प्रयागराज में तहसीलों की दीवार पर दर्ज हुआ कंप्यूटराइज्ड खतौनी का रेट, आमजन को राहत; अब अधिक वसूली नहीं कर सकेंगे कर्मचारी
प्रयागराज की सभी तहसीलों में कंप्यूटराइज्ड खतौनी के निर्धारित शुल्क (15 रुपये) को दीवारों पर लिखवाया गया है। यह कदम कर्मचारियों द्वारा आम जनता से की ज ...और पढ़ें

प्रयागराज के सोरांव तहसील की दीवार पर चस्पा कंंप्यूटराइज्ड खतौनी की दर। जागरण
HighLights
खतौनी का 15 रुपये निर्धारित है शुल्क
कर्मचारी कर रहे थे 20-20 रुपये की वसूली
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। जनपद की सभी तहसीलों की दीवारों पर कंप्यूटराइज्ड खतौनी की दरें लिखवा दी गईं हैं। ऐसा इसलिए जिला प्रशासन ने किया ताकि काश्तकारों को इसकी जानकारी रहे। साथ ही तहसीलों के कर्मचारी आम जन से मनमानी वसूली नहीं कर सकें। अभी तक कर्मचारियों द्वारा लोगों से अतिरिक्त वसूली करने की शिकायतें मिल रही थीं।
कंप्यूटराइज्ड खतौनी निकाली जाती है
जिले की तहसीलों में कंप्यूटराइज्ड खतौनी निकाली जाती है। प्रति खतौनी 15 रुपये शुल्क निर्धारित है। खतौनी में पेज पांच से अधिक होने पर प्रति पेज एक रुपये शुल्क अतिरिक्त लेने का आदेश है। जबकि कर्मचारी ज्यादातर काश्तकारों से 20 रुपये प्रति खतौनी शुल्क वसूल रहे थे। सदर, सोरांव, बारा, हंडिया सहित लगभग सभी तहसीलों में यही हाल था।
दैनिक जागरण ने वसूली की खबर प्रकाशित की थी
हर साल लगभग 90 लाख खतौनियां निकाली जाती हैं। ऐसे में खतौनी के नाम पर होने वाली यह वसूली कितनी बड़ी है, इसका अंदाजा खुद ही लगाया जा सकता है। अफसर इस अवैध वसूली से अनजान बने थे। दैनिक जागरण ने एक मई के अंक में ‘खतौनी निकालने में 15 की जगह 20 रुपये की वसूली, अधिकारी अनभिज्ञ’ शीर्षक की खबर प्रकाशित की।
क्या कहते हैं मुख्य राजस्व अधिकारी?
समाचार को संज्ञान में लेने के बाद अधिकारी हरकत में आए। तहसीलों में खतौनी की दरें लिखवाई गईं। सीआरओ प्रभारी व मुख्य राजस्व अधिकारी संजय कुमार पांडेय ने बताया कि सभी तहसीलों में कंप्यूटराइज्ड खतौनी के लिए निर्धारित शुल्क ही वसूलने के निर्देश दिए गए हैं।