्चिम बंगाल के डंकुनी से गुजरात के सूरत तक 2,052 किलोमीटर लंबा नया माल ढुलाई कारिडोर बनेगा, जो उत्तर भारत के व्यापारिक मार्ग को नई मजबूती देगा। रिकार्ड सुरक्षा बजट इस बार आया है। रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था के लिए लगभग 1.20 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जो यात्रियों की सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
रेलवे बनेगा प्रदूषण मुक्त और हाई-टेक
मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, भारत में बनी रेलवे प्रणालियों की मांग अब अमेरिका और जर्मनी जैसे देशों में भी हो रही है। भारतीय रेलवे का 99.5% विद्युतीकरण पूरा हो चुका है, जिससे यह सड़क परिवहन की तुलना में 95% कम प्रदूषणकारी रह गया है। आज शाम होने वाली वर्चुअल प्रेस वार्ता के बाद स्पष्ट हो जाएगा कि उत्तर मध्य रेलवे के बुनियादी ढांचे और प्रयागराज के रेल नेटवर्क को इस रिकार्ड बजट से कितनी नई ऊंचाइयां मिलने वाली हैं।