जनगणना 2027 : कार-बाइक छोड़िए...यहां तो लोगों के पास साइकिल तक नहीं, हाथ में महंगा फोन पर दस्तावेज में नहीं दर्ज करा रहे
प्रयागराज में जनगणना के दौरान लोग अपनी संपत्ति का सही ब्योरा देने से कतरा रहे हैं, जिससे प्रगणकों को कठिनाई हो रही है। महंगे मोबाइल, कार और दो मंजिला ...और पढ़ें

प्रयागराज में अधिकांश लोग अपनी संपत्ति की प्रगणकों को सही जानकारी नहीं दे रहे हेँ।
HighLights
घर-घर जा रहे प्रगणकों के सवालों का सही जवाब देने में कतरा रहे हैं लोग
मकानों की गिनती के दौरान प्रगणकों को ऐसी ही परेशानी झेलनी पड़ रही
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। हाथ में महंगा मोबाइल, घर में वाई-फाई कनेक्शन है, मगर दस्तावेज में इसे दर्ज कराने को तैयार नहीं हैं। घर के बाहर बाइक और कार भी है मगर खुद की मानने से इन्कार कर रहे हैं। घर दो मंजिल का है मगर एक ही मंजिल का लिखवाने का जोर दे रहे हैं। जनगणना के तहत हो रहे मकानों की गिनती के दौरान प्रगणकों को इन्हीं सब कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
फर्श पर लगी टाइल्स, मार्बल की भी नहीं दे रहे जानकारी
जनगणना के प्रथम चरण में चल रहे मकानों की गिनती के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। घर-घर जा रहे प्रगणकों के सवालों का सही जवाब देने से लोग कतरा रहे हैं। खासतौर पर जिले में संपत्ति का ब्योरा देने में ज्यादातर लोग आनाकानी कर रहे हैं। यहां तक कि लोग घर में खड़ी कार और बाइक तक की जानकारी देने से बच रहे हैं।
नहीं बताना चाह रहे कि उनके पास क्या-क्या है?
यही वजह है कि लिखापढ़ी में कई मकानों में साइकिल तक नहीं है। ज्यादातर घरों में टीवी और इंटरनेट भी नहीं दर्शाया जा रहा है। यहां तक कि फर्श में लगी टाइल्स और मार्बल की भी जानकारी देने से कतरा रहे हैं। लोग यह कतई नहीं बताना चाह रहे हैं कि उनके पास क्या-क्या है।
सता रहा डर, कहीं संपत्ति जानकारी देंगे तो फंस न जाएं
शहर उत्तर विधानसभा क्षेत्र तथा पश्चिम और दक्षिण क्षेत्र में यह स्थिति ज्यादा है। वहीं कस्बाई क्षेत्रों, फूलपुर, हंडिया, सिरसा, भारतगंज, लालगोपालगंज, मऊआइमा, कोरांव, शंकरगढ़ में भी यही हालत है। दूसरी ओर गांवों में इस तरह की भ्रम की स्थित थोड़ा कम है। दरअसल, लोगों को यह डर सता रहा है कि वे चल और अचल संपत्ति की जानकारी देंगे तो कहीं फंस न जाएं। जनगणना के पहले चरण के तहत सात मई से 21 मई तक स्वगणना कराई गई, जिसमें 49 हजार लोगों ने सहभागिता की। इसके बाद 22 मई से मकानों की गणना शुरू हुई, जिसमें 15 हजार प्रगणक और पर्यवेक्षक लगाए गए हैं।
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'सभी सवालों का सही जवाब देना चाहिए'
सहायक निदेशक जनगणना जेके श्रीवास्तव का कहना है कि इस तरह की भ्रम की स्थिति नहीं होनी चाहिए। जनगणना में सभी सवालों का सही जवाब देना चाहिए। इसके आंकड़े कभी भी शेयर नहीं किए जाएंगे। इन आंकड़ों से नीति और योजनाएं बनेंगी।
जनगणना के तहत मकानों की गिनती का काम सभी हाउस लिस्टिंग ब्लाक (एचलबी) में तेजी से चल रहा है। कुल 11360 ब्लाक हैं, जिसमें 3070 ब्लाक नगर निगम क्षेत्र में तथा 8290 ब्लाक शेष जनपद में हैं। जिला में 595 तथा नगर निगम क्षेत्र में 92 ब्लाकों में सर्वे का कार्य पूरा हो गया है, जहां अब पर्यवेक्षक स्तर पर जांच हो रही है।
- विनीता सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व तथा जिला जनगणना अधिकारी