UP के परिषदीय स्कूलों में प्राथमिक चिकित्सा किट रखना अनिवार्य, दवाओं की खरीद कंपोजिट ग्रांट से की जाएगी
यूपी के सभी परिषदीय स्कूलों में प्राथमिक चिकित्सा किट रखना अनिवार्य कर दिया गया है, जिसकी खरीद कंपोजिट ग्रांट से की जाएगी। दवाओं के साथ-साथ अन्य आवश्य ...और पढ़ें

उत्तर प्रदेश के परिषदीय स्कूलों को प्राथमिक चिकित्सा किट जरूर रखना होगा।
HighLights
बिजली के खराब पड़े उपकरणों को कंपोजिट ग्रांट से ठीक कराने का निर्देश
विद्यालयों के स्मार्ट कक्षाओं और आइसीटी लैब में लगाना होगा डबल इंटरलाकिंग
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। यूपी के सभी परिषदीय स्कूलों में प्राथमिक चिकित्सा किट रखना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके तहत टैबलेट ओफ्लोक्सासिन 100 मिग्रा, सिरप पेरासिटामाल, सिरप ऑनडेम, सिरप मैट्रोजिल, सिरप डाइसाइक्लोमाइन, बेटाडीन ऑइंटमेंट (मलहम), काटन (रूई), गाज (जालीदार कपड़ा) और बैंडेज (पट्टी), बैंडएड, डिक्लोफेनाक जेल आइंटमेंट अवश्य रखना होगा। इस संबंध में महानिदेशक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं, उत्तर प्रदेश ने पूर्व में पत्र जारी किया था। अब इन दवाओं की खरीद कंपोजिट ग्रांट से की जाएगी।
स्कूल शिक्षा महानिदेशक का निर्देश
स्कूल शिक्षा महानिदेशक की ओर से जारी पत्र में निर्देशित किया गया है कि दवाएं विद्यालय में रखी जाएंगी लेकिन उन्हें देने से पूर्व एमबीबीएस चिकित्सक की सलाह ली जाए। इसके अतिरिक्त समय-समय पर आवश्यकता पड़ने वाली अन्य दवा व सामग्री, जैसे मेडिकल टेप, क्रैम्प बैंडेज, मरहम पट्टी, त्रिकोणीय बैंडेज, स्पिलिंट, टूर्निक्वेट, थर्मामीटर, कैची, दस्ताने, पेन रिलीवर टैबलेट, पेट दर्द एवं गैस की दवा, बरनाल, आंख पर लगाने वाली पैड, गरम पानी की बोतल, ब्लेड, बर्फ की थैली, एंटीसेप्टिक क्रीम इत्यादि का क्रय किया जाए।
विद्यालय में अग्निशमन यत्र के संदर्भ में भी निर्देश
प्रयागराज के बीएसए अनिल कुमार के अनुसार स्कूल की व्यवस्थाओं को कंपोजिट ग्रांट से ठीक कराना है। विद्यालय में अग्निशमन यत्र के संदर्भ में भी निर्देश मिले हैं। कहा गया है कि अग्निशमन यंत्र को नियमित रूप से जांचा जाए, जिससे आवश्यकता पड़ने पर इनका प्रयोग किया जा सके। यदि पूर्व से उपलब्ध अग्निशमन सिलेंडर निष्प्रयोज्य अवस्था में हो गया है तो नए यंत्र की खरीदे जाएं।